इंडो-पैसिफिक में चीन की लष्करी महत्वाकांक्षा रोकने के लिए अमरीका करेगी ‘नेवल टास्क फोर्स’ का गठन

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वॉशिंग्टन/बीजिंग – इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ रही गतिविधियाँ और महत्वाकांक्षा रोकने के लिए इस क्षेत्र में हमेशा के लिए ‘नेवल टास्क फोर्स’ का गठन करने के संकेत अमरीका के रक्षा विभाग ने दिए हैं। इस टास्क फोर्स के साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए एक स्वतंत्र लष्करी मुहिम (नेम्ड मिलिटरी ऑपरेशन) करने की गतिविधियाँ शुरू होने का दावा रक्षा विभाग से संबंधित सूत्रों ने किया। अमरीका के रक्षामंत्री लॉईड ऑस्टिन ने बीते हफ्ते ही रक्षाबलों को चीन के खतरे का मुकाबला करने से संबंधित निर्देश दिए थे। ‘नेवल टास्क फोर्स’ और ‘मिलिटरी ऑपरेशन’ उनके इन्हीं निर्देशों का हिस्सा माना जा रहा है।

दो दिन पूर्व ‘नाटो’ ने पहली बार चीन के खतरे का स्पष्ट ज़िक्र वाला निवेदन जारी किया था। इसमें चीन की गतिविधियाँ और महत्वाकांक्षा जागतिक व्यवस्था कमज़ोर कर रही है, यह इशारा दिया गया था। नाटो के सदस्य देशों ने मिलकर चीन की चुनौती का मुकाबला करना आवश्‍यक होने की चेतावनी भी नाटो के इस निवेदन से दी गई थी। नाटो ने अपनाई इस भूमिका की पृष्ठभूमि पर अमरिकी रक्षा विभाग द्वारा स्वतंत्र टास्क फोर्स से संबंधित प्राप्त हो रहे संकेत अहम साबित होते हैं।

अमरीका के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में वर्ष २०१८ में तय हुई ‘नैशनल डिफेन्स पॉलिसी’ में चीन के बढ़ते लष्करी खतरे का स्पष्ट ज़िक्र किया गया था। इसके बाद अमरिकी रक्षा विभाग और गुप्तचर यंत्रणाओं ने पेश की अलग अलग रपटों में भी चीन का खतरा किस तरह से बढ़ रहा है, इस ओर ध्यान आकर्षित किया था। ट्रम्प प्रशासन ने इस नज़रिये से रक्षाखर्च में बढ़ोतरी करके नौसेना और वायुसेना के साथ परमाणु क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए थे। अब अमरीका के नए राष्ट्राध्यक्ष ज्यो बायडेन भी चीन संबंधित अपनी नीति सख्त होने की बात दिखाने की कोशिश कर रहे हैं और नई योजना इसी का हिस्सा साबित होती है, ऐसा सूत्रों का दावा है।

नई योजना यानी चीन की रोकने के लिए आखिरी गोली यानी ‘सिल्वर बुलेट’ नहीं है, फिर भी अमरीका का रक्षा विभाग पैसिफिक को प्राथमिकता दे रहा है, यह प्राप्त हो रहे संकेत अहमियत रखते हैं, ऐसी प्रतिक्रिया पूर्व रक्षा अधिकारी एल्ब्रिज कोलबी ने दर्ज़ की है। कोलबी ट्रम्प प्रशासन में रक्षा अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे। एक ही समय पर ‘नेवल टास्क फोर्स’ और ‘मिलिटरी ऑपरेशन’ की गतिविधियाँ शुरू करने का मतलब पैसिफिक को प्राथमिकता दे रही अमरीका की रक्षा क्षमता में बढ़ोतरी होना है, यह दावा भी कोलबी ने किया है।

इंडो-पैसिफिक के लिए हमेशा के लिए गठित हो रही ‘नेवल टास्क फोर्स’ यह शीतयुद्ध के दौर में नाटो ने तैयार किए ‘स्टैंडिंग नेवल फोर्सेस अटलांटिक’ की तर्ज़ पर होगी, ऐसे संकेत रक्षा विभाग के सूत्रों ने दिए हैं। पैसिफिक की इस स्थायी ‘नेवल टास्क फोर्स’ में जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत ब्रिटेन और फ्रान्स जैसे यूरोपिय देशों का भी समावेश हो सकता है, ऐसा विश्‍लेषक जेरी हेन्ड्रिक ने कहा है।

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