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चीन के साथ संघर्ष करने के लिए अमरिका तैयार रहें – पेंटॅगॉन के वरिष्ठ अफसर का इशारा

वॉशिंग्टन – ‘अतिप्रगत हथियारों का निर्माण, मित्रदेशों के साथ बना सहयोग और अपने रक्षा दलों की कार्यक्षमता बढाकर चीन के साथ होनेवाले संघर्ष के लिए अमरिका तैयार रहें| अपने सामर्थ्य में बढोतरी करना अमरिका के लिए लंबी प्रक्रिया रहेगी| इसके लिए अमरिका ने तुरंत ही और चालाखी से कदम बढाना होगा| क्यों की चीन के साथ होनेवाले इस संघर्ष में अमरिका को मिलनेवाली चुनौती काफी भयंकर रहेगी’, ऐसी गंभीर चेतावनी पेंटॅगॉन के वरिष्ठ अधिकारी ‘छाड स्रागिया’ ने दी है|

चीन की ‘पिपल्स लिबरेशन आर्मी’ (पीएलए) प्रति दिन अधिक ही ताकतवर हो रही है| जागतिक महासत्ता होने की अपनी महत्वाकांक्षा के लिए चीन अपने लष्करी सामर्थ्य में बढोतरी कर रहा है| खास तौर पर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की लष्करी गतिविधियां काफी चिंताजनक होने की जानकारी पेंटॅगॉन में बने चीन विभाग के उपरक्षामंत्री छाड स्रागिया ने साझा की| अमरिकी कांग्रेस की ‘यूएस-चायना इकॉनॉमिक ऍण्ड सिक्युरिटी को-ऑपरेशन’ समिती के सामने बोलते समय स्रागिय ने चीन के कारण बढ रहे खतरे के बारे में चेतावनी दी|

  

चीन अपने लष्करी सामर्थ्य का विस्तार दुनियाभर में कर रहा है और रक्षादलों का आधुनिकीकरण अमरिका के हितसंबंधों को चुनौती देनेवाला होने का दावा स्रागिया ने किया| ऐसी स्थिति में अमरिका ने अतिप्रगत हथियारों का निर्माण करना जरूरी बना है| इसके लिए हायपरसोनिक मिसाईल, आर्टिफिशल इंटेलिजन्स, रोबोटस् और लेजर के हथियारों की अमरिका के लिए बडी जरूरत रहेगी, यह एहसास भी स्रागिया ने दिलाया है|

अपने हथियारों की तीव्रता बढाते समय अमरिका को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के मित्रदेशों के साथ बने संबंध और भी मजबूत करने होंगे, साथ ही नए सहयोगी देश बनाना जारी रखना होगा, यह निवेदन स्रागिया ने किया| इस सहयोग की वजह से अमरिका को बडा लाभ हो सकता है| अमरिका के ऐसे मोर्चे को चुनौती देना चीन के लिए कठिनाई होगी, यह दावा स्रागिया ने किया| साथ ही अमरिका के साथ बने लष्करी सहयोग से फिलिपाईन्स ने पीछे हटना अमरिका के लिए चौकानेवाला है| पर राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प की इंडो-पैसिफिक निती काफी स्पष्ट होने की बात स्रागिया ने कही है|

पेंटॅगॉन के वरिष्ठ अफसरों से यह चेतावनी दी जा रही है तभी, ‘साउथ चायना सी’ के क्षेत्र में चीन की गतिविधियां बढने लगी है| फिलिपाईन्स के समुद्री क्षेत्र के निकट चीन ने इससे पहले ही अपनी विध्वंसक तैनात की थी| अब चीन ने नतूना और पैरासेल द्विपों के नजदिकी क्षेत्र में अपनी गश्तीपोत तैनात किए है| चीन की नौसेना से जारी इन गतिविधियों पर मलेशिया और वियतनाम ने आलोचना करके अपने गश्तीपोत इस क्षेत्र की दिशा में भेजी है| इससे वर्णित समुद्री क्षेत्र में तनाव बना है|

‘साउथ चायना सी’ के क्षेत्र पर अपना सार्वभूम अधिकार होने का दावा चीन कर रहा है| पर, वियतनाम, फिलिपाईन्स, मलेशिया, तैवान इन आग्नेय एशियाई देशों ने चीन की इस दावेदारी को चुनौती दी है| अमरिका ने आग्नेय एशियाई देशों की इस भूमिका का समर्थन किया है और इस क्षेत्र में समुद्री एवं हवाई गश्त भी बढाई है| पिछले कुछ वर्षों में इस समुद्री क्षेत्र में चीन ने अमरिका एवं मित्रदेशों की युद्धपोत और विमानों को चुनौती देनेवाली हरकतें की थी| साथ ही अमरिकी युद्धपोतों को डुबोने की धमकियां भी चीन के लष्करी अफसरों ने दी थी|

इस पृष्ठभूमि पर छाड स्रागिया ने अमरिका को चीन के विरोध में युद्ध के लिए तैयार रहने संबंधित दिए इशारे की अहमियत बनी है|

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