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इंडो-पैसिफिक चीन के कारण अस्थिर हुआ – अमरीका-जापान का आरोप

टोकियो – ‘इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में जारी चीन की गतिविधियाँ अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करनेवाली और अस्थिर करनेवाली हैं। इन गतिविधियों द्वारा चीन इस क्षेत्र के देशों को और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को राजनीतिक, आर्थिक एवं लष्करी स्तर पर चुनौती दे रहा है’, इस पर अमरीका और जापान की सहमति हुई है। अमरीका और जापान के विदेशमंत्री और रक्षामंत्री की मंगलवार के दिन ‘टू प्लस टू’ स्तर की बैठक हुई। इस बैठक के अवसर पर दोनों देशों के नेताओं ने संयुक्त निवेदन जारी करके चीन पर हमला किया।

अमरीका के विदेशमंत्री एंथनी ब्लिंकन और रक्षामंत्री लॉईड ऑस्टिन मंगलवार के दिन जापान पहुँचे। बायडेन प्रसासण के नेताओं का यह पहला विदेश दौरा है। इस अवसर पर एंथनी और ऑस्टिन ने जापान के विदेशमंत्री तोशिमित्सू मोतेगी और रक्षामंत्री नोबूओ किसी से भेंट की। जापान के साथ जारी सहयोग रेखांकित करने के लिए ‘टू प्सल टू’ स्तर की यह बैठक होने की बात अमरिकी विदेशमंत्री ब्लिंकन ने जापान पहुँचते ही किया था।

दोनों देशों के नेताओं की इस बैठक के बाद जारी संयुक्त निवेदन में ‘इंडो-पैसिफिक’ क्षेत्र में जारी चीन की हरकतें अस्थिरता फैलानी है, यह आलोचना की गई है। चीन इस क्षेत्र में अव्यवस्था निर्माण कर रहा है, यह आरोप इस निवेदन में किया गया। अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहे चीन की सीनाजोरी का अमरीका और जापान हमेशा विरोध करेंगे, यह ऐलान भी इस दौरान किया गया। इसके साथ ही सेंकाकू द्विपों पर जापान के अधिकारों की रक्षा के लिए अमरिका प्रतिबद्ध होने की बात भी इस निवेदन में कही गई है।

इसी बीच चीन ने तटरक्षक बल को दिए अधिकारों की भी इस दौरान आलोचना की गई। चीन की कम्युनिस्ट हुकूमत ने ‘ईस्ट और साउथ चायना सी’ क्षेत्रों में दाखिल होनेवाले विदेशी जहाज़ों पर गोलियां चलाने के अधिकार अपने तटरक्षक बल को बीते महीने प्रदान किए थे। इन अधिकारों का गलत इस्तेमाल करके चीन अपने पड़ोसी देशों के जहाज़ों पर हमले कर सकता है, ऐसी चिंता जापान के साथ तैवान, एवं आग्नेय एशियाई देश जता रहे हैं। इस पृष्ठभूमि पर ‘टू प्लस टू’ के अवसर पर अमरीका और जापान ने चीन के इन नए नियमों की आलोचना करके इस क्षेत्र के देशों की सुरक्षा के लिए अमरीका और जापान प्रतिबद्ध होने का ऐलान किया।

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