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इस्रायल के न्यूक्लियर प्लांट के पास सिरिया का क्षेपणास्त्र हमला

जेरूसलेम/दमास्कस – इस्रायल के दिमोना न्यूक्लियर प्लांट के पास गुरुवार को सुबह क्षेपणास्त्र हमला हुआ। यह हमला सिरिया से किया गया था। इसमें न्यूक्लियर प्लांट का नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन उसके बाद इस्रायल ने सिरिया में हवाई हमले करके उसे प्रत्युत्तर दिया। पहली ही बार सिरिया ने इस्रायल के दक्षिणी भाग पर हमला करने की क्षमता होनेवाले लॉन्ग रेंज क्षेपणास्त्र का इस्तेमाल किया था, इस पर इस्राइली लष्करी विश्लेषक गौर फरमा रहे हैं। इस्रायल की सुरक्षा के लिए यह चिंता की बात साबित हो सकती है, ऐसी चेतावनी इस्रायली माध्यम दे रहे हैं।

इस्रायल के दक्षिणी भाग के नेगेव्ह शहर में दिमोना न्यूक्लियर प्लांट है। गुरुवार सुबह को दिमोना से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर होनेवाले अबू क्रिनात इलाके में क्षेपणास्त्र गिरा। इससे दिमोना न्यूक्लियर प्लांट के परिसर में लगाए गए सायरन बजने लगे। इस क्षेपणास्त्र के विस्फोट की आवाजें जेरूसलम तक सुनाई दीं होने का दावा स्थानीय नागरिकों ने किया है। इसके बाद इस्रायल के लड़ाकू विमानों ने सिरिया की राजधानी दमास्कस के नजदीकी इलाके में ज़ोरदार हमले किए। इसमें अपने चार जवान मारे गए होने का आरोप सिरिया का सरकारी न्यूज़ चैनल कर रहा है।

अबू क्रिनात इलाके में गिरा रशियन बनावट का ‘एसए-५’ जमीन से हवा में दागा जानेवाला क्षेपणास्त्र था, ऐसी जानकारी इस्रायली लष्कर ने दी। इस क्षेपणास्त्र का इस्तेमाल हवाई हमलों को जवाब देने के लिए किया जाता है। इस कारण, इस्रायल के हवाई हमलों को जवाब देने के लिए सिरिया ने प्रक्षेपित किया हुआ क्षेपणास्त्र ठेंठ दिमोना के पास गिरा। इससे यह दावा इस्रायली लष्करी विश्लेषक कर रहे हैं कि इस्रायल के दक्षिणी ओर के शहरों तक दागे जा सकनेवाले क्षेपणास्त्र सिरिया के पास हैं, ऐसी चेतावनी सिरिया इस हमले के जरिए दे रहा है।

दिमोना न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा के लिए तथा प्रमुख शहर, स्थान और लष्करी अड्डों की सुरक्षा के लिए इस्रायल ने हवाई सुरक्षा यंत्रणाएँ तैनात की हैं। दिमानो न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा के लिए भी इस्रायल ने अमरिकी बनावट की पॅट्रियॉट हवाई सुरक्षा यंत्रणा सुसज्जित रखी है।

Dimona nuclear reactor Dimona nuclear reactor

ऐसा होने के बावजूद भी, सिरिया से लगभग ३०० किलोमीटर की दूरी से प्रक्षेपित किया गया क्षेपणास्त्र दिमोना के पास कैसे पहुँचा? पॅट्रियॉट यंत्रणा कैसे असफल रही? ऐसे सवाल उठाए जा रहे हैं। इस्रायली लष्कर ने इसकी तहकिक़ात के आदेश दिए हैं।

इसी बीच, ईरान के नातांझ न्यूक्लियर प्लांट में विस्फोट करवानेवाले इस्रायल को सबक सिखाने के लिए इस्रायल के दिमोना पर हमला करके, जैसे को तैसा प्रत्युत्तर देना चाहिए, ऐसी माँग ईरान के अखबार ने पिछले हफ्ते में की थी। यह अखबार ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला खामेनी के पूर्व सलाहकार हुसेन शरियतमदारी की मालिकियत का है। महज़ पाँच दिनों में दिमोना के पास यह हमला होने के कारण, इसके पीछे ईरान अथवा सिरिया के ईरान से जुड़े आतंकवादी संगठन होने का गहरा शक इस्रायली माध्यम व्यक्त कर रहे हैं।

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