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अमरिकी ‘बॉन्ड’ की बिक्री करके अमरिका को आर्थिक झटका देने के लिए चीन की तैयारी

वॉशिंगटन – चीन के साथ व्यापार में अब तक हो रहा घाटा अमरिका इसके आगे सहन नही करेगा, यह अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने फिर एक बार स्पष्ट किया है | दोनों देशों में शुरू हुए व्यापार युद्ध की पृष्ठभुमि पर दोनों देशों में चर्चा का दौर समाप्त हो रहा था, तभी राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इन्होंने किया यह वक्तव्य ध्यान केंद्रीत करता है |  लेकिन, इस व्यापार युद्ध में अमरिका को झटका देने के लिए चीन ने भी कदम उठाना शुरू किया दिखाई दे रहा है | इसके लिए चीन ने अमरिकी ‘बॉन्ड’ में किए बडे निवेश का इस्तेमाल करने का निर्णय किया है |

अमरिकी ‘बॉन्ड’ में सबसे अधिक निवेश करनेवाला देश चीन ही है और चीन ने अब इन ‘बॉन्ड’ की बिक्री करने में जोर लगाया है| इसके नुसार पिछले कुछ महीनों में चीन ने अमरिकी बॉन्ड की बिक्री करने की तैयारी की है | चीन के भंडार में लगभग १.४ ट्रिलियन डॉलर्स के अमरिकी ‘बॉन्ड’ जमा थे| अब चीन ने अपने पास जमा अमरिकी बॉन्ड घटा कर १.१२ टिलियन डॉलर्स तक नीचे लाये है | यह निवेश तोडकर चीन ने अमरिका को वर्तमान में शुरू व्यापार युद्ध में हम आक्रामक कदम बढा सकते है, यह एहसास कराके देना शुरू किया है| अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इन्होंने चीन के उत्पादों पर लगाए करों में बढोतरी करने पर व्यापार युद्ध शुरू होने के बाद चीन ने अमरिकी ‘बॉन्ड’ में किए अपने निवेश का दाखिला देकर इसका इस्तेमाल शस्त्र के तौर पर करने की चेतावनी अमरिका को दी थी |

इस वजह से चीन ने पिछले कुछ महीनों से अमरिकी बॉन्ड में किया निवेश पीछे लेना, यह आम बात नही होती | बल्कि, यह चीन ने अमरिका के विरोध में इस्तेमाल किया आर्थिक हथियार ही साबित होता है, ऐसे संकेत प्राप्त हो रहे है | व्यापार युद्ध से ने अमरिका ने वापसी नही की और चीन की निर्यात को लक्ष्य करना जारी रखा तो, आनेवाले समय में चीन अमरिकी बॉन्ड की ब्रिक्री की तादाद बढाकर अमरिकी अर्थव्यवस्था के सामने चुनौती खडी किए बिना रहेगा नही| इस वजह से अमरिका और चीन के बीच शुरू व्यापार युद्ध और भी तेज हो सकता है |

चीन ने अमरिकी ‘बॉन्ड’ में किए निवेश को लेकर ऐसा आक्रामक निर्णय किया तो अमरिका के लिए भी ऐसे ही निर्णय करने का मार्ग खुला होगा, यह संदेसा इसके पहले ही अमरिका ने चीन दिया था| बल्कि, चीन के साथ व्यापार युद्ध शुरू करने से पहले ही ट्रम्प प्रशासन ने इसके लिए तैयारी रखी थी, ऐसे दावे हो रहे है | राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इन्होंने भी हालही में किए वक्तव्य से इसके संकेत प्राप्त हो रहे हा| आज तक चीन ने द्विपक्षीय व्यापार में अमरिका से सालाना ५०० अरब डॉलर्स का लाभ उठाया है| लेकिन, इसके आगे यह बर्दाश्त नही किया जाएगा, यह कहकर ट्रम्प इन्होंने चीन संबंधी नीति में बदलाव नही होगा, यह डटकर स्पष्ट किया है|

व्यापार युद्ध से बचने के लिए अमरिका और चीन में चर्चा हो रही है और इस चर्चा पर ट्रम्प इन्होंने संतुष्टि व्यक्त की है| लेकिन, अबतक इस चर्चा में हमें अपेक्षित प्रगति दिखाई नही दी है, यह भी ट्रम्प ने कहा है | यह चर्चा सफल साबित हुई तो इसके बाद का चित्र काफी अलग होगा, यह अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष ने कहा है| लेकिन, अबतक इस चर्चा में अमरिका को अपेक्षित निर्णय करने पर चीन तैयार नही है | अमरिकी ‘बॉन्ड’ की बिक्री करके चीन अमरिका के दबाव को प्रत्युत्तर दे रहा है| इसके पहले रशिया ने अमरिकी बॉन्ड में किया निवेश बडी मात्रा में कम करके अमरिका को झटका देने की कोशिश की थी |

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