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इराक की नयी सरकार को प्रदर्शनकारियों की चेतावनी

बगदाद – ‘हमारीं माँगें पूरी करो, अन्यथा इराक के सभी शहरों में प्रदर्शन भड़क उठेंगे। ईरान के हाथ की कठपुतली होनेवाले प्रधानमंत्री कधीमी की सरकार को हम १० दिन की मोहलत दे रहे हैं’, ऐसी चेतावनी इराकी प्रदर्शनकारियों ने अपनी नयी सरकार को दी। साथ ही, इन प्रदर्शनकारियों ने ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरू अयातुल्ला खामेनी के विरोध में नारें भी लगाये। इराकस्थित ईरान से जुड़े गुटों ने इन प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की होने की जानकारी सामने आ रही है।

चार दिन पहले इराक में नयी सरकार स्थापित की गयी और ‘मुस्तफा अल-कधीमी’ को बतौर प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। इराकी संसद के साथ ही, ‘मुक्तदा अल-सद्र’, ‘हादी अमेरी’ इन प्रबल नेताओं के समर्थन के बाद कधीमी को चुना गया। लेकिन उसके कुछ ही घंटों बाद इराकी प्रदर्शनकारियों ने राजधानी बगदाद के ‘तेहरीर चौक’ में उतरकर कधीमी सरकार का निषेध किया। बगदाद की तरह ही बसरा, दिवानियाह, धी-कार, बाबिल, करबला, मयासान, वासित तथा अन्य शहरों में सरकारविरोधी प्रदर्शनों का प्रभाव फ़ैलता ही गया।

इससे पहले की सरकार की तरह कधीमी भी ईरान के हाथ की कठपुतली होने का आरोप इन प्रदर्शनकारियों ने किया। ‘कधीमी अपनी क़ाबिलियत साबित करें और उसके लिए इराकी जनता की माँगें मान्य करें। इसके लिए कधीमी को हम दस दिन की मोहलत दे रहे हैं। अग़र हमारी माँगें मान्य नहीं हुईं, तो सरकार को त्यागने की तैयारी रखें’, ऐसी चेतावनी प्रदर्शनकारियों के नेता ने दी। इराक में चुनाव लिये जायें और इस चुनाव के उम्मीदवारों पर किसी भी देश का प्रभाव ना हों, ऐसी आग्रही माँग ये प्रदर्शनकारी कर रहे हैं। इस समय कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुक्तदा अल-सद्र, हादी अमेरी तथा ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु आयातुल्ला खामेनी के ख़िलाफ़ ज़ोरदार नारें लगायें।

इराकी सुरक्षा रक्षकों ने बगदाद के प्रदर्शनकारियों पर टियरगैस की इस्तेमाल किया; वहीं, बसरा प्रांत में ईरान से जुड़े ‘पॉप्युलर मोबिलायझेशन फोर्सेस’ सशस्त्र गुट ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने ईरान से जुड़े गुटों पर हमले किये होने की और कार्यालयों को आग लगाने की घटनाएँ भी घटित हुईं हैं। इस संघर्ष में हुई जीवितहानि की जानकारी सामने आयी नहीं है। गत वर्ष के अक्तूबर महीने से इस माँग को लेकर इराक में सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन शुरू हैं। इन प्रदर्शनों में ६०० से अधिक लोगों की जानें गयीं हैं।

इसी बीच, इराक में हो रहें इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए ठेंठ ईरान ने हस्तक्षेप किया होने का आरोप हो रहा है। ईरान के रिव्होल्युशनरी गार्ड्स ने इराकस्थित सशस्त्र गुटों की सहायता से इन प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की होने के व्हिडियो भी प्रकाशित हुए थे।

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