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एक देश का सायबरहमला यह ऑस्ट्रेलिया की संप्रभुता का अपमान – पूर्व अधिकारी की चेतावनी

कॅनबेरा – ‘कोरोना महामारी की पृष्ठभूमि पर, दुनियाभर में दूसरे देशों की बौद्धिक संपत्ति चोरने की गतिविधियाँ शुरू हैं। अपनी अर्थव्यवस्था तथा उद्योग क्षेत्र अन्यों से आगे रहें, इसके लिए चोरी करने की हरक़तें शुरू हैं। यह बहुत ही घिनौनी बात होकर, जागतिक सहयोग की दृष्टि से उचित नहीं है। ऑस्ट्रेलिया पर हुए सायबरहमलों का हेतु रणनीतिक उद्देश्य पूरे करने के साथ साथ बौद्धिक संपत्ति की चोरी यह भी था। यह सायबरहमला ऑस्ट्रेलिया की संप्रभुता का अपमान साबित होता है’, ऐसी चेतावनी देश के पूर्व सायबर सुरक्षा सलाहकार अलिस्टर मॅकगिबन ने दी।

पिछले हफ़्ते ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने, देश की सरकारी, राजनीतिक एवं व्यवसायिक यंत्रणाओं पर सायबरहमलें बढ़े हैं, ऐसा घोषित किया था। इन सायबरहमलों के पीछे एक देश का हाथ होने के संकेत भी उन्होंने दिये थे। उसके बाद ऑस्ट्रेलियन माध्यम और अभ्यासगुटों ने, सायबरहमलों के पीछे चीन का ही हाथ होने का आरोप किया था। लेकिन चीन ने ये आरोप ठुकराये थे।

फिलहाल ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच का तनाव लगातार बढ़ता दिखायी दे रहा है। ऑस्ट्रेलिया के राजनीतिक दायरे के साथ ही, अन्य कई महत्त्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में चीन का प्रभाव बढ़ा होने की रिपोर्टस् जारी हुईं हैं। उसी समय, साऊथ चायना सी के साथ साथ इंडो-पॅसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती मग़रूरी, ‘५जी’ तथा मानवाधिकार, ऐसे कई मुद्दों पर भी ऑस्ट्रेलिया और चीन में बार बार बहस छिड़ी है। उसमें अब कोरोना महामारी का मुद्दा भी बढ़ा है और ऑस्ट्रेलियन नेतृत्व ने चीन के ख़िलाफ़ बहुत ही आक्रमक भूमिका अपनाई है।

अपने विरोध में भूमिका अपनानेवाले ऑस्ट्रेलियन नेतृत्व को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे, ऐसा चीन की हुक़ूमत ने बारबार धमकाया है। ऑस्ट्रेलिया पर का दबाव बढ़ाने के लिए चीन द्वारा आर्थिक तथा व्यापारी संबंधों के साथ ही सायबरहमलों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया की संसद, प्रधानमंत्री कार्यालय और अन्य अहम यंत्रणाओं पर हुए सायबरहमले के पीछे चीन का हाथ होने का ब्योरा ऑस्ट्रेलियन यंत्रणाओं ने दिया था। सायबरसुरक्षा क्षेत्र की कंपनियों और अभ्यासगुटों ने भी इसकी पुष्टि की थी।

इस पृष्ठभूमि पर, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सायबर सुरक्षा सलाहकार ने, दूसरे देश द्वारा हुआ सायबरहमला यह ठेंठ देश की संप्रभुता पर हमला है ऐसा बताकर, यह बहुत ही गंभीर और संवेदनशील विषय होने पर ग़ौर फ़रमाया है। पूर्व सलाहकार मॅकगिबन ने हालाँकि चीन का ठेंठ उल्लेख नहीं किया है, फिर भी उनकी बयान चीन की ओर ही निर्देश करनेवाला है, ऐसा दावा विश्लेषक कर रहे हैं।

पिछले महीने, चीन के लष्कर के साथ ताल्लुक रहनेवाले ‘नायकॉन’ इस हॅकर्स के गुट द्वारा, प्रगत ‘सायबरवेपन्स’ की सहायता से एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों पर सायबरहमलें किये जा रहे होने का दावा इस्रायली कंपनी ने किया था। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री कार्यालय पर हुए सायबरहमले के दौरान यह बात उजागर हुई, ऐसा ‘चेकपॉइंट’ इस इस्रायली कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था।

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