हॉंगकॉंग के रास्तों पर १७ लाख लोगों का प्रदर्शन – चीन विरोधी प्रदर्शनों में २५ प्रतिशत जनता शामिल

हॉंगकॉंग के रास्तों पर १७ लाख लोगों का प्रदर्शन – चीन विरोधी प्रदर्शनों में २५ प्रतिशत जनता शामिल

हॉंगकॉंग – ‘स्टँड विथ हॉंगकॉंग’, ‘फाईट फॉर फ्रीडम’ इन नारों के साथ प्रदर्शन करके हॉंगकॉंग के १७ लाख नागरिकों ने चीन की धमकियों के आगे झुकेंगे नही, यह संदेशा दिया है| चीन की निर्दयी कम्युनिस्ट हुकूमत की धमकियां, शेन्झेन में हुई सेना की तैनाती, पुलिसी कार्रवाई एवं माध्यमों से हो रहे जहरिले वक्तव्यों से हॉंगकॉंग में शुरू प्रदर्शनों पर किसी भी प्रकार का असर नही हुआ है, यही बात रविवार के दिन यहां पर हुए बडे प्रदर्शनों से स्पष्ट हुई है| हॉंगकॉंग पर होनेवाले चीन के आधिपत्य को ही इन प्रदर्शनों से बडा झटका लगा है|

पिछले दो महीनों से अधिक समय तक हॉंगकॉंग में चीन के विरोध में तीव्र प्रदर्शन शुरू है| इन प्रदर्शनों की शुरूआत चीन समर्थक प्रशासन ने किए निर्णय के विरोध में हुई है, फिर भी अब इसे अधिक व्यापक स्वरूप प्राप्त हुआ है एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर से भी इन प्रदर्शनों को बडा समर्थन प्राप्त हो रहा है| इस समर्थन का कारण आगे करके चीन की कम्युनिस्ट हुकूमत हॉंगकॉंग के प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकदे होने का आरोप लगातार कर रही है| चीन के माध्यम एवं विदेश विभाग ने अमरिका पर जाहीर तौर पर आलोचना करके वह हॉंगकॉंग से दूर रहे, यह सलाह भी दी है|

साथ ही दुसरी ओर हॉंगकॉंग की सुरक्षा यंत्रणा प्रदर्शनकारियों के विरोध में कडी कार्रवाई कर रही है| आंसु गैस और बैटन का बडा इस्तेमाल किया जा रहा है| अबतक हॉंगकॉंग के प्रदर्शनों में शामिल हुए करीबन ८०० लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें कारागृह में बंद किया गया है| इसी बीच हॉंगकॉंग का अपना लष्करी अड्डा प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार होने की धमकियां भी चीन ने दी है| इसके अलावा हॉंगकॉंग के निकट ‘शेन्झेन’ में चीन के अर्धसैनिक दप की टुकडीयां पहुंची है और सोशल मीडिया पर १० मीनिटों में हॉंगकॉंग में प्रवेश करने की धमकियां भी दी जा रही है|

चीन की हुकूमत लगातार बना रहा दबाव ठुकराकर हॉंगकॉंग की जनता ने रविवार के दिन अपने दृढ संकल्प का दर्शन दिखाया| हॉंगकॉंग हॉंगकॉंग के कुल ७० लाख नागरिकों में से १७ लाख लोग रविवार के अभूतपूर्व प्रदर्शनों में शामिल हुए थे| व्हिक्टोरिया पार्क में हुए प्रदर्शन यानी शहर के प्रतिशत लोगों ने चीन की हुकूमत के विरोध में डटकर खडे रहने का किया संकल्प है और इससे चीन के सियासी नेताओं को बडा झटका लगा है|

दो महीनों से भी ज्यादा समय तक लगातार चीन के फौलादी शिकंजे से डरे बिना रास्ते पर उतर कर अपना विरोध दिखाने का हॉंगकॉंग की जनता का इरादा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी खासी सनसनी निर्माण कर रहा है| अमरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, तैवान जैसे देशों से हॉंगकॉंग के प्रदर्शनों पर चीन के विरोध में पतिक्रिया प्राप्त हो रही है| हॉंगकॉंग के प्रदर्शनकारियों ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय को खुलेआम निवेदन करना शुरू किया है और दुनियाभर के प्रमुख माध्यमों में इन प्रदर्शनों की जानकारी देनेवाले इश्तेहार प्रसिद्ध होने की बात सामने आ चुकी है|

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