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‘प्रायव्हेट आर्मी’ तैनात करने से अफगानिस्तान प्रश्न का हल निकलेगा – ‘ब्लैकवॉटर’ के प्रमुख एरिक प्रिन्स

वॉशिंगटन – ‘अफगानिस्तान में दिर्घकाल से शुरू युद्ध खतम करने के लिए राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने अपनाई भूमिका के लिए हमारा पूरा समर्थन है। लेकिन, अफगानिस्तान से सेना की वापसी करके यह युद्ध खतम नही होगा। बल्कि, अफगानिस्तान में तैनात अमरिकी सैनिकों की जगह ठेका देकर हजारों सैनिक तैनात करके अमरिका को इस संकट से खूद को बचाना मुमकिन होगा’, यह प्रस्ताव ‘ब्लैकवॉटर’ इस प्रसिद्ध कंपनी के प्रमुख ‘एरिक प्रिन्स’ इन्होंने रखा है। इसके लिए प्रिन्स इन्होंने वियतनाम से प्रसिद्ध ‘सैगन’ की वापसी की याद दिलाई।

एक अरब समाचार चैनल को दिए मुलाकात में बोलते समय एरिक प्रिन्स इन्होंने राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इन्होंने अफगानिस्तान से सेना की वापसी करने संबंधी किए ऐलान पर अपना कहना रखा। ‘अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान इराक, अफगानिस्तान में लंबे समय तक शुरू युद्ध खतम करने का ऐलान किया था। काफी लंबे समय से चले यह युद्ध खतम करने की राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इनकी भूमिका को हमारा भी समर्थन है। लेकिन, युद्ध खतम करने के लिए अमरिका ने अफगानिस्तान से सेना की वापसी करना सही विकल्प नही होगा’, ऐसा प्रिन्स ने कहा है।

‘अमरिका ने अफगानिस्तान से वापसी की या नही, अफगानिस्तान की लष्करी सहायता हटाई तो इतिहास दोहराया जाएगा। वर्ष १९७५ में अमरिका ने वियतनाम के सैगन शहर से वापसी की थी तब हेलिकॉप्टर्स से अमरिकी सैनिक, राजनयिक अधिकारी और नागरिकों को वियतनाम से बाहर निकालने पर विवश हुआ था। वैसी ही खराब स्थिति अफगानिस्तान से वापसी पर भी होगी’, यह इशारा ब्लैकवॉटर के प्रमुख एरिक प्रिन्स इन्होंने दिया। साथ ही अफगानिस्तान से सेना की वापसी करने के बजाय राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प अन्य विकल्प का विचार करेग, ऐसा सुझाव प्रिन्स इन्होंने रखा है।

राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इन्होंने अफगानिस्तान की आतंकविरोधी कार्रवाई का नियंत्रण ठेकेदार लष्कर को दे, ऐसा प्रिन्स इन्होंने अरबी समाचार चैनल से बात करते समय कहा। फिलहाल अफगानिस्तान में तैनात नाटो के ५० हजार सैनिकों की वापसी करने पर उनकी जगह ठेके पर छह हजार सैनिक और अमरिका की ‘स्पेशल फोर्सेस’ के दो हजार सैनिकों को तैनात करे, यह प्रस्ताव प्रिन्स इन्होंने रखा। यह निर्णय किया तो हर वर्ष अफगान युद्ध पर हो रहा खर्च ३० अरब डॉलर्स से कम हो सकता है, यह दावा ब्लैकवॉटर के प्रमुख ने किया।

इस दौरान प्रिन्स इन्होंने अमरिका के भूतपूर्व राष्ट्राध्यक्ष बराक ओबामा इनकी सेना की वापसी करने के ऐलान की ओर राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इनका ध्यान आकर्षित किया। वर्ष २०१३ में अमरिका के उस समय के राष्ट्राध्यक्ष ओबामा इन्होंने अफगानिस्तान से ३४ हजार सैनिकों की वापसी करने का ऐलान किया था। उसके बाद अफगानिस्तान में तालिबान के हमलों में बढोतरी हुई थी, इसकी याद प्रिन्स इन्होंने दिलाई। इस वजह से राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प अफगानिस्तान से सेना की वापसी करने से पहले इस जगह पर ठेकेदार लष्कर तैनात करे, यह सुझाव प्रिन्स इन्होंने रखा है।

पेंटॅगॉन ने पिछले वर्ष प्रसिद्ध की जानकारी के नुसार अफगान युद्ध के लिए हरवर्ष ४५ अरब डॉलर्स खर्च हो रहे है। इस वजह से प्रिन्स इन्होंने रखा ठेकेदार लष्कर का सुझाव अमरिकी अर्थव्यवस्था पर बना भार कुछ तादाद में कम हो सकता है। इस दौरान कुछ सप्ताह पहले अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने अफगानिस्तान से सेना की वापसी करने का ऐलान किया था। लेकिन, उन्होंने इस वापसी का टाईम टेबल घोषित नही किया है। साथ ही अमरिकी रक्षा बलों को सेना वापसी के आदेश भी दिए नही है। तालिबान और अमरिका के बीच हो रही बातचीत की सफलता पर सेना की यह वापसी निर्भर थी। लेकिन, यह बातचीत विफल हुई है और तालिबान ने अमरिका की मांगे स्वीकारने से इन्कार करने की बात स्पष्ट हो रही है।

इसे कुछ घंटे नही हो रहे तभी एरिक प्रिन्स इन्होंने अफगानिस्तान के लिए अपनी ‘ब्लैकवॉटर्स’ की सेवा उपलब्ध होने का प्रस्ताव रखा। इसके पहले सीरिया से अमरिकी सेना की वापसी पर बोलते समय भी एरिक प्रिन्स इन्होंने ऐसा ही प्रस्ताव रखा था।

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