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ट्रम्प के विरोधकों द्वारा सोशल मीडिया पर नियंत्रण की तैय्यारी – निवेशक जॉर्ज सोरस के स्वयंसेवी संस्थाओ द्वारा अगुवाई

वॉशिंग्टन – अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प और अमरिकी माध्यमों में जोरदार लडाई शुरु है। कुछ दिन पहले राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प और उनके नीतियों के खिलाफ एक ही दिन में ३०० से अधिक अखबारों ने संपादकिय लेख प्रकाशित करते हुए अपनी एकता दिखायी थी। यह अखबार राजनीतिक उद्देश से प्रेरित है, ऐसा इल्जाम ट्रम्प द्वारा किया गया था। राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प और विरोधियों के बीच शुरु यह लडाई अब सोशल मीडिया तक पहुँच गयी है। ट्रम्प और दक्षिणपंथी गुट के प्रचार को रोक लगाने के लिए प्रसिद्ध निवेशक जॉर्ज सोरस की तरफ से पैसा दिये जानेवाले स्वयंसेवी संगठनों ने ‘सोशल मीडिया’ पर सेन्सॉरशिप थोपने का मामला सामने आया है।

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‘मीडिया मॅटर्स’ यह माध्यमों से जुडी संस्था के संस्थापक ‘डेव्हिड ब्रोक’ मे दक्षिणपंथी गुट का प्रचार और कथित ‘फेक न्यूज’ पर नियंत्रण पाने के लिए एक योजना तैय्यार की थी। सन २०१७ के जनवरी महीने में इस बारे में एक विस्तारित रिपोर्ट पेश की गयी थी। सबसे महत्त्वपूर्ण बाब यह है कि, सोशल मीडिया पर दक्षिणपंथी विचारधारा के गुट के प्रचार पर रोक लगाने के लिए सोशल मीडिया नियंत्रित करने के प्रस्ताव का इस में समावेश है। दक्षिणपंथी विचारधारा के गुट का प्रचार और कथित फेक न्यूज सोशल मीडिया का इस्तेमाल करनेवलों तक नही पहुँचे, इसलिए सोशल नेटवर्किंग साईट्स के अल्गोरिदम बदलना आवश्यक है, ऐसी सिफारिश ईस रिपोर्ट में है।

इस काम के लिए डेव्हिड ब्रोक की ‘मीडिया मॅटर्स’ के साथ ‘अमेरिकन ब्रिज’, सिटिझन्स फॉर रिस्पॉन्सिबिलीटी अँड एथिक्स इन वॉशिंग्टन’ (सीआरईडब्ल्यू) जैसे स्वयंसेवी संगठनों का भी समावेश होने की बात सामने आयी है। इस साल अमरिका में होनेवाले सिनेट के चुनाव और आनेवाले समय में आ रहें राष्ट्राध्यक्षपद के चुनाव में दक्षिणपंथी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करनेवाले राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प जैसे नेताओं को आक्रामक प्रचार अभियान चलाने में दिक्कत हो, ऐसे तरीके से सोशल मीडिया में आनेवाले प्रकरण नियंत्रित करने की जरुरत और उसकी योजना ४९ पन्नों के रिपोर्ट में दी गयी है।

यूरोपीय देशों के साथ अमरिका में जानेवाले शरणार्थियों का खुला समर्थन करनेवाले प्रसिद्ध निवेशक जॉर्ज सोरस इन स्वयंसेवी संस्थाओं को पैसा दे रहे है, ऐसी बात सामने आयी है। ‘द वॉशिंग्टन फ्री बिकन’ नामक संगठन ने ४९ पन्नों का यह रिपोर्ट प्रकाशित करते हुए खलबली मचा दी है। सबसे लोकतंत्रवादी माध्यम ऐसी इंटरनेट की पहचान धोखे में आने की बात इस खबर से स्पष्ट हो चुकी है। सोशल मीडिया के अग्रणी कंपनियों के विश्‍वासार्हता पर इस से शंका ली जा रही है। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर सबसे लोकप्रिय रहनेवाले कंपनी द्वारा किये गये फेरबदल पर भी सवाल खडे किये जा रहे है। राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प के प्रचार अभियान की जिम्मेदारी लेनेवाले ब्राड पार्स्केल ने इसके लिए, सोशल मीडिया पर अग्रणी रहे कंपनियों की कडी आलोचना की है।

आनेवाले समय में इस से जुडा विवाद और भी तेज होने की संभावना है। खास करके ट्रम्प के नीतियों को विरोध दर्शानेवाले उन्हे रोकने के लिए किसी भी रास्ते की सहायता ले रहे है, ऐसे इल्जामों को इस से और भी बल मिलेगा। साथ ही जॉर्ज सोरस यह धनवान निवेशक अपने नीतियों को विरोध दर्शानेवालों का सोशल मीडिया पर हो रहा प्रचार रोकने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं का इस्तेमाल कर रहे है, यह बात सामने आयी है। इसके बाद दक्षिणपंथी गुट द्वारा होनेवाला प्रचार और भी तेज होगा, ऐसे आसार दिख रहे है।

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