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ईरान का परमाणु कार्यक्रम पुरी तरह से नष्ट करने की क्षमता इस्रायल रखता है – इस्रायल के वरिष्ठ अधिकारी का इशारा

तेल अवीव – ‘हमला करके ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से नष्ट करने की ताकत इस्रायल रखता है। यह ताकत प्राप्त करते समय इसका वास्तव में इस्तेमाल करने की तैयारी भी इस्रायल ने जुटाई थी’, ऐसी सख्त चेतावनी इस्रायल के ईरान विभाग के प्रमुख मेजर जनरल ताल कल्मन ने दी। परमाणु अस्त्र से सज्जित ईरान की तरह सीरिया, लेबनान और गाज़ा स्थित ईरान से जुड़े आतंकी संगठनों से भी इस्रायल की सुरक्षा के लिए खतरा होने का दावा मेजर जनरल कल्मन ने किया। इस खतरे के विरोध में लष्करी कार्रवाई का विकल्प इस्रायल के सामने हमेशा ही होता है, यह बात कल्मन ने स्पष्ट की।

ईरान और रणनीतिक स्तर पर चुनौतियों का सामना करने के लिए इस्रायल ने बीते वर्ष ‘स्ट्रैटेजी ऐण्ड थर्ड-सर्कल डायरेक्टरेट’ विभाग का गठन किया था। इस विभाग का ज़िम्मा मेजर जनरल ताल कल्मन को दिया गया है। ईरान के परमाणु प्रकल्प को लक्ष्य करने की योजना मेजर जनरल कल्मन ने इस्रायली विदेश मंत्रालय, गुप्तचर यंत्रणा ‘मोसाद’ और एटोमिक एनर्जी कमिशन के समन्वय से तैयार की है। क्षेत्रीय स्थिति के अनुसार इसमें समय-समय पर बदलाव करके यह योजना इस्रायल के नेतृत्व के सामने पेश होती है, यह जानकारी उन्होंने इस्रायली वृत्तसंस्था से बातचीत के दौरान दी।

‘ईरान संबंधित योजना पेश करते समय चार बातों का विचार करना होता है। इसमें ईरान की चरमपंथी हुकूमत की अहमियत ध्यान में रखना आवश्‍यक है क्योंकि, ईरान की यह चरमपंथी हुकूमत जब तक बनी रहती है तब तक इस्रायल की सुरक्षा के लिए हमेशा खतरा बना रहेगा। इसके बाद ईरान का परमाणु कार्यक्रम, इस देश की लष्करी ताकत और सबसे आखिर में इस क्षेत्र के देशों में ईरान ने बढ़ाए अपने प्रभाव को भी ध्यान में रखना होता है’, यह बात कल्मन ने स्पष्ट की।

अमरीका के उस समय के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने लगाए प्रतिबंधों के सामने ईरान की हुकूमत गिर पड़ेगी, ऐसी उम्मीद इस्रायल ने की थी। लेकिन, वह मुमकिन ना होने की बात मेजर जनरल कल्मन ने स्पष्ट की। इसी बीच ईरान का परमाणु कार्यक्रम नष्ट करने की ताकत और तैयारी इस्रायल ने प्राप्त की है, यह दावा इस्रायल के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। लेकिन, ईरान से खतरा काफी बड़ा है, इसका अहसास अपने देश को होने की बात मेजर जनरल कल्मन ने स्पष्ट की।

ईरान की लष्करी ताकत का विचार करते समय इस देश के टैंक, तोपें, लंबी दूरी के मिसाइल, रॉकेट्स, ड्रोन्स की गिनती करना उचित नहीं होगा क्योंकि, इस्रायल की सुरक्षा के लिए खतरा बने ईरान की लष्करी ताकत इस देश की सरहद तक सीमित नहीं है। ईरान की यह लष्करी ताकत इस्रायल की सीमा तक पहुँची है। सीरिया, लेबनान तक ईरान के मिसाइल, रॉकेट्स और सैनिक पहुँचे हैं और अगले दिनों में गाज़ा में भी ईरान की लष्करी ताकत पहुँच सकती है, ऐसा इशारा मेजर जनरल कल्मन ने दिया। लेकिन, अपनी सुरक्षा के लिए इस खतरे के विरोध में लष्करी कार्रवाई का विकल्प इस्रायल के सामने हमेशा से उपलब्ध रहा है, ऐसा अहम इशारा कल्मन ने दिया।

इसी बीच बीते तीस वर्षों में ईरान को परमाणु अस्त्रों से सज्जित होने से रोकने में इस्रायल को कामयाबी प्राप्त हुई है। लेकिन, अगले दौर में ईरान परमाणु अस्त्रों से सज्जित हुआ तो खाड़ी क्षेत्र में परमाणु अस्त्रों की स्पर्धा शुरू होगी। इस्रायल के पड़ोसी सौदी अरब, यूएई, इजिप्ट, तुर्की जैसे धनवान देश भी परमाणु अस्त्र के निर्माण की होड़ में उतरेंगे, यह दावा कल्मन ने किया।

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