ईरान-इस्रायल के बीच अघोषित युद्ध की तीव्रता बढ़ रही है – आन्तर्राष्ट्रीय माध्यमों की चिंता

दुबई – पाँच दिन पहले ‘रेड सी’ के क्षेत्र में ईरान के रिव्होल्युशनरी गार्ड्स का तैरता अड्डा होनेवाले ‘एमव्ही साविझ’ जहाज पर हमला हुआ। इस एक घटना के कारण, पिछले कुछ सालों से खाड़ी क्षेत्र में ईरान और इस्रायल के बीच जारी अघोषित छुपा युद्ध अब भड़कने लगा है। आनेवाले समय में इन दोनों देशों के बीच के हमले-प्रतिहमलों के कारण इस क्षेत्र में तनाव बढ़कर परिस्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है, ऐसी चेतावनी अन्तर्राष्ट्रीय माध्यमों ने दी है।

सन २०१९ से पर्शियन खाड़ी, ओमान की खाड़ी इस सागरी क्षेत्र में विदेशी जहाजों पर संदिग्ध हमलों का सत्र शुरू हुआ है। सऊदी, युएई तथा विदेशी ईंधन और मालवाहक जहाजों पर होने वाले हमलों के लिए ईरान ज़िम्मेदार होने का आरोप किया जा रहा था। इसके अलावा ईरान के रिव्होल्युशनरी गार्ड्स ने विदेशी जहाजों का अपहरण करने के बात भी सामने आई थी।

अमरीका के तत्कालीन राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने परमाणु समझौते से किनारा करने के बाद ईरान पर प्रतिबंध लगाए थे। उस पर प्रतिक्रिया के रूप में ईरान विदेशी जहाजों पर हमले कर रहा है, ऐसा कहा जा रहा था। उनमें से एक हमले में ईरान के रिव्होल्युशनरी गार्ड्स सहभागी होने का वीडियो भी सामने आया था।

महीनेभर पहले ओमान की खाड़ी में इस्रायल के मालवाहक जहाज पर भी हमला हुआ। इस्रायल ने इस हमले के लिए ठेंठ ईरान पर दोषारोपण किया था। उसके बाद भूमध्य सागर में ईरान के जहाजों पर भी हमले होने की खबर सामने आई थी। इनमें से कुछ हमलों में इस्रायल सहभागी होने का आरोप अमरीका के शीर्ष अखबार ने किया था।

इस तरह से, पिछले कुछ साल इस्रायल और ईरान के बीच छुपा युद्ध शुरू हुआ था। इस युद्ध में अब तक ईंधनवाहक और मालवाहक जहाजों को लक्ष्य किया जा रहा था। लेकिन पिछले मंगलवार को रेड सी के क्षेत्र में ईरान के जहाज पर हमला होने के कारण, अब यह अघोषित युद्ध भड़क गया होने की चेतावनी अन्तर्राष्ट्रीय विश्लेषण दे रहे हैं।

पिछले दो सालों में जहाजों पर हमले करने के लिए ‘लिम्पेट माईन’ का सर्वाधिक इस्तेमाल हुआ। जहाजों के दृश्य भाग पर यह विस्फोटक बिठाकर हमले किए गए थे। लेकिन साविझ जहाज के, पानी के नीचे रहनेवाले भाग पर लिम्पेट माईन बिठाकर विस्फोट किया गया।

इससे ईरान के जहाज का बहुत बड़ा नुकसान हुआ होकर, इंजन रूम में पानी घुसा है। ‘रेड सी’ के क्षेत्र में रिव्होल्युशनरी गार्ड्स का तैरता अड्डा होनेवाले साविझ जहाज का नुकसान, ईरान को बड़ा झटका देने वाला साबित होता है।

इस जहाज की सहायता से ईरान ने सऊदी अरब येमन में कर रहे कार्रवाई पर भी बारीकी से नज़र रखी थी। इसका फायदा हाउथी बागियों को मिल रहा होने का आरोप सऊदी अरब ने किया था। ऐसे जहाज पर हमला करके इस्रायल ने ईरान के साथ ही, ईरान समर्थक हाउथी बागियों को भी झटका दिया है। इसका फायदा सऊदी अरब को मिल सकता है।

इस घटना के बाद ईरान और इस्रायल के बीच का छुपा युद्ध तीव्र होगा। हमलों, प्रतिहमलों का प्रमाण बढ़कर खाड़ी क्षेत्र में परिस्थिति नियंत्रण से बाहर होने की संभावना बढ़ी होने की चेतावनी विश्लेषक दे रहे हैं।

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