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तुर्की से मुकाबला करने के लिए ग्रीस की जोरदार तैयारी – रफायल विमानों के साथ १५ हज़ार सैनिकों की भर्ती

अथेन्स/इस्तंबूल – भूमध्य समुद्री क्षेत्र के अधिकारों के मुद्दों पर तुर्की से लगातार प्राप्त हो रही धमकियों की पृष्ठभूमि पर ग्रीस ने बड़ी मात्रा में रक्षा सिद्धता करने की तैयारी शुरू की है। रक्षा बलों को दुबारा व्यापक मात्रा में सज्जित करने का अवसर बना है, इन शब्दों में ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकीस ने रक्षाबलों की तैयारी बढ़ाने से संबंधित किए गए निर्णयों की जानकारी साझा की। इसके अनुसार ग्रीस १८ लड़ाकू ‘रफायल’ विमानों के साथ चार विध्वंसक, नौसेना के लिए हेलिकॉप्टर्स एवं मिसाइलें शीघ्रता में खरीद रहा है। साथ ही ग्रीस के रक्षाबलों में १५ हज़ार नए सैनिकों को भरती की जा रही है और देश में रक्षा क्षेत्र को अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। बीते सप्ताह में ग्रीस ने सात दशकों से ‘डिमिलिटराईज़्ड ज़ोन’ के तौर पर जाने जा रहे तुर्की के करीबी एक द्विप पर सेना की तैनाती करके अपने आक्रामक इरादे स्पष्ट किए थे।

भूमध्य समुद्री क्षेत्र में बड़ी मात्रा में र्इंधन के भंड़ार होने की बात अंतरराष्ट्रीय सर्वे से एवं रपटों से सामने आयी है। इस्रायल, ग्रीस, सायप्रस और तुर्की की समुद्री सीमा में यह भंड़ार मौजूद हैं और इनमें से अधिक से अधिक क्षेत्र पर कब्ज़ा करने के लिए तुर्की ने गतिविधियां शुरू की हैं। भूमध्य समुद्र में ग्रीस एवं सायप्रस के अधिकार क्षेत्र पर अपना ही हक होने का दावा तुर्की कर रहा है। अपना दावा मज़बूत करने के लिए तुर्की ने बीते वर्ष लीबिया के साथ एक समझौता भी किया था। इसके बाद पिछले महीने में तुर्की ने ‘नैवटेक्स अलर्ट’ जारी करके अपना ‘ओरूक रेईस’ नामक ‘रिसर्च शिप’ दो जहाज़ों के साथ भूमध्य समुद्री क्षेत्र में अनुसंधान के कार्य हेतु तैनात किया था।

इस मुद्दे पर ग्रीस के साथ यूरोपिय देशों ने किया आवाहन ठुकराकर तुर्की ने भूमध्य समुद्र में जबरन र्इंधन का खनन शुरू किया है। अपनी इस मुहिम के समर्थन के लिए तुर्की ने इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में रक्षा तैनाती की है। एक के बाद एक युद्धाभ्यास आयोजित करने में भी तुर्की जुटा है। तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने इतिहास के दाखिले देकर धमकाना भी शुरू किया है। भूमध्य समुद्र में तुर्की ने विध्वंसकों की तैनाती और साथ ही तुर्की के लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरने से इस समुद्री क्षेत्र में काफी तनाव बढ़ा है।

इस पृष्ठभूमि पर ग्रीस और फ्रान्स के साथ यूरोपिय देश भी आक्रामक हो रहे हैं, यह बात ग्रीस के प्रधानमंत्री के नए ऐलान से दिख रही है। प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकीस ने ग्रीस के रक्षाबलों का सामर्थ्य बढ़ाने के लिए स्वतंत्र कार्यक्रम हाथ में लेने का ऐलान किया। इसके तहत शुरू किए जा रहे उपक्रमों के माध्यम से ग्रीस के रक्षाबल देश की मज़बूत ढ़ाल बनेंगे, यह भरोसा ग्रीक प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया। १८ लड़ाकू रफायल विमानों के साथ चार विध्वंसक, हेलिकॉप्टर्स, एंटी टैंक वेपन्स, नेवी टोर्पेडोज्‌ और प्रगत मिसाईलें खरीदे जा रहे हैं। फ्रान्स के राष्ट्राध्यक्ष इमैन्युएल मैक्रॉन के साथ हुई चर्चा के बाद ग्रीस ने रक्षा सिद्धता से संबंधित ऐलान करने की बात कही जा रही है। नए हथियारों की खरीद के साथ ही रक्षाबलों का विस्तार भी किया जाएगा और इसके लिए १५ हज़ार नए सैनिकों का समावेश करने का कदम उठाया जा रहा है।

तुर्की को प्रत्युत्तर देने की तैयारी में ग्रीस और फ्रान्स जुटे होने के दौरान ही तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष ने एक बार फिरसे इन देशों को धमकाना शुरू किया है। ’मैक्रॉन आपको हमारी कई चुनौतियों का मुकाबला करना होगा। आप इतिहास का उचित ज्ञान नहीं रखते। आप तुर्की को मानवता के पाठ देने की कोशिश ना करें। आपके हाथ में अब ज्यादा समय नहीं बचा और आपका कार्यकाल अंतिम चरण में है। तुर्की या तुर्की की जनता से खेलने की कोशिश ना करें’, इन शब्दों में तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष रेसेप एर्दोगन ने फ्रेंच राष्ट्राध्यक्ष के नाम का ज़िक्र करके खुलेआम धमकी दी। तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष की इस धमकी के बाद अमरीका ने भी प्रत्युत्तर में बयान किया है।

तुर्की ने भूमध्य समुद्री क्षेत्र में शुरू की हुई गतिविधियां तीव्र चिंताजनक हैं। इस क्षेत्र में लष्करी तनाव में बढ़ोतरी हुई तो इसका लाभ शत्रु को हो सकता है। सुरक्षा एवं र्इंधन से जुड़े विवादों का हल राजनयिक स्तर पर ही निकालना होगा, ऐसा इशारा अमरिकी विदेशमंत्री माईक पोम्पिओ ने दिया है।

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