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सत्ता हथियाने के बाद म्यानमार के लष्कर ने दो सौ से भी अधिक लोगों की जान ली – लोकतंत्रवादी गुट की जानकारी

नेप्यितौ – म्यानमार की सत्ता हथियाने के बाद इस देश के लष्कर ने पिछले डेढ़ महीने की कालावधि में २०० से भी अधिक प्रदर्शनकारियों की जान ली होने की जानकारी लोकतंत्रवादी गुट ने साझा की। रविवार को एक दिन में म्यानमार के लष्कर ने ५० से भी अधिक लोगों को मार दिया था। उसके बाद भी कार्रवाई जारी ही होकर, पिछले ४८ घंटों में लगभग २० लोगों की मृत्यु हुई बताई जाती है। यह कार्रवाई जारी रहते ही, म्यानमार की प्रमुख लोकतंत्रवादी नेता आँग सॅन स्यू की को लक्ष्य किया जा रहा है। लष्कर ने उनपर भ्रष्टाचार के नए आरोप रखकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

म्यानमार की राजधानी नेप्यितौ समेत यांगून तथा मंडाले जैसे प्रमुख शहरों में लोकतंत्रवादी आंदोलन की धार अधिक तेज होती दिख रही है। शुरुआती दौर में शांतिपूर्वक जुलूस निकालनेवाले और लष्करी हुकूमत के खिलाफ नारे लगानेवाले प्रदर्शनकारियों ने लष्करी कार्रवाई का विरोध करने की शुरुआत की है। लष्करी टुकड़ियों को रोकने के लिए जगह-जगह पर रोड़े पैदा किए जा रहें होकर, प्रतिहमलों के लिए ‘स्लिंगशॉट’ का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। लष्कर ने तख्तापलट दिए लोकतंत्रवादी सरकार के नेताओं ने, प्रदर्शनकारियों से दिए जानेवाले प्रत्युत्तर का समर्थन किया है।

लोकतंत्रवादी प्रदर्शनकारियों को सभी स्तरों से मिलनेवाला समर्थन भी बढ़ता हुआ सामने आ रहा है। म्यानमार के प्रभावशाली धार्मिक संगठन ने लष्कर की कार्रवाई का तीव्र निषेध करनेवाला निवेदन जारी किया है। उसी समय, लष्करी कार्रवाई में जान गँवाए हुए प्रदर्शनकारियों के प्रति संवेदनाएँ भी ज़ाहिर कीं हैं। म्यानमार के लोकतंत्रवादी नेताओं ने विदेशी कंपनियों को खुला पत्र लिखा होकर, म्यानमार में निवेश तथा व्यवहार रोकने का आवाहन किया है। इन कंपनियों में म्यानमार के इंधन क्षेत्र की कंपनियों का समावेश है।

आग्नेय एशियाई देशों का संगठन होने वाले ‘आसियन’ पर दबाव भी बढ़ता हुआ सामने आ रहा है। ‘आसियन’ की सदस्य देश होनेवाले कुछ देशों के पूर्व नेताओं के एक गुट ने, संगठन की आलोचना करके, म्यानमार के संदर्भ में अधिक आक्रामक और आग्रही भूमिका अपनाने का आवाहन किया है। इंडोनेशिया, कंबोडिया, थायलंड इन जैसे देशों के नेताओं का समावेश होनेवाले इस गुट ने म्यानमार की लष्करी हुकूमत को लक्ष्य करनेवाले ‘टार्गेटेड सँक्शन्स’ यानी प्रतिबंध लगाने की माँग की है।

‘आसियन’ के संविधान में, सदस्य देशों के अंदरूनी कारोबार में दखलअंदाजी ना करें, ऐसा प्रावधान होने के कारण, म्यानमार में हुई लष्करी बगावत के बाद ‘आसियन’ ने सौम्य भूमिका अपनाई है। लेकिन म्यानमार में पिछले डेढ़ महीने से शुरू जारी खूँख्वार कार्रवाई की पृष्ठभूमि पर, अब इस संगठन पर दबाव बढ़ा दिख रहा है। संयुक्त राष्ट्र संगठन ने भी म्यानमार के मुद्दे पर कदम उठाने के संकेत दिए हैं। लष्कर द्वारा जारी कार्रवाई के संदर्भ में सबूत इकट्ठा किए जा रहे होकर, सब जानकारी ली जा रही है, ऐसा सूत्रों ने कहा।

इसी बीच, लोकतंत्रवादी प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलानेवाले म्यानमार के लष्कर ने देश की प्रमुख नेता आँग सॅन स्यू की को लक्ष्य किया है। स्यू की ने पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया होने का दावा लष्कर द्वारा किया गया है और उसके लिए एक उद्यमी का इकबालिया बयान जारी किया गया है। इस बयान के आधार पर स्यू की के विरोध में नया मुकदमा दायर करने की तैयारी शुरू हुई बताई जाती है।

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