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अमरिका-इस्रायल-रशिया में सीरिया के मुद्दे पर सहमति; ईरान को लेकर मतभेद

जेरूसलम – दुनियाभर के माध्यम और विश्‍लेषकों का ध्यान केंद्रीत हुई अमरिका, इस्रायल और रशिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक सफल होने की जानकारी सामने आ रही है| संघर्ष से भरे सीरिया में शांति, स्थिरता और सुरक्षा स्थापित करने के मुद्दे पर इन तीनों देशों में सहमति होने का ऐलान इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू ने की है| साथ ही सीरिया में कोई भी विदेशी सैनिक नही रहेगा, इस्रायल ने रखी इस भूमिका पर भी रशिया ने समर्थन दिया है| लेकिन, ईरान के मुद्दे पर अमरिका और इस्रायल के रशिया के साथ मतभेद बरकरार रहने की बात इस बैठक के बाद स्पष्ट हुई|

खाडी क्षेत्र की गतिविधियां तेज हो रही है और ऐसे में अमरिका, इश्रायल और रशिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की विशेष बैठक इस्रायल की राजधानी जेरूसलम में हुई| अमरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार जॉन बोल्टन, इस्रायल के मिर बेन शबात और रशिया के निकोलाय पत्रूशेव्ह ने इस दौरान कुछ अहम मुद्दों पर बातचीत की| इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू ने इस बैठक में अहम भूमिका निभाई| सीरिया को लेकर इस्रायल ने रखी भूमिका के साथ अमरिका और रशिया ने सहमति दिखाई| सीरिया की सार्वभूमता, आजादी के मुद्दे पर इन तीनों देशों का एक ही उद्देश्य है, यह बात पत्रूशेव्ह ने कही|

सीरिया का इस्तेमाल युद्धभूमी के तौर पर इस्रायल पर हमलें करने के लिए नही होगा, इस मुद्दे पर भी इस बैठक में सकारात्मक निर्णय होने की जानकारी अमरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोल्ट ने दी| लेकिन, ईरान के मुद्दे पर अमरिका-इस्रायल और रशिया में मतभेद बरकरार रहने की जानकारी रशियन माध्यम दे रहे है|

ईरान से इस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा नही है, यह बात रशियाके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कही| लेकिन, सीरिया में बने ईरान के अड्डे इस्रायल की सुरक्षा के साथ ही खाडी क्षेत्र में शुरू ईरान की गतिविधियां अरब मित्रदेशों के लिए खतरा होने का मुद्दा अमरिका और इस्रायल के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने इस बैठक के दौरान उपस्थित किया|

अगले कुछ दिनों में जापान की ‘ओसाका’ में हो रही ‘जी-२०’ की बैठक को लेकर भी बोल्टन और पत्रूशेव्ह में बातचीत होने की जानकारी रशियन राष्ट्राध्यक्ष के प्रवक्ता दिमित्रि पेस्कोव्ह ने दी| अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प और रशियन राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन के बीच ‘जी-२०’ के दौरान होनेवाली बातचीत जेरूसलम में हुई बैठक में बातचीत में रहे मुद्दों के आधार पर ही होगी, ऐसा पेस्कोव्ह ने स्पष्ट किया|

अमरिका और इस्रायल लगातार ईरान से बना खतरा रेखांकित कर रहे है| ऐसे में रशियान ईरान पर लष्करी कार्रवाई हुई तो उसके भयंकर परीणाम होने का इशारा दिया है| चीन ने भी रशिया की तरह ही अपनी भूमिका रखकर ईरान को समर्थन दिया है|

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