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अमरीका ने चीन विरोधी कार्रवाई की तीव्रता बढ़ाई

वॉशिंग्टन/बीजिंग – अमरिकी विदेशमंत्री माईक पोम्पिओ ने कुछ दिन पहले चीन को लक्ष्य करते समय यह इशारा दिया था कि, चीन विरोधी कार्रवाई की मुहिम अभी समाप्त नहीं हुई है। बीते दो दिनों में अमरीका के ट्रम्प प्रशासन ने चीन के विरोध में किए निर्णय पोम्पिओ ने किए बयान की पुष्टी करते हैं। अमरिकी संसद ने बुधवार के दिन चीन की कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के संकेत देनेवाला विधेयक पारित किया। साथ ही अमरीका के अंदरुनि सुरक्षा विभाग ने चीन से आयात हो रहे कपास पर पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं। तभी ट्रम्प प्रशासन ने चीन की कम्युनिस्ट हुकूमत के सदस्यों पर कड़े प्रतिबंध लगाने के संकेत दिए हैं, ऐसे समाचार माध्यमों ने प्रसिद्ध किए हैं।

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अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने तीन वर्ष पहले चीन के विरोध में व्यापार युद्ध शुरू किया था। ट्रम्प प्रशासन ने लगाए कर एवं की हुई कार्रवाई से बड़ा नुकसान होने पर चीन ने अमरीका के साथ व्यापारी समझौता करने की तैयारी दिखाई थी। लेकिन, इस वर्ष के शुरू में फैली कोरोना की महामारी ने पूरा चित्र बदल दिया है और राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने चीन के खिलाफ अपनी भूमिका अधिक सख्त की है। कोरोना की महामारी के लिए चीन ही ज़िम्मेदार है, यह आरोप रखकर ट्रम्प प्रशासन ने बीते आठ महीनों में चीन के विरोध में व्यापक राजनीतिक संघर्ष शुरू किया है।

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चीन के लिए संवेदनशील रहे तैवान जैसे मुद्दे से अर्थ, व्यापार, निवेश, तकनीक ऐसे सभी क्षेत्रों में अमरीका ने कार्रवाई करने का सिलसिला शुरू किया था। बीते महीने में हुए राष्ट्राध्यक्ष पद के चुनाव के बाद अमरीका में सत्ता परिवर्तन होने के संकेत प्राप्त होने के बाद भी ट्रम्प प्रशासन ने चीन के विरोध में अपनी मुहिम बंद नहीं की है। बीते २४ घंटों में किए गए निर्णय और संबंधित घटना उसकी पुष्टी करती है। बुधवार के दिन ही अमरिकी संसद ने अमरीका में कार्यरत चीनी कंपनियों को लक्ष्य करनेवाला विधेयक पारित किया।

इस विधेयक के अनुसार अमरीका में सक्रिय चीनी कंपनियों को तीन वर्ष तक ‘ऑड़िट’ एवं अन्य नियमों की पूर्तता किए बगैर शेअर बाज़ारों में पंज़ीकरण करना संभव नहीं होगा। इससे पहले कुछ चीनी कंपनियों ने अमरिकी यंत्रणा के नियम ठुकराकर शेअर बाज़ारों में पज़ीकरण करने के लिए कोशिश करने की बात सामने आयी थी। इसी कारण नया विधेयक चीनी कंपनियों के लिए बड़ा झटका समझा जा रहा है। इस विधेयक की वजह से कुछ चीनी कंपनियों को अमरीका से अपना कारोबार समेटना पड़ सकता है, यह भी कहा जा रहा है।

इसी बीच, अमरीका के अंतर्गत सुरक्षा विभाग ने चीन के झिंजिआंग प्रांत से कपास आयात करने पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया है। चीन की हुकूमत उइगरवंशियों को गुलाम मज़दूरों की तरह इस्तेमाल कर रही है, यह बात सामने आने पर अमरीका ने इसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। अमरीका की कई बड़ी कंपनियां चीन के झिंजिआंग प्रांत से सामान आयात करने की बात भी सामने आयी थी। इन कंपनियों को अमरिकी विदेश विभाग ने इशारा भी दिया था।

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