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अमरिकी धमकियों को परमाणु हथियारों से प्रत्युत्तर देने की उत्तर कोरिया ने दी धमकी

प्योनग्यांग/वॉशिंग्टन – अमरीका से दी जा रही एटमी एवं उकसानेवाली धमकियों को परमाणु हथियारों से ही प्रत्युत्तर दिया जाएगा, ऐसी धमकी उत्तर कोरिया ने दी है। उत्तर कोरिया ने बातचीत के ज़रिये हल निकालने की काफ़ी कोशिश की, लेकिन ये सभी कोशिशें बेकार हुई हैं, यह दावा करके उत्तर कोरिया ने परमाणु हमले की धमकी दी है। कोरियन युद्ध को ७० वर्ष पूरे हो रहे हैं और तभी उत्तर कोरिया के नेतृत्व ने नयी धमकी देकर, इस क्षेत्र में दोबारा संघर्ष भड़कने के संकेत दिए हैं।

‘अमरीका से लगातार दी जा रहीं परमाणु धमकियों का अन्त हों, इसलिए उत्तर कोरिया की सरकार ने बातचीत के ज़रिये काफ़ी कोशिश की। इस दौरान उत्तर कोरिया ने आंतर्राष्ट्रीय कानून की भी सहायता ली। लेकिन ये सभी कोशिशें बेकार हुई हैं। अमरीका ने उत्तर कोरिया के विरोध में शत्रुता की नीति जारी रखीं। इससे अब उत्तर कोरिया के सामने दूसरा कोई भी विकल्प शेष नहीं रहा है और अमरीका की धमकियों को अब परमाणु हथियारों से ही प्रत्युत्तर मिलेगा, ऐसी धमकी उत्तर कोरिया ने दी है।

उत्तर कोरिया के विदेश विभाग ने जारी किए निवेदन में यह धमकी दी है, ऐसी जानकारी कोरियन माध्यमों ने साझा की है। इस निवेदन में अमरीका को रोकने के लिए उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों के भंड़ार में बढ़ोतरी करेगा, यह इशारा भी दिया गया हैं। उत्तर कोरिया की धमकी और परमाणु हथियारों के भंड़ार में बढ़ोतरी करने को लेकर दिए इशारे की वज़ह से कोरियन क्षेत्र में दोबारा संघर्ष शुरू होने की संभावना होने का दावा विश्‍लेषकों ने किया है।

पिछले हफ़्ते में ही, उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु हथियारों के भंड़ार में नई बढ़ोतरी करना शुरू किया है, ऐसी रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। युरोप के ‘सिप्री’ नामक अभ्यासगुट ने यह जानकारी प्रदान करते समय, उत्तर कोरिया ने १० नये परमाणु हथियारों का निर्माण किया है, ऐसा कहा था। कांगसोन में युरेनियम का संवर्धन कर रहे केंद्र में ये परमाणु हथियार छिपाए गए हैं, यह दावा ‘सिप्री’ ने किया। उत्तर कोरिया के भंड़ार में फिलहाल ३० से अधिक परमाणु हथियार होने की बात कही जाती है।

नए परमाणु हथियारों के निर्माण के साथ ही, उत्तर कोरिया ने नौसेना के कुछ खुफिया अड्डों का निर्माण किया है, ऐसा दावा भी किया गया था। जेकब बॉगल ने उपग्रहों से प्राप्त हुए फोटो के आधार पर यह जानकारी साझा की थी। उत्तर कोरिया के पूर्वीय तटवर्ती क्षेत्र में स्थित ‘सिंपो’ में इन अड्डों का निर्माण किया है। इन अड्डों पर युद्धपोत एवं पनडुब्बीयों की तैनाती करने की व्यवस्था की गई है, यह बात बॉगल ने अपने दावे में की थी। सिप्री की रिपोर्ट और नये अड्डों को लेकर सामने आए दावों की पृष्ठभूमि पर, उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियारों की धमकी देना ग़ौरतलब साबित होता है।

कुछ दिन पहले ही, उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जाँग उन की बहन किम यो जाँग ने, दक्षिण कोरिया को लष्करी कार्रवाई की धमकी दी थी। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ सभी स्तरों के संबंध तोड़ दिए थे। दक्षिण कोरिया की सीमा पर उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जाँग उन की लांच्छना करनेवाले बलून्स छोड़े जा रहे हैं और दक्षिण कोरियन सरकार इन गतिविधियों को रोकने में असफल हुई है, यह आरोप रखकर उत्तर कोरिया यह निर्णय किया था।

इसके बाद आक्रामक हुए उत्तर कोरिया ने, दो देशों के बीच राजनीतिक संबंध सुधारने के लिए निर्माण किया गया दफ़्तर भी बम विस्फोट करके ध्वस्त किया। उत्तर कोरिया ने अपने सैनिक, दक्षिण कोरिया की सीमा से जुड़े ‘डिमिलिटराईज्ड झोन’ में तैनात किए हैं, यह बात भी कही जा रही है।

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