भूमध्य समुद्र में तुर्की की उकसानेवाली गतिविधियां फिरसे शुरू – समुद्री मुहिम की अवधि बढ़ायी

अथेन्स/अंकारा – ‘एजियन सी’ के क्षेत्र में हुए भूकंप के बाद विश्‍व का ध्यान इस आपत्ति से हुए नुकसान पर केंद्रीत हुआ है और इसी बीच तुर्की ने अपनी उकसानेवाली गतिविधियां जारी रखी हैं। बीते महीने में तुर्की ने भूमध्य समुद्र में रवाना किए जहाज़ की मुहिम की अवधि ४ नवंबर के दिन खत्म होनी थी। लेकिन, अपनी विस्तारवादी एवं आक्रामक नीति से पीछे हटने से इन्कार करके तुर्की ने अपनी समुद्री मुहिम १४ नवंबर तक जारी रखने का ऐलान किया है। इस पर ग्रीस ने तीखी प्रतिक्रिया दर्ज़ की है और तुर्की की हरकतों की वजह से भूमध्य समुद्री क्षेत्र में बने तनाव में अधिक बढ़ोतरी हुई है, ऐसा इशारा ग्रीक विदेश मंत्रालय ने दिया है। मात्र, १० दिन पहले ही तुर्की की हरकतों की वजह से ग्रीस की नौसेना ने अलर्ट जारी किया था।

चिथावणीखोर कारवाया, उकसानेवाली गतिविधियां

अगस्त में तुर्की ने ‘नैवटेक्स अलर्ट’ जारी करके अपना ‘ओरूक रेईस’ नामक ‘रिसर्च शिप’ दो जहाज़ों के साथ भूमध्य समुद्री क्षेत्र में अनुसंधान के कार्य के उद्देश्‍य से रवाना किया था। उस समय भूमध्य समुद्र की शांति और स्थिरता के लिए खतरा निर्माण कर रही अवैध हरकतें तुर्की तुरंत रोक दे, यह इशारा ग्रीस ने दिया था। अमरीका के साथ यूरोपिय महासंघ और नाटो ने भी तुर्की की गतिविधियों पर नाराज़गी व्यक्त की थी। अमरीका और यूरोप ने ग्रीस का समर्थन करके तुर्की पर दबाव डालना शुरू किया था। इस वजह से सितंबर में तुर्की ने अपना जहाज़ भूमध्य समुद्री क्षेत्र से पीछे हटाकर ग्रीस के साथ चर्चा करना शुरू किया था। लेकिन, बीते महीने में तुर्की की नौसेना ने ‘नैवटेक्स अलर्ट’ जारी करके ‘ओरूक रेईस’ नामक अपना ‘रिसर्च शिप’, अतानान एवं सेंगीज हान नामक जहाज़ों के साथा ग्रीक के ‘कैस्टेलोरिजो’ नामक द्विप के करीब भेजा था। शुरू में यह जहाज़ २२ अक्तुबर तक सक्रिय रहेंगे, यह कह रहे तुर्की ने इस मुहिम का लगातार तीन बार विस्तार करके ग्रीस को फिरसे उकसाया है।

चिथावणीखोर कारवाया, उकसानेवाली गतिविधियां

बीते महीने में तुर्की का जहाज़ ग्रीक द्विप के तटीय क्षेत्र से मात्र १४ किलोमीटर दूरी पर पहुँचा था। मौजूदा स्थिति में यह जहाज़ ग्रीस के विशेष क्षेत्र से दूर है। लेकिन, यह जहाज़ इस क्षेत्र में घुसपैठ कर सकते हैं, यह दावा ग्रीक यंत्रणा कर रही है। इसी कारण अपने यह जहाज़ तुर्की फौरन पीछे हटाए, यह इशारा ग्रीक यंत्रणा दे रही है। ग्रीस के इस इशारे पर तुर्की ने प्रत्युत्तर दिया है और ग्रीस को हमारी मुहिम पर आपत्ति दर्ज़ करने का अधिकार ही नहीं है, इन शब्दों में धमकाया भी है। ग्रीस हमारे साथ बिना शर्त बातचीत शुरू करे, यह इशारा भी तुर्की ने दिया है।

बीते महीने में ग्रीस ने कुल ६० युद्धपोत और जहाज़ तुर्की की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए तैनात किए थे। तुर्की की लगातार हो रही उकसानेवाली हरकतें और ग्रीस ने सीधे संघर्ष करने के लिए की हुई तैयारी की वजह से नज़दिकी दौर में ग्रीस और तुर्की के बीच कभी भी संघर्ष की चिंगारी भडक सकती है, यह संकेत प्राप्त हो रहे हैं। दोनों देश आक्रामक भूमिका छोड़ने के लिए तैयार ना होने से यह चिंगारी युद्ध में तब्दील होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। ग्रीस और तुर्की दोनों नाटो के सदस्य देश हैं और इस वजह से इनके युद्ध से अधिक जटिल स्थिति निर्माण होने के संकेत प्राप्त हो रहे हैं।

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