कोरोना का उद्गम चीन की ‘लैब’ से ही हुआ – ऑस्ट्रेलियन पत्रकार शैरी मार्क्सन

कैनबेरा/बीजिंग – कोरोना की महामारी का फैलाव करनेवाले विषाणुओं का निर्माण चीन के वुहान लैब में ही हुआ है और यह दिखानेवाले पुख्ता सबूत उपलब्ध हैं, ऐसा गंभीर आरोप ऑस्ट्रेलिया के पत्रकार शैरी मार्क्सन ने लगाया। ‘एपोक टीवी’ को दिए गए साक्षात्कार के दौरान उन्होंने यह दावा करते हुए सितंबर २०१९ के दौरान कोरोना वायरस लैब से ‘लीक’ हुआ और इसके बाद चीनी हुकूमत ने इसे छुपाने का निर्णय किया, यह आरोप उन्होंने लगाया। ‘वुहान इन्स्टिट्यूट ऑफ वायरॉलॉजी’ के चीन की सेना से ताल्लुकात होने का बयान भी ऑस्ट्रेलियन पत्रकार ने इस दौरान किया।

शॅरी मार्क्सन, शैरी मार्क्सन

‘सितंबर २०१९ के दौरान ‘वुहान इन्स्टिट्यूट ऑफ वायरॉलॉजी’ को कोरोना वायरस ‘लीक’ होने की जानकारी प्राप्त हुई थी। इसके बाद चीनी हुकूमत ने इसे छुपाने का निर्णय किया। इससे संबंधित पुख्ता सबूत उपलब्ध हैं’, ऐसा मार्क्सन ने इस साक्षात्कार के दौरान कहा। वुहान लैब से जुड़े कई सबूत हमने अपनी लिखी किताब में पेश किए हैं। सितंबर में ही वर्णित इन्स्टिट्यूट में मौजूद २२ हज़ार विषाणुओं की जानकारी यकायक ‘ऑफलाईन’ की गई थी, इस ओर भी उन्होंने ध्यान आकर्षित किया। १२ सितंबर, २०१९ के बाद वुहान लैब की सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय हुआ और अतिरिक्त वैद्यकीय यंत्रणा भी खरीदी गई, यह बात शैरी मार्क्सन ने इस इस साक्षात्कार के दौरान सार्वजनिक की।

‘कोरोना की महामारी फैलने के बाद चीन की ‘पीपल्स लिबरेशन आर्मी’ के वरिष्ठ अधिकारी जनरल चेन वै को इस इन्स्टिट्यूट का ज़िम्मा दिया गया। लैब से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक ना करने के आदेश भी दिए गए। इसके बाद चीन की शासक कम्युनिस्ट हुकूमत ने जल्दबाजी में ‘बायो-सिक्युरिटी लॉ’ पारित किया। यह सभी बातें लैब से कोरोना वायरस लीक होने की ओर निदेश करनेवाले सबूत हैं’, यह दावा ऑस्ट्रेलियन पत्रकार ने किया।

ऑस्ट्रेलिया में खोज़ पत्रकार के तौर पर सक्रिय शैरी मार्क्सन की लिखी ‘व्हॉट रिअली हैपन्ड् इन वुहान’ नामक किताब हाल ही में प्रकाशित हुई है। कोरोना की महामारी की शुरूआत चीन की ‘वुहान लैब’ से ही होने की पूरी जानकारी देनावाली यह किताब एकमात्र साबित हुई है। वुहान लैब से जुड़े इन दावों पर ऑस्ट्रेलिया के समाचार चैनल ने एक वृत्तपट भी प्रदर्शित किया था।

शॅरी मार्क्सन, शैरी मार्क्सन

वर्ष २०१९ में कोरोना की महामारी शुरू होने के साथ ही चीन की इससे संबंधित भूमिका संदिग्ध रही है। अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों से बचने के लिए चीन ने कोरोना वायरस की जानकारी लगातार छुपाए रखी। साथ ही इसका उद्गम अन्य देशों में होने के फिजूल दावे भी किए। साथ ही कोरोना की महामारी पर बोल रहे चीनी वैज्ञानिकों की जुबान बंद की गई। इस वर्ष के शुरू में ‘वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन’ ने जारी की गई रपट में ‘वुहान लैब’ के संबंधों से इन्कार किया गया था। लेकिन, अमरीका के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने बीते वर्ष ही कोरोना वायरस का उद्गम चीन के वुहान लैब से ही होने का खुला आरोप लगाया था।

इसी बीच चीन में महामारी की तीव्रता फिर से बढ़ने के संकेत प्राप्त हो रहे हैं। चीनी हुकूमत का हिस्सा होनेवाली ‘स्टेट कौन्सिल’ ने प्रांतिय प्रशासनों के लिए दो नोटीस जारी किए हैं और इस पर ‘एक्स्ट्रा अर्जंट’ की मुहर भी लगाई गई है। इसी बीच कोरोना की महामारी के खिलाफ आपात्कालिन रिस्पान्स देने के लिए आवश्‍यक गतिविधियाँ करने के निदेश भी दिए गए है। इसी बीच तुरंत अतिरिक्त ‘क्वारंटाईन रूम्स’ का निर्माण करने के आदेश भी दिए गए हैं। फुजिआन जैसे प्रांत में इन सुविधाओं का निर्माण करने की गतिविधियाँ जारी होने की जानकारी सामने आयी है। इसके अलावा कोरोना की महामारी का फैलाव होने पर पुलिस और कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों का समावेश होनेवाली ‘कंट्रोल सिस्टम’ स्थापित करने का ज़िक्र भी इस नोटीस में किया गया है। ‘एपोक टाईम्स’ ने इससे संबंधित वृत्त जारी किया है।

बीते कुछ महीनों में चीन के अलग अलग हिस्से एवं शहरों में कोरोना का फिर से विस्फोट होने की जानकारी सामने आयी थी। इसे रोकने के लिए चीन ने संबंधित इलाकों में तुरंत ‘लॉकडाउन’ लगाया था। इसके बावजूद महामारी का फैलाव जारी होने की बात नए वृत्त से सामने आ रही है।

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