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‘कोरोना व्हायरस’ की बिमारी के जरिए अमरिका डर फैला रही है – चीन का आरोप

बीजिंग – ‘वुहान कोरोना व्हायरस’ चीन के साथ दुनियाभर में फैल रहा है, इस पर सियासी विवाद शुरू हुआ है| वुहान में नियुक्त राजनयिक अफसरों को वापिस बुलवाकर और अपनी जनता को चीन में सफर करने से मनाई करके अमरिका घबराहट फैला रही है, यह आरोप चीन ने रखा है| साथ ही इस मोर्चे पर अमरिका से चीन को सहायता भी प्राप्त नही हो रही, यह शिकायत भी चीन ने की है| इस बिमारी की वजह से अबतक ३६० से भी अधिक लोगों की मौत हुई है और इससे चीन के पर्यटन, सिनेमा क्षेत्र समेत शेअर बाजार को कुल ६०० अरब डॉलर्स का नुकसान हुआ है|

पिछले वर्ष के आखिरी दिनों में चीन में ‘वुहान कोरोना व्हायरस’ की बिमारी फैलना शुरू हुआ था| अबतक इस बिमारी के मरिज अमरिका समेत कुल २५ देशों में देखे गए है| इस वजह से संबंधित देशों ने अलग अलग स्तर पर प्रावधान करना शुरू किया है और अमरिका ने इस मुद्दे व्यापक नीति अपनाने की बात सामने आयी है| ‘वुहान कोरोना व्हायरस’का स्रोत होनेवाले वुहान से अपने राजनयिक अफसर एवं नागरिकों को स्वदेश बुलाने का निर्णय करनेवाला अमरिका पहला देश साबित हुआ था|

इसके बाद अमरिका के विदेश विभाग ने अपने नागरिकों के लिए ‘डोन्ट ट्रैव्हल’ इन स्पष्ट शब्दों में चेतावनी जारी की थी| चीन के हुबेई फ्रांत से लौट रहे नागरिकों को अमरिका ने १४ दिनों के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र में रखने का ऐलान किया है| इसके अलावा अमरिका से किसी भी देश का नागरिक अगले दो हफ्तों के लिए चीन की यात्रा नही करेगा, यह आदेश भी जारी किया है| अमरिका के अधिकांश विमान कंपनियों ने चीन के लिए होनेवाली अपने विमानों की उडान अगली सूचना तक रद्द की है|

अमरिका ने एक के पीछे किए यह निर्णय अन्य देश भी दोहरा रहे है| इस वजह से ‘वुहान कोरोना व्हायरस’ की बिमारी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डर का माहौल तैयार होने के संकेत प्राप्त हो रहे है| इस वजह से चीन की हुकूमत में बेचैनी बनी है और उन्होंने अमरिका को लक्ष्य किया है|

‘अमरिका ने इस बिमारी के फैलने के बाद चीन को किसी भी तरह की सहायता प्रदान नही की है| बल्कि वुहान से अपने राजनयिक दफ्तर के कर्मचारी वापिस बुलाने का निर्णय सबसे पहले अमरिका ने ही किया| इसके बाद चीन के नागरिकों को अमरिका में प्रवेश देने से इन्कार करने का निर्णय भी अमरिका ने ही किया था| वैश्‍विक स्वास्थ्य संगठन ने इस प्रावधान की जरूरत ना होने की बात कही थी, फिर भी अमरिका ने यह निर्णय किए| इससे अमरिका डर का माहौत दुनिया भर में फैला रही है’, यह आरोप चीन के विदेश विभाग की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने किया है|

‘वुहान कोरोना व्हायरस’ की पृष्ठभूमि पर चीन संबंधि तैयार हुए माहौल का काफी बडा झटका चीन की अर्थव्यवस्था लगा है| इस बिमारी को फैलने से रोकने के लिए चीन ने कुछ शहरों में लॉकडाउन का निर्णय किया है और इससे पर्यटन, होटल एवं सिने जगत को बडा झटका लगा है| पिछले कुछ दिनों में इन क्षेत्रों को लगभग १७० अरब डालर्स का नुकसान होने की बात कही जा रही है| चीन में फैली इस बिमारी के कारण निवेशकों में भी डर का माहौल बना है और उन्हों ने चीन के शेअर बाजार से ४०० अरब डॉलर्स से भी अधिक रकम निकाली है|

चीन की इश बिमारी का झटका ईंधन क्षेत्र को भी लगा है| ऐसे में ईंधन की मांग प्रति दिन लगभग ३० लाख बैरल्स से कम हुई है| अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे कारोबार में इस व्यापार का हिस्सा लगभग २ प्रतिशत है और ९/११ के आतंकी हमले के बाद पहली बार ईंधन क्षेत्र को इतनी बडी मात्रा में झटका लगा है| सोमवार के दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन के दामों में भी गिरावट हुई है और इस दौरान यह दाम ५५ डॉलर्स से भी निचे गिरें| वर्ष २०२० के शुरू में मात्र एक महीने में ईंधन के दामों में १२ प्रतिशत से भी अधिक गिरावट हुई है और चीन जैसे देश में मांग में हुई गिरावट ही इसका प्रमुख कारण समझा जा रहा है|

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