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‘ब्रेक्झिट’ समझौता नही हुआ तो ब्रिटेन में सेना तैनात करने की तैयारी – पांच हजार सैनिकों को तैयार रहने का आदेश

लंडंन – ‘ब्रेक्झिट’ के मुद्दे पर समझौता नही हुआ और ‘नो डील’ का विकल्प चुनने की नौबत आयी तो संभावित परिस्थिति का सामना करने के लिए लगभग पांच हजार सैनिक तैनात करने की योजना बनाई गई है। ‘ऑपरेशन टेम्परर’ नाम से तैयार की गई यह योजना तीन साल पहले तैयार की गई थी जिसे प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने अमल में लाने के संकेत दिए है। चार महीने पहले प्रसिद्ध हुए एक संभाषण में ब्रिटिश पुलिस दल ने ऐसे स्वरूप की तैयारी की पुष्टि करने का सामने आया था।

करार, लष्करी तैनाती, थेरेसा मे, Brexit, हिंसा, ब्रिटन, युरोपिय महासंघब्रिटन में ब्रेक्झिट के मुद्दे पर काफी अनिश्चितता निर्माण होने के साथ प्रधानमंत्री मे के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव होने की संभावना व्यक्त की गई है। उनके विरोध में लगभग ४० संसद सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किया है, ऐसा बताया जाता है। परंतु प्रधानमंत्री मे ने यह संभाव्यता नामंजूर करते हुऐ ब्रेक्झिट मुद्दे को मंजूरी मिलेगी ऐसा विश्वास व्यक्त किया है। मात्र उसी समय सभी प्रकार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन योजनाओं की तैयारी शुरू हो जाने की जानकारी ब्रिटिश प्रसारमाध्यम ने दी है।

ब्रिटन के सुरक्षा दल प्रमुख सर निक कार्टर ने सैन्य तैनाती की पुष्टि करते हुए ‘स्टँड बाय’ का आदेश दीया जाने का स्पष्ट किया है। लष्कर स्थानीय पुलिस तथा सुरक्षा प्रणालीयों को कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहयोग करेगा, यह भी उन्होंने स्पष्ट किया है। वर्तमान में ब्रिटन के १,२०० सैनिक २४ घंटों के लिए स्थायी रूप से सतर्क होने की जानकारी भी दी गई है। उसके अलावा आपातकालीन स्थिति में अतिरिक्त १० हजार सैनिक तुरंत तैनात हो सकते हैं, ऐसा सूत्रों ने कहा है।

ब्रिटन तथा यूरोपीय महासंघ में हुई सहमती के अनुसार, आने वाले छह महीनों में यानी मार्च २०१९ में ब्रिटन महासंघ से बाहर हो जाएगा। परंतु महासंघ छोड़ते समय कौन से अधिकार एवं प्रावधान होने चाहिए इस विषय पर ब्रिटन के राजनीतिक सर्कल में तीव्र आंतरिक संघर्ष शुरू है। जिस कारण महासंघ से बाहर निकलने के लिए निश्चित समय में समझौता होगा कि नहीं इस विषय पर अस्वस्थता निर्माण हो गई है।

ब्रिटिश पुलिस दल के ‘नॅशनल पुलिस को-ऑर्डिनेशन सेंटर’ ने, ब्रेक्झिट समझौता ना होने पर देश में किस प्रकार की स्थिति होगी इस संदर्भ में प्रस्तुत किए रिपोर्ट में अराजकता की चेतावनी दी थी। ब्रिटन २९ मार्च २०१९ को बाहर निकलने से पहले तीन महीने अथवा उसके बाद तीन महीने देश में बड़ी तादाद पर हिंसा और लूटमारी की घटनाओं तथा गुनहगारी में वृद्धि देखी जाएगी ऐसे संकेत रिपोर्ट में दिए गए थे।

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