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राष्ट्राध्यक्ष मॅक्रॉन के खिलाफ फ्रान्स में फिर ‘यलो वेस्टस्’ प्रदर्शन भडके – सात सौ से ज्यादा निदर्शनकारी गिरफ्तार

पॅरिस – फ्रेंच राष्ट्राध्यक्ष इमॅन्युअल मॅक्रॉन ने इंधन के कीमतों पर टैक्स बढाने के मामले में गर्दन झुकाने के बाद भी राजधानी पैरिस के साथ देश भर में शुरु ‘यलो वेस्टस्’ आंदोलन अभी तक खतम नही हुआ है| चौथे हफ्ते में राजधानी पैरिस के साथ देशभर में करीब १० हजार से अधिक प्रदर्शनकारि रास्ते पर उतर चुके है तथा मॅक्रॉन के इस्तीफे की मॉंग और भी तेज हो गयी है| इंधन टैक्स पर शुरु हुए देशव्यापी आंदोलन में अब शिक्षक, छात्र और पुलिस भी शामिल हो चुकी है और उसका प्रभाव और भी बढ रहा है, ऐसी चेतावनी विश्‍लेषकों ने दी है|

फ्रेंच राष्ट्राध्यक्ष मॅक्रॉन ने इंधन पर डाले टैक्स के बाद देशभर में उसपर कडी प्रतिक्रिया आयी थी| अक्तूबर महीने में देश के कई हिस्सों में विरोध शुरु होने के बाद नवंबर महीने में ‘यलो वेस्ट्स’ नाम आंदोलन ने सीधे राजधानी पैरिस पर हल्लाबोल किया था| शुरुआत में शांततापूर्ण तरीके से चल रहे इस प्रदर्शन पर मॅक्रॉन सरकार ने अनदेखी की| पर यह अनदेखी सरकार को महंगी पडी और आंदोलन का विस्तार हर हफ्ते बढता ही गया|

पिछले हफ्ते प्रदर्शनकारियों ने हिंसक रुप धारण करते हुए राजधानी पैरिस में बडी मात्रा में आग लगायी तथा तोडफोड की| देश के अलग हिस्सों में रास्ता रोको करते हुए यातायात और अन्य मार्ग बंद कर दिए गये| इस में से फ्रान्स के ऐतिहासिक वास्तू भी नही छुटी| इस हिंसाचार के चलते फ्रेंच सुरक्षायंत्रणाओं द्वारा की गयी कार्रवाई भी विवादास्पद साबित हुई| उसके बाद आपातकाल की धमकी देनेवाले मॅक्रॉन सरकार ने एक कदम पिछे लेते हुए इंधन पर लगाया टैक्स स्थगित करने का ऐलान किया|

इस फैसले के बाद फ्रान्स में चल रहे प्रदर्शन रुक जायेंगे यह बात ‘यलो वेस्ट्स’ आंदोलनकारियों ने गलत साबित कर दी| उल्टा उसका प्रभाव और भी बढते हुए चौथै हफ्ते में दिखायी दिया| इंधन के मसले पर शुरु प्रदर्शनों ने मॅक्रॉन सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन का रुप लिया| उस में शिक्षक, छात्र तथा पुलिस भी शामिल हुए है| इसी समय फ्रान्स सरकार ने सुरक्षायंत्रणा के बल पर आंदोलन दबाने के लिए जोरदार गतिविधियां शुरु कर दी है|

शनिवार के दिन राजधानी पैरिस के साथ अन्य हिस्सों मे चल रहे प्रदर्शन रोकने के लिए राष्ट्राध्यक्ष मॅक्रॉन ने करीब ९० हजार से ज्यादा जवान तैनात किए है| इस में राजधानी पैरिस में तैनात १० हजार से ज्यादा जवान शामिल है| शनिवार को सुरक्षादलों द्वारा आंदोलन करनेवाले प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी शुरु हो चुकी है तथा अब तक ७०० से ज्यादा लोगों को गिरफ्त में लिया गया है|

पर राष्ट्राध्यक्ष मॅक्रॉन द्वारा उठाये जा रहे कदम काफी नही है और उनकी नीति गलत है, ऐसा दावा विश्‍लेषकों द्वारा किया जा रहा है|

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