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इटली के उप प्रधानमंत्री ‘डि मेओ’ ने फ्रान्स के ‘यलो वेस्ट’ प्रदर्शनकारियों से भेंट की – इस भेट से इटली एवं फ्रान्स में तनाव

पैरिस/रोम – इटली के उप प्रधानमंत्री एवं ‘फाईव्ह स्टार मुव्हमेंट’ के प्रमुख ‘लुईगी डि मेओ’ इन्होंने मंगलवार के दिन फ्रान्स के ‘यलो वेस्ट’ प्रदर्शनकारियों से भेंट की है| इटली में शरणार्थियों का विरोध कर रही दक्षिणी विचारधारा की सरकार सत्ता पर है और फ्रेन्च राष्ट्राध्यक्ष इमैन्युएल मैक्रौन इनके इस सरकार के साथ लगातार संघर्ष हुआ है| इस पृष्ठभूमि पर इटली के सत्तारूढ पक्ष के नेता ने मैक्रौन विरोधी प्रदर्शनकारियों से भेंट करना ध्यान आकर्षित कर रहा है| इस भेंट की वजह से फ्रान्स एवं इटली के बीच बना तनाव और भी बढने के संकेत विश्‍लेषकों ने दिए है|

फ्रान्स में राष्ट्राध्यक्ष मैक्रौन इनके विरोध में शुरू हुई ‘यलो वेस्ट’ प्रदर्शन लगातार तीन महीने शुरू है और अन्य युरोपीय देशों में भी इसका असर होता दिखाई दे रहा है| युरोपीय देशों में सत्तारूढ हुकूमत के साथ प्रमुख सियासी गुटों ने भी इसे समर्थन घोषित किया है और इटली इन्हीं में से प्रमुख देश के तौर पर जाना जाता है| इटली सरकार के अंतर्गत सुरक्षा मंत्री मैटिओ सैल्व्हिनी एवं उप प्रधानमंत्री ‘लुईगी डि मेओ’ इन्होंने ‘यलो वेस्ट’ प्रदर्शनों का शुरू से ही समर्थन किया था| लेकिन, सीधे फ्रान्स में जाकर प्रदर्शनकारियों से भेंट करना खलबली मचानेवाला साबित होता है|

मई महीने में युरोपीयन संसद का चुनाव होना है और ‘५ स्टार मुव्हमेंट’ के डि मेओ लेफ्टिस्ट विचारधारा के गुटों का गठबंधन तैयार करने की कोशिश कर रहे है| इसी के लिए डि मेओ इन्होंने युरोप की यात्रा शुरू की है और इसके तहेत उन्होंने मंगलवार के दिन फ्रान्स को भेंट दी| राजधानी पैरिस के निकट उन्होंने ‘यलो वेस्ट’ प्रदर्शनकारियों के नेता ‘क्रिस्तोफ शैलेन्कॉन’ एवं उनके सहयोगीयों से भेंट की| इस दौरान इटली के ‘५ स्टार मुव्हमेंट’ के प्रमुख नेता ‘अलेसांड्रो दि बाटिस्टा’ भी मौजूद थे|

‘युरोप में बदलाव की हवा आल्प्स की पर्वत श्रृंखला लांघकर आगे बढ रहे है| मै यही दोहराता हूं| बदलाव की हवा आल्प्स की पर्वत श्रृंखला लांघकर आगे बढी है, इन शब्दों में इटली के उप प्रधानमंत्री डि मेओ इन्होंने ‘यलो वेस्ट’ प्रदर्शनाकरियों की भेंट पर प्रतिक्रिया दर्ज की| साथ ही उन्होंने यह दावा किया है की, हमारे बीच कई मुद्दे एवं मूल्यों को लेकर समान भूमिका है| इसमें आम नागरिकों की सुरक्षा, सामाजिक हक, सीधे लोकतंत्र एवं पर्यावरण जैसे मुद्दों का समावेश होने की बात भी डि मेओ इन्होंने कही|

युरोप के शरणार्थियों से संबंधी भूमिका, अर्थव्यवस्था का प्रबंध एवं नियम, रशिया संबंधी नीति ऐसे कई मुद्दों पर इटली सरकार और फ्रान्स के मैक्रौन हुकूमत के बीच संघर्ष हुआ है| कुछ सप्ताह पहले इटली के नेताओं ने फ्रान्स को आफ्रीका की दारिद्य्रता के लिए जिम्मेदार कहा था| उसी समय लीबिया में उभरी समस्या को लेकर फ्रान्स की नीति गलत है, यह आरोप भी इटली के नेतृत्व ने किया था| अंतर्गत सुरक्षा मंत्री मैटिओ सैल्व्हिनी इन्होंने फ्रेन्च राष्ट्राध्यक्ष मैक्रौन यह युरोप में शरणार्थियों का स्वागत कर रहे स्थापित गुटों के नेता होने का भी दावा किया|

मैक्रौन इन्होंने भी इटली के सैल्व्हिनी और डि मेओ यह नेता अपने शत्रू है, यह कहकर हम संघर्ष के लिए तैयार होने का वादा किया था| मैक्रौन इनकी इस भूमिका पर इटली के उप प्रधानमंत्री डि मेओ इन्होंने उन्ही के देश में जाकर विरोधकों के साथ हाथ मिला कर तगडा जवाब दिया है, ऐसा ‘यलो वेस्ट’ से की भेंट से दिख रहा है| कुछ दिनों पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के पूर्व प्रमुख ने फ्रान्स में मैक्रौन इन्हें विरोध कर रहे ‘यलो वेस्ट’ इटली में सत्ता संभाल रहे है, ऐसा चौकानेवाला वक्तव्य किया था|

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