कुद्स फोर्स के प्रमुख कासेम सुलेमानी ईरान के लिए इतने महत्त्वपूर्ण क्यों थे?

ईरान के ‘रिव्होल्युशनरी गार्डस्’ का काफी अहम हिस्सा होने की पहचान ‘कुदस् फोर्स’ को प्राप्त है| देश के बाहर ईरान के हितसंबंधों की रक्षा करना एवं ईरान के वर्चस्व में बढोतरी करते रहना, यही कुदस् फोर्से का उद्देश्य समझा जाता है| इस कुद्स फोर्सेस के प्रमुख मेजर जनरल सुलेमानी ने यह काम काफी कुशलता के साथ निभाया| इसी वजह से इराक, सीरिया, लेबनान और येमन में ईरान का प्रभाव काफी हदतक बढ सका| यह कारनामा दिखानेवाले मेजर जनरल सुलेमानी ईरान के श्रेष्ठतम सेनानी समझे जाते थे|

ईरान के सबसे प्रतिभावान लोगों में दुसरे या तीसरें स्थान पर सुलेमानी होने का दावा भी हो रहा था| ईरान की विदेश नीति अन्य कोई नही, बल्कि हम ही तय करते है, यह बयान सुलेमानी ने बडे गर्व के साथ किया था| ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरू आयातुल्ला खामेनी का सबसे अधिक भरौसा सुलेमानी ने प्राप्त किया था| अगले दिनों में उन्हें ईरान का सियासी नेतृत्व भी प्राप्त होना संभव था, यह दावा विश्‍लेषक कर रहे थे|

इराक, सीरिया, लेबनान, येमन इन देशों में ईरान समर्थक गुटों का प्रबल संगठन तैयार करके सुलेमानी ने अमरिका और इस्रायल के लिए बडी मुश्किलें खडी करने की कोशिश की| सौदी अरब, यूएई, बहारिन इन ईरान विरोधी देशों को सबक सिखानेवाली कार्रवाईयों को सुलेमानी ने अंजाम दिया था| ईरानी जनता में सुलेमानी सबसे अधिक प्रिय होने की बात कही जा रही थी|

वर्ष २००६ में इस्रायल और हिजबुल्लाह के बीच हुए ३६ दिनों के युद्ध के दौरान सुलेमानी ने हिजबुल्लाह को सभी तरह से सहायता प्रदान करके इस्रायल को बडा झटका दिया था| इसके अलावा ईरान के विरोध में कार्रवाईयां कर रहे आतंकी ‘आयएस’ संगठन के विरोध में सुलेमानी ने जोरदार कार्रवाई करके दिखाई थी|

अमरिका के हमले में ईरान के मेजर जनरल सुलेमानी मारे गए

वॉशिंग्टन/बगदाद – अमरिका ने ड्रोन हमला करके ईरान के मेजर जनरल कासेम सुलेमानी को मार गिराया है| इराक की राजधानी बगदाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बाहर निकले सुलेमानी के काफिले पर ही अमरिका के ‘एमक्यू-९ रिपर ड्रोन’ ने चार मिसाइलों का हमला किया| गुरूवार की रात करीबन १२.३४ बजे यह हमला किया गया और इस हमले में मेजर जनरल सुलेमानी जगह पर ही मारे गए| इराक की ‘पॉप्युलर मोबिलायझेशन फोर्सेस’ (पीएमएफ) के उप-प्रमुख ‘अबू महदी अल मुहानदिस’ भी इस हमले में मारे गए है| अमरिकी नागरिकों पर भीषण हमलें करने की साजिश सुलेमानी ने की थी| यह साजिश नाकाम करके अमरिकी नागरिकों की रक्षा करने के उद्देश्य से इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है, यह बात अमरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटॅगॉन ने कही है|

अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर यह हमला करके कासेम सुलेमानी को खतम किया गया है, यह भी पेंटॅगॉन ने स्पष्ट किया| सुलेमानी ने अमरिकी नागरिकों की हत्या करवाकर अमरिकी हितसंबंधों को झटका देने की बडी साजिश की थी| इस साजिश को सफलता मिलने से पहले ही कासेम सुलेमानी को खतम किया गया, यह दावा अमरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटॅगॉन ने किया है| अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले का समर्थन किया है| अबतक सुलेमानी ने अमरिका के हजारों सैनिकों की बलि चढाई है और अगले दौर में भी सुलेमानी इसी उद्देश्य से साजिश कर रहे थे| पर वैसा करने से पहले ही उन्हें मार दिया गया, यह बयान राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने दिया है|

ईरान में हो रही सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर क्रुरता के साथ कार्रवाई हो रही है| इसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरिके से सुलेमानी जिम्मेदार थे, यह आरोप भी अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष ने रखा है| तभी, अमरिकी विदेशमंत्री माईक पोम्पिओ ने भी सुलेमानी अपने ही देश में अप्रिय थे, यह दावा किया| साथ ही इराक की जनता ने रास्तों पर उतरकर सुलेमानी के मारे जाने का जल्लोश किया, इस पर भी पोम्पिओ ने ध्यान आकर्षित किया| इस जल्लोश का वीडियो भी पोम्पिओ ने प्रसिद्ध किया है| पर, अमरिका की सियासी दायरे में इस कार्रवाई की मिश्रित प्रतिक्रिमा उमड रही है|

अमरिकी सिनेटर लिंडसे ग्राहम ने सुलेमानी पर की कार्रवाई का स्वागत करके इस कार्रवाई का समर्थन भी किया| सुलेमानी के हाथ अमरिकी नागरिकों के खून से भिगें थे, यह याद भी ग्राहम ने ताजा की| तभी सुलेमानी को खतम किया, पर आगे क्यो होगा, इसपर अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष ने सोच-विचार किया है क्या? यह सवाल अमरिकी विपक्ष के नेता कर रहे है| कासेम सुलेमानी को खतम करना यानी किसी आतंकी संगठन के प्रमुख को?खतम करना नही होता| वह ईरान के वरिष्ठ लष्करी अधिकारी थे और उन्हें खतम करके हम ईरान के साथ युद्ध शुरू कर रहे है, इस बात का एहसास डोनाल्ड ट्रम्प को था क्या? यह सवाल डेमोक्रैट के नेता कर रहे है| साथ ही अमरिका ने आजतक ईरान जैसे ताकतवर देश के साथ सीधे युद्ध नही किया है, ऐसा दावा भी यह नेता कर रहे है|

ट्रम्प के इस आत्मघाती निर्णय की वजह से खाडी में अमरिका के हितसंबंधों के लिए खतरा बना है, यह दावा कुछ अमरिकी विश्‍लेषकों ने किया है| वही, ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में ‘ईरान कभी भी युद्ध जितता नही और समझौते में हारता नही’ यह बात रखी है| सुलेमानी पर हुई कार्रवाई की वजह से इराकी जनता भी खुषी में है| क्यों की इराक की जनता को ईरान का वर्चस्व मंजूर नही है| पर, पिछले १५ वर्षों में ईरान ने इराक पर अधिक से अधिक वर्चस्व स्थापित किया था, यह दावा भी ट्रम्प ने किया है|

अमरिका को ईरान ने धमकाया – कहा, सुलेमानी के हत्या का भयंकर बदला लेंगे

तेहरान – कासेम सुलेमानी को खतम करके अमरिका ने ईरान के विरोध में युद्ध का ऐलान ही किया है| अब इसके आगे के परिणामों के लिए पुरी तरह से अमरिका ही जिम्मेदार रहेगी, यह इशारा ईरान ने जारी किया है| सुलेमानी की हत्या का भयंकर बदला लेने की धमकी भी ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला खामेनी ने दी है| ईरान की सियासी व्यवस्था के अनुसार इस देश के सर्वोच्च धर्मगुरू ही सर्वोच्च अधिकार रखते है| इस वजह से आयातुल्ला खामेनी ने दी यह धमकी ईरान जल्द ही सच्चाई में उतारेगा, यह चिंता दुनियाभर के विश्‍लेषक व्यक्त कर रहे है| तभी कुछ लोगों ने इस कार्रवाई के साथ ही तीसरें विश्‍वयुद्ध की चिंगारी भडक उठेगी, यह दावा भी किया है|

दुनिया के सबसे क्रुर व्यक्तियों ने कासेम सुलेमानी को बलि किया है| सुलेमानी कई वर्षों से पाशवी शक्तियों से लड रहे थे| ईश्‍वर की इच्छा के अनुसार वह शहीद हुए पर उनकी लडाई रुकेगी नही, इन शब्दों में खामेनी ने सुलेमानी के प्रति श्रद्धांजली अर्पित की| उनकी हत्या के लिए अमरिका पर बदला लिया जाएगा, यह निश्‍चय खामेनी ने व्यक्त किया| न्याय के लिए संघर्ष करनेवाले सभी लोग अभ सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए आगे आएंगे, यह कहकर खामेनी ने अमरिका को जवाबी हमला करने की धमकी दी है| वही, ईरान के राष्ट्राध्यक्ष हसन रोहानी ने सुलेमानी की हत्या के बाद ईरान का निश्‍चय और भी मजबूत होने का दावा किया|

ईरान में जगह जगहों पर सुलेमानी के प्रति श्रद्धांजली अर्पित करने के लिए लाखों लोग रास्तों पर उतरे और उन्होंने अमरिका पर इन्तिकाम लेने की मांग की है| सुलेमानी की हत्या के बाद ईरान के सुरक्षा संबंधी समिती की शीघ्रता में बैठक बुलाई गई|

इस बैठक में अमरिका के विरोध में कार्रवाई करने के प्लैन पर बातचीत होने का दावा ईरानी वृत्तसंस्था कर रहे है| ईरान के विदेशमंत्री जावेद झरिफ ने अमरिका ने सुलेमानी को मारकर ईरान के विरोध में युद्ध का ऐलान किया है, यह आरोप भी रखा|

इसके आगे की घटनाओं के लिए अमरिका ही जिम्मेदार रहेगी, यह इशारा भी विदेशमंत्री झरिफ ने दिया| खाडी क्षेत्र के विश्‍लेषक भी अमरिका ने युद्ध की शुरूआत की है, यही दावा कर रहे है और अगले कुछ दिनों में इसके भयंकर परिणाम सामने आएंगे, यह चिंता भी व्यक्त कर रहे है| लेबनान में हिजबुल्लाह और इराक में स्थित ईरान समर्थक ‘पॉप्युलर मोबिलायझेशन फोर्सेस’ (पीएमएफ) ने अपने समर्थकों को युद्ध के लिए तैयार रहने की सूचना की है| अंतिम जीत अपनी ही होगी, यह संदेशा भी इन ईरान समर्थक गुटों ने अपने सदस्यों के लिए जारी किया है|

रशिया ने अमरिका ने की इस कार्रवाई पर आलोचना करके इस कार्रवाई के डरावने परिणाम सामने आएंगे, यह चिंता व्यक्त की है| चीन ने भी अमरिका को संयम बरतने का निवेदन किया है| तभी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन ने वर्तमान समय में ईरान के साथ युद्ध करना आसानी से मुमकिन नही होगा, यह इशारा अमरिका को दिया है| इसी बीच ईरान अब अमरिका को जवाब देने के लिए क्या करेगा, इस बात का अंदाजा कई विश्‍लेषक व्यक्त कर रहे है| खाडी क्षेत्र में बने अमरिकी लष्करी अड्डों को लक्ष्य करने का इशारा ईरान ने पहले ही दिया है| साथ ही अमरिका के नजदिकी मित्रदेश इस्रायल पर एक ही समय पर कई जगहों से लाखों राकेटस् का हमला करने की क्षमता हम रखते है, यह दावा ईरान और ईरान समर्थक संगठन कर रही है, इस ओर भी विश्‍लेषक ध्यान आकर्षित कर रहे है|

ईरान किसी भी क्षण होर्मुझ की खाडी का मार्ग रोककर वहां से हो रही ईंधन की यातायात बंद कर सकता है| ऐसा होता है तो दुनिया के आर्थिक स्रोत सिकुडे जा सकते है| सुलेमानी के मारे जाने के बाद ईंधन के दामों में एक ही दिन में चार प्रतिशत बढोतरी हुई थी| यह बात अगले समय में होनेवाली उथल-पुथल के संकेत देनेवाली साबित होती है| इसके साथ ही ईरान के समर्थक खाडी क्षेत्र समेत अमरिका में भी आतंकी हमलें करवा सकते है, यह संभावना भी कुछ विश्‍लेषक व्यक्त कर रहे है|

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