पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने युद्ध की धमकी देनेपर भारत का करारा जवाब

नई दिल्ली – जम्मू-कश्मीर में भारत कर रहे कथित अत्याचार और नागरिकता संशोधन कानुन की वजह से लाखों भारतीय शरणार्थी पाकिस्तान पहुंचेंगे| पर, पाकिस्तान उन्हें नही स्वीकारेगा, यह दावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इम्रान खान ने किया था| इसके साथ ही इसी कारण से भारत-पाकिस्तान युद्ध शुरू होगा, यह धमकी भी इम्रान खान ने दी है| इसपर भारत के विदेश मंत्रालय ने करारा जवाब दिया है| पहले पाकिस्तान अपने देश में असुरक्षित बने अल्पसंख्यांकों की रक्षा करें, उसके बाद ही इस मुद्दे पर अन्य देश को सलाह दें, यह फटकार भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रविश कुमार ने लगाई है|

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, युद्ध की धमकी, नागरिकता संशोधन कानुन, शरणार्थी, आलोचना, भारत, ग्लोबल रेफ्युजी फोरम

जेनीवा में आयोजित ‘ग्लोबल रेफ्युजी फोरम’ में शामील होने पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इम्रान खान ने हमेशा की तरहा भारत के विरोध में जहर उगला है| ‘जम्मू-कश्मीर में भारत अत्याचार कर रहा है| इससे बचने के लिए एवं भारत ने पारित किए नागरिकता संशोधन कानुन की वजह से लाखों भारतीय शरणार्थी बनकर पाकिस्तान पहुंचेंगे’, यह व्यर्थ कल्पना से भरें दावे इम्रान खान ने किए है| पर, पाकिस्तान इतनी बडी संख्या में पहुंचनेवाले शरणार्थियों का स्वीकार करना मुमकिन नही है| इस वजह से इस मसले पर भारत और पाकिस्तान इन दो परमाणु देशों का युद्ध शुरू होगा, यह धमकी इम्रान खान ने दी है|

इम्रान खान हमेशा की तरह झुठा प्रचार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यासपीठ का गलत इस्तेमाल कर रहे है और यह इस बात की अब सभी लोगों को आदत हुई है, यह फटकार भारत के विदेश मंत्रालय ने लगाई है| विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रविश कुमार ने भारत के अल्पसंख्यांकों के बारे में बयान करनेवाले इम्रान खान को उन्हीं के देश में अल्पसंख्यांकों पर हो रहे अत्याचारों की याद दिलाई| पिछले ७२ वर्षों से पाकिस्तान में अल्पसंख्यांकों पर अत्याचार हो रहे है और यह अत्याचार रोकने में पाकिस्तान की बडी हार हुई है, यह तमाचा भी रविश कुमार ने पाकिस्तान को जड दिया है|

इसी वजह से पाकिस्तान पहले अपने देश में असुरक्षित बने अल्पसंख्यांकों को सुरक्षा प्रदान करें, यह मांग भी रविश कुमार ने रखी| इसी बीच भारत के नागरिकता संशोधन कानुन पर पाकिस्तान के माध्यमों में बडी आलोचना हो रही है| पर, कुछ समझदार पाकिस्तानी विश्‍लेषक भारत पर आलोचना करने का नैतिक अधिकार पाकिस्तान नही रखता, यह एहसास दिला रहे है| पाकिस्तान में अल्पसंख्यांकों पर बेझिझक अत्याचार होते रहते है, इस सच्चाई का एहसास दिलाकर यह विश्‍लेषक पाकिस्तानी माध्यमों को होश में लाने की कोशिश करते दिखाई दे रहें है|

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