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तैवान को ‘रिपर ड्रोन’ आपूर्ति करने पर अमरीका को प्रत्युत्तर मिलेगा – चीनी विदेश मंत्रालय की चेतावनी

वॉशिंग्टन/बीजिंग – चीन अब तैवान को धमकाने की तीव्रता बढ़ा रहा है और अमरीका ने भी तैवान के साथ सहयोग बढ़ाया है। इस रक्षा सहयोग के तहत अमरीका ने तैवान को गश्‍त एवं हमलावर ‘एमक्यू-८ रिपर ड्रोन’ की आपूर्ति करने का ऐलान किया है। इस वजह से बेचैन हुए चीन ने अमरीका को भी धमकाया है। अमरीका ने तैवान को हथियारों से सज्जित ड्रोन प्रदान करने के निर्णय से कदम पीछे नहीं लिए तो चीन अमरीका को आवश्‍यक और उचित प्रत्युत्तर देगा, यह इशारा चीन के विदेश मंत्रालय ने दिया है। यह इशारा देते समय चीन ने तैवान के समुद्री क्षेत्र के करीब ‘एम्फिबियस’ युद्धपोत तैनात करने की जानकारी सामने आ रही है।

‘रिपर ड्रोन’

तैवान की सुरक्षा के लिए प्रगत हथियारों की आपूर्ति करने का ऐलान अमरीका के विदेश मंत्रालय ने किया। राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने तैवान को ६० करोड़ डॉलर्स के ‘रिपर ड्रोन’ प्रदान करने का निर्णय किया हैं, यह बात अमरिकी विदेश मंत्रालय ने साझा की। इसमें हथियारों से सज्जित चार रिपर ड्रोन्स, गश्‍त और संपर्क के लिए आवश्‍यक यंत्रणा का समावेश भी होगा। अमरिकी राष्ट्रीय, आर्थिक और सुरक्षा संबंधित हितसंबंध सुरक्षित रखने के लिए तैवान को यह हथियार प्रदान करने की जानकारी अमरिकी विदेश मंत्रालय ने प्रदान की। तैवान ने इससे पहले ही गश्‍त ड्रोन का निर्माण किया है और कुछ हफ्ते पहले तैवान ने अमरीका के सामने हमलावर ‘एमक्यू-९ रिपर ड्रोन्स’ खरीदने का प्रस्ताव रखा था। इस पृष्ठभूमि पर अमरीका ने तैवान को यह ड्रोन्स प्रदान करने का निर्णय किया है।

‘रिपर ड्रोन’

अमरिकी विदेश मंत्रालय ने की इस घोषणा की वजह से बौखलाए हुए चीन ने अमरीका को धमकाया है। तैवान चीन का हिस्सा है और तैवान को हमलावर ड्रोन्स की आपूर्ति करके अमरीका चीन के अंदरुनि कारोबार में दखलअंदाजी कर रहा है और चीन की संप्रभुता और सुरक्षा संबंधित हितसंबंधों के लिए यह बात खतरनाक साबित होती है, यह आलोचना चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वैंग वेंबिन ने की। अमरीका-चीन संबंधों को नुकसान पहुँचाना नहीं है बल्कि, तैवान की खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता रखनी है तो अमरीका इन ड्रोन्स की तैवान को आपूर्ति ना करे। वरना चीन इस पर उचित और आवश्‍यक प्रत्युत्तर देगा, यह धमकी वेंबिन ने दी है। लगभग दो सप्ताह पहले भी अमरीका ने तैवान को हथियारों की सहायता करने के लिए दी हुई मंजूरी पर आपत्ति जताकर अमरीका को इशारा दिया था।

तैवान पर चीन का हमला होने की संभावना बढ़ने से अमरीका ने तैवान को प्रगत हथियारों से सज्जित करने की गति बढ़ाई है। बीते महीने से अमरीका ने तैवान को हार्पून एवं विध्वंसक विरोधी, हवां से ज़मीन पर हमला करनेवाले मिसाइल प्रदान करने का ऐलान किया है। साथ ही अमरिकी युद्धपोत और लड़ाकू विमानों की तैवान की सीमा में गश्‍त भी बढ़ाई है। चीन ने भी तैवान की दिशा में मिसाइल तैनात करके अपने इरादे स्पष्ट किए थे। तभी, बीते अक्तुबर में ही २५ बार तैवान की सीमा में अपने लड़ाकू विमान रवाना करके चीन ने तनाव निर्माण किया था। उससे भी पहले चीन ने तैवान पर कब्ज़ा करने के लिए युद्धाभ्यास का आयोजन भी किया था।

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