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धमकियों को नजरअंदाज करके अमरिकन राष्ट्राध्यक्ष ने किए तिब्बत से जुडे विधेयक पर हस्ताक्षर

वॉशिंगटन – चीन की चेतावनी एवं धमकियों की परवाह न करते हुए अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘रिसिप्रोकल एक्सेस टू तिबेट एक्ट २०१८’ विधेयक पर हस्ताक्षर किए हैं। इसकी वजह से इस विधेयक का कानून में रूपांतर हुआ है। इस कानून की वजह से अमरिकन नागरिकों को तिब्बत में प्रवेश देने से इन्कार करनेवाले चीनी अधिकारियों को अमरिका का वीजा नहीं मिल पाएगा। चीन ने इसका निषेध जताया है और इससे अमरिका एवं चीन के संबंधों पर विपरीत परिणाम होगा ऐसा धमकाया है।

Reciprocal Access bill, deny US citizens entry, Donald Trump, US-China relations, struggling to save religion, US, Hua Chunying१९५१ वर्ष में आक्रमण करके चीन ने तिब्बत कब्जे में लिया था। उसके बाद चीन ने तिब्बती जनता की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान मिटाने के लिए आक्रामक धारणा का स्वीकार किया था। तिब्बती जनता पर चीन के अत्याचार की बात दुनिया के सामने ना आए इसके लिए चीन ने तिब्बत पर कड़ा नियंत्रण रखा है। इसकी वजह से तिब्बत को भेंट देने की उम्मीद से जानेवाले अधिकतम विदेशी यात्रियों को चीन द्वारा प्रवेश से इन्कार किया जाता है। आज तक तिब्बत की यात्रा करने के लिए अमरिका के राजनैतिक अधिकारी, पत्रकार तथा विदेशी यात्रियों को चीन से इन्कार मिल रहा है।

कई विदेशी यात्रियों को तिब्बत में जाने की अनुमति दी, तो चीन की यंत्रणा उनके गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध जारी करती आ रही है। अमरिका में वास्तव करनेवाले मूल तिब्बती नागरिकों को भी चीन धार्मिक पर्यटन के हेतू भी तिब्बत में आने नहीं दे रहा।

चीन के इस धारणा के विरोध में ट्रम्प प्रशासन ने कड़ी भूमिका का स्वीकार करके ‘रिसिप्रोकल एक्सेस तिबेट एक्ट २०१८’ यह विधेयक अमरीकी संसद में प्रस्तुत किया था। अमरिका के सीनेट एवं हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव ने यह विधेयक मंजूर किया है और राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्पने इस विधेयक पर हस्ताक्षर किए हैं। अब इस विधेयक का कानून में रूपांतर हुआ है। आनेवाले समय में अमरिकन अधिकारी एवं नागरिकों को तथा पत्रकारों को वीजा से इन्कार करनेवाले चीन के अधिकारियों को आगे चलकर अमरिका का वीजा नहीं मिलेगा। इस वजह से तिब्बत के बारे में खबरें बाहर न आए, इसके लिए अथक प्रयत्न करनेवाले चीन को बहुत बड़ा झटका लग रहा है।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने अमरिका के इस निर्णय की वजह से दोनों देशों के संबंधों पर विपरीत परिणाम होंगे ऐसा सूचित किया है। पर अमरिका के इस कानून के दूरगामी परिणाम होंगे और चीन के जुल्मी प्रशासन से छुटकारा पाकर अपना धर्म एवं अपनी संस्कृति बचाने के लिए प्रयत्न कर रहे तिब्बत की जनता को इससे बहुत बड़ा दिलासा मिलने वाला है।

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