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उइगरवंशियों पर जारी चीन के अत्याचारों के खिलाफ़ अमरीका और ब्रिटेन आक्रामक

वॉशिंग्टन/लंदन – चीन ने उइगरवंशी इस्लामधर्मियों पर शुरू किए अत्याचारों के खिलाफ़ अमरीका और ब्रिटेन ने आक्रामक भूमिका अपनाई है। ट्रम्प प्रशासन ने उइगरवंशियों को गुलाम के तौर पर इस्तेमाल कर रहे चीन के उत्पादनों की आयात पर प्रतिबंध लगाने के संकेत दिए हैं। तभी ब्रिटेन के १३० से  अधिक सांसदों ने चीन के राजदूत को खत लिखकर चीन की हुकूमत उइगरवंशियों का नरसंहार कर रही है, ऐसा कड़ा आरोप किया है। अमरीका और ब्रिटेन ने उठाए यह कदम चीन के खिलाफ राजनयिक संघर्ष अधिक तीव्र होने के संकेत दे रहे हैं।

अमरीका के कस्टम्स ऐण्ड बॉर्डर प्रोटेक्शन विभाग ने चीन के झिंजियांग प्रांत से आयात हो रहे कपास और टमाटर समेत अन्य उत्पादनों पर प्रतिबंध लगाने के संकेत दिए हैं। आयात पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है और अगले कुछ दिनों में इसका अधिकृत ऐलान किया जाएगा, यह जानकारी अधिकारियों ने साझा की। झिंजियांग प्रांत में हो रहे उत्पादनों के लिए चीन की कम्युनिस्ट हुकूमत उइगरवंशियों को गुलामों की तरह इस्तेमाल करती है, यह बात अब सामने आयी है। इस बात को ध्यान में रखकर कपास और टमाटर के साथ कुल सात प्रमुख उत्पादनों की चीन से आयात पर पाबंदी घोषित हो सकती है।

बीते कुछ महीनों में अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प और प्रशासन ने व्यापार, मानव अधिकारां समेत कई मुद्दों पर चीन की कम्युनिस्ट हुकूमत की घेराबंदी करने की कोशिश शुरू की हैं। उइगरवंशियों पर हो रहें अत्याचारों के खिलाफ़ भी ट्रम्प प्रशासन ने कई अहम निर्णय किए हैं। जून महीने में अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘उइगर ह्युमन राईटस्‌ एक्ट’ पर हस्ताक्षर किए थे। उइगरवंशियों से संबंधित इस कानून के तहत चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान हैं। इसके बाद जुलाई महीने में उइगरवंशियों को गुलामों की तरह इस्तेमाल कर रहीं चीन की ११ कंपनियों को अमरीका ने ‘ब्लैकलिस्ट’ किया है। इन कंपनियों में अमरीका की ऐपल, एमेज़ॉन, मायक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों को कच्चे सामान एवं उत्पादनों की आपूर्ति कर रही चीनी कंपनियों का समावेश है। बीते महीने में ही अमरीका ने झिंजियांग प्रोड़क्शन ऐण्ड कन्स्ट्रक्शन कोअर (एक्सपीसीसी) चीन की शासक कम्युनिस्ट पार्टी से संबंधित अर्धसैनिकी संगठन पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया गया था। अब उत्पादनों की आयात रोकने के संकेत देकर अमरीका ने चीन को नया झटका देने की तैयारी की हुई दिखाई देती है।

अमरीका के साथ ब्रिटेन में भी उइगरवंशियों के मुद्दे पर चीन के खिलाफ़ असंतोष बढ़ रहा हैं। ब्रिटेन की संसद में १३० से भी अधिक सांसदों ने ब्रिटेन स्थित चीनी राजदूत लिउ शाओमिंग के लिए कड़े शब्दों का खत लिखा हैं। इस खत में चीन की कम्युनिस्ट हुकूमत ने उइगरवंशी इस्लामधर्मियों पर जारी अत्याचारों पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की गई हैं। चीन की हुकूमत ने उइगरवंशियों का नरसंहार करना जारी रखा हैं, ऐसें आरोप भी ब्रिटिश सांसदों ने किया हैं के जारी अत्याचारों को कोई भी अनदेखा नहीं कर सकता और ब्रिटेन में स्थित चीन के राजदूत भी इन हरकतों की कड़े शब्दों में निंदा करें, ऐसी माँग सांसदों ने की है।

चीन बीते कुछ वर्षों से झिंजियांग प्रांत में इस्लामधर्मियों का उत्पीड़न हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसका संज्ञान लिया गया है। वर्ष २०१८ में संयुक्त राष्ट्रसंघ की एक रपट में चीन ने लगभग ११ लाख उइगरवंशियों को छल शिविरों में कैद कर रखा होने की बात का पर्दाफाश किया गया था। इस रपट के बाद पश्‍चिमी देशों ने उइगरवंशियों के मुद्दे पर चीन को लक्ष्य करना शुरू किया था और अमरीका एवं ब्रिटेन की कार्रवाई इसी का हिस्सा होने की बात दिख रही है।

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