पर्शियन खाड़ी के हितसंबंधों की सुरक्षा करने अमरीका होर्मुझ की ओर ‘एफ-३५’ विमान और विध्वंसक भेजेगी

वॉशिंग्टन – होर्मुझ की खाड़ी से यात्रा कर रहे विदेशी ईंधन टैंकर का अपहरण करने से ईरान को रोकने के लिए अमरीका ने इस क्षेत्र में अपनी तैनाती बढ़ाई हैं। होर्मुझ के लिए ‘एफ-१६’ विमानों का बेड़ा रवाना करने का ऐलान पेंटॅगान ने पहले किया था। लेकिन, अब पर्शियन खाड़ी में स्थित अमरिकी ‘सेंट्रल कमांड’ की सहायता के लिए अतिप्रगत स्टेल्थ ‘एफ-३५’ विमान और विध्वंसक रवाना होंगे, यह जानकारी पेंटॅगॉन ने प्रदान की। अमरीका ने अब तक अपने पांचवीं पीढ़ी के ‘एफ-३५’ विमान यूरोपिय देश और दक्षिण कोरिया में तैनात किए थे। लेकिन, पहली बार इन उन्नत विमानों को पर्शियन खाड़ी के लिए रवाना करके अमरीका ने ईरान को नई चेतावनी दी है, यह दावा किया जा रहा है।

पर्शियन खाड़ी

पिछले कुछ हफ्तों से होर्मुझ की खाड़ी में सफर कर रहे मालवाहक जहाज़ एवं इंधन टैंकर पर हमले होने की संख्या बढ़ी है। ईरान के रिवोल्युशनरी गार्डस्‌ और नौसेना के गश्ती पोत विदेशी जहाज़ों को लक्ष्य करके उनका अपहरण करने की हरकतों में लगे होने की बात स्पष्ट हुई है। होर्मुझ की खाड़ी के साथ ही पर्शियन और ओमान की खाड़ी में भी ईरान के रिवोल्युशनरी गार्डस्‌ ने कार्रवाई करने की खबरें प्रसिद्ध हुई थी। इस क्षेत्र में कुछ विदेशी जहाज़ों पर हुए ड्रोन हमलों के पीछे ईरान होने का आरोप लगाया गया था।

पिछले कुछ महीनों में ईरान ने जापान, दक्षिण कोरिया और नॉर्वे इन देशों के जहाज़ों का अपहरण किया था। इससे होर्मुझ की खाड़ी में हो रही ईंधन की यातायात को खतरा निर्माण होने की चर्चा शुरू हुई थी। इस संकिरे समुद्री क्षेत्र से विश्व की कल २० प्रतिशत ईंधन यातायात होती हैं। खाड़ी के उत्पाद एवं ईंधन सप्लाइ यूरोप समेत एशिया और अफ्रीकी देशों तक पहुंचाने के लिए होर्मुझ की खाड़ी से गुजरना पड़ता है। इस समुद्री क्षेत्र की घेराबंदी हुई तो दुनियाभर का व्यापार और ईंधन निर्यात बाधित हो सकती है।

ऐसी स्थिति में इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अमरीका ने ‘ए-१० बॉरथॉग’ विमान तैनात किए थे। पिछले हफ्ते होर्मुझ के लिए अमरीका ने ‘एफ१६’ तैनात करने का ऐलान भी किया था। इसके कुछ दिन बाद ही अमरीका ने ‘थॉमस हडनर’ विध्वंसक के साथ उन्नत लड़ाकू विमान ‘एफ-३५’ तैनात करने का ऐलान किया। अमरीका के मित्र और सहयोगी देश एवं इस समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा के लिए यह तैनाती होने का ऐलान रक्षा मंत्री लॉईड ऑस्टिन ने किया। इनमें से ‘एफ-३५’ की तैनाती सांकेतिक होने का दावा विश्लेषक कर रहे हैं।

‘एफ-३५’ युद्ध के लिए तैयार पांचवीं पीढ़ी के दुनिया के एक मात्र लड़ाकू विमान हैं। विस्फोटकों के साथ ध्वनि से पांच गुना तेज़ उड़ान भरने की क्षमता रखने वाले इन विमानों के ज़रिये शत्रु के ठिकानों को नष्ट करना मुमकिन हैं। यह विमान राड़ार को भी चकमा दे सकते हैं। पेंटॅगॉन ने पर्शियन खाड़ी के लिए इन विमानों की तैनाती का ऐलान करके ईरान को चेतावनी दी है, ऐसा विश्लेषकों का कहना है।

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