बायडेन प्रशासन ईरान के साथ अंतरिम समझौता करने की तैयारी में जुटा होने के दौरान ही अमरीका और इस्रायली रक्षा मंत्री की हुई चर्चा

ब्रुसेल्स – अमरिकी रक्षा मंत्री लॉईड ऑस्टिन और इस्रायल के रक्षा मंत्री योव गैलंट की गुरुवार को चर्चा हुई। ईरान से होने वाले खतरे और यूक्रेन युद्ध का मुद्दा इस चर्चा में सबसे उपर था। वहीं, पैलेस्टिनी राष्ट्राध्यक्ष के शुरू चीन दौरे पर भी इस दौरान चर्चा होने की संभावना बयान की जा रही है। बायडेन प्रशासन ईरान के साथ अंतरिम समझौता करने की तैयारी में होने की खबरें प्राप्त हो रही हैं। अमरीका-ईरान के इस ‘मिनी एग्रिमेंट’ को इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू की अनुमति होने के दावे अंतरराष्ट्रीय माध्यमों ने किए थे। लेकिन, कोई भी समझौता ईरान पर कार्रवाई करने से इस्रायल को रोक नहीं सकता, यह चेतावनी नेत्यान्याहू ने दी थी। इस पृष्ठभूमि पर अमरीका और इस्रायली रक्षा मंत्री की चर्चा हुई।

अंतरिम समझौता

पिछले महीने अमरीका और ईरान के प्रतिनिधि की ओमान में बैठक हुई। इस पहली अप्रत्यक्ष चर्चा में अमरीका ने ईरान के सामने अंतरिम समझौते का प्रस्ताव पेश किया, ऐसे दावे माध्यमों ने किए थे। बायडेन प्रशासन का यह समझौता मंजूर ना करने वाले ईरान ने वर्ष २०१५ का समझौता ही फिर से अपनाने की मांग की थी। लेकिन, बायडेन प्रशासन की कोशिशों के बाद ईरान अंतरिम समझौते के लिए तैयार होने का दावा किया जा रहा है। अमरीका ने प्रतिबंध शिथिल करना, कुर्क की हुई ईरान की अरबों डॉलर की संपत्ति मुक्त करना एवं अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग में दर्ज ईरान विरोधी शिकायत पीछे लेने की शर्त पर ईरान की हुकूमत ने इस समझौते के लिए हामी भरने की तैयारी दर्शाने की जानकारी सामने आ रही हैं।

ईरान के साथ अंतरिम समझौता करने की शुरू तैयारी की जानकारी इस्रायल से साझा करने का बयान बायडेन प्रशासन ने किया हैं। इस्रायल की अनुमति के बिना अमरीका ईरान के साथ अंतरिम समझौता करने के लिए तैयार नहीं हुई हैं, ऐसा दावा पश्चिमी माध्यम कर रहे हैं। लेकिन, इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू ने इस समझौते पर पुरी तरह से विरोधी भूमिका अपनाई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम परमाणु बम बनाने की ओर आगे बढ़ रहा हैं, ऐसी स्थिति में ईरान को परमाणु बम बनाने से रोकने के लिए इस्रायल यकिनन कार्रवाई करेगा और कोई भी समझौता इस्रायल को रोक नहीं सकता, ऐसी चेतावनी नेत्यान्याहू ने दी थी।

ऐसी स्थिति में ब्रुसेल्स में आयोजित नाटो की बैठक के दौरान अमरीका और इस्रायल के रक्षा मंत्री की चर्चा हुई। इस्रायल एवं खाड़ी की सुरक्षा को ईरान से होने वाले विभिन्न खतरों के विरोध में सहयोग जारी रखने पर अमरीका और इस्रायल के रक्षा मंत्री की सहमति हुई। परमाणु कार्यक्रम के साथ ही ईरान के मिसाइल कार्यक्रम एवं हथियारों की तस्करी के मुद्दे पर भी दोनों नेताओं की चर्चा होने की जानकारी इस्रायली माध्यम साझा कर रहे हैं। सीरिया, लेबनान, गाज़ापट्टी और वेस्ट बैंक में मौजूद आतंकवादी संगठनों को उकसाकर ईरान अब इस्रायल विरोधी कार्रवाई में लगा होने का आरोप रक्षा मंत्री गैलंट ने लगाया।

वहीं, इस्रायल की सुरक्षा के प्रति अमरीका प्रतिबद्ध हैं यह कहकर रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने इस्रायल के साथ किए गए युद्धाभ्यास की जानकारी प्रदान की। जनवरी महीने में अमरीका और इस्रायली सेना ने ‘ज्युपिटर ओक’ नामक युद्धाभ्यास किया। इसमें दोनों देशों के लगभग ८,००० सैनिक, १४२ लड़ाकू विमान, १२ विध्वंसक शामिल हुए थे, इसपर भी ऑस्टिन ने ध्यान आकर्षित किया।

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