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‘ईरान-तुर्की-कतार-हमास’ इस्रायल के खिलाफ़ मोर्चा खोल सकते हैं – हमास के नेता का दावा

तेहरान – ‘इस्रायल हम सभी का समान शत्रु है और पैलेस्टिन के लिए हमास एवं तुर्की, ईरान और कतार एक हो सकते हैं। खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति देखें तो इस्रायल के खिलाफ़ मोर्चा बनाना आवश्‍यक हुआ है’, ऐसा आवाहन ईरान स्थित हमास के नेता ‘खालेद अल कदूमी’ ने किया। बीते महीने में इस्रायल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच द्विपक्षीय संबंध स्थापित हुए थे। इसका निषेध कर रहे ईरान, तुर्की, कतार का गुट इस क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकता है।

इस्रायल के शिष्टमंडल ने बीते सप्ताह में ‘यूएई’ का दौरा करने के बाद हमास के साथ ईरान, तुर्की और कतार के बीच बड़ी बेचैनी बढ़ी है। जल्द ही खाड़ी क्षेत्र के अन्य देश भी इस्रायल के साथ सहयोग स्थापित करेंगे, ऐसा दावा अमरीका कर रही है। इस पृष्ठभूमि पर हमास ने बीते दो सप्ताहों में खाड़ी क्षत्र के इस्रायल विरोधी देश और संगठनों से भेंट करना शुरू किया है। इस्रायल विरोधकों का एक बड़ा मोर्चा स्थापित करने के लिए हमास की कोशिश हो रही हैं, ऐसी चर्चा जारी है। ईरान के एक समाचार पत्र से की गई बातचीत के दौरान हमास का नेता ‘खालेद अल कदूमी’ ने इससे संबंधित जानकारी साझा की।

‘खाड़ी क्षेत्र के कारोबार में विदेशी हस्तक्षेप या किसी भी तरह का हमला रोकना हो तो हमास के साथ ईरान, तुर्की और कतार का मोर्चा तैयार होना आवश्‍यक है। इन तीनों देशों का सियासी और आर्थिक सहयोग इस क्षेत्र के हित में रहेगा’, यह दावा ईरान स्थित हमास के नेता ‘खालेद अल कदूमी’ ने किया है। साथ ही खालेद ने इस्रायल पर कड़ी आलोचना की है। अरब इस्लामी देशों में बगावत करवाके या अपनी सॉफ्ट पॉवर का इस्तेमाल करके इस क्षेत्र में अस्थिरता निर्माण की जा रही है। यही समय है, अब पैलेस्टिन के मुद्दे पर सहमत देशों ने एक होकर इस्रायल के खिलाफ मोर्चा खोलें’, ऐसा आवाहन कदूमी ने किया।

इस्रायल और यूएई के सहयोग के बाद बीते महिने में ही तुर्की ने हमास के नेताओं की बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने इस्रायल और यूएई का सहयोग अवैध है और इसे जल्द ही प्रत्युत्तर मिलेगा’, यह बयान किया था। तभी हमास के नेताओं ने बीते दो दिनों में ईरान में रोहानी सरकार के मंत्रियों से और लेबनान के हिज़बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्ला से चर्चा की थी। हमास और हिज़बुल्लाह की बैठक में इस्रायल के खिलाफ़ विश्‍वभर के चरमपंथी गुटों का मोर्चा तैयार करने का ऐलान दोनों गुटों के नेताओं ने किया था। इसकी वजह से बीते कुछ महीनों से खाड़ी क्षेत्र में दो बड़े गुट तैयार हुए हैं और इनमें सौदी अरब और अरब देशों का गुट एक ओर है और दूसरी ओर सौदी का नेतृत्व अस्वीकार करनेवाले तुर्की, ईरान और कतार का गुट बना है।

 

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