‘साउथ चाइना सी’ में चीन की हरकतों के विरोध में फिलीपीन्स आक्रामक

मनिला/बीजिंग – चीन की साउथ चाइना सी में शुरू घुसपैठ और दबाव नीति के विरोध में फिलीपीन्स ने आक्रामक भूमिका अपनाई है। कुछ दिन पहले ही फिलीपीन्स ने ‘स्प्रैटले’ द्वीपों के करीब ‘फ्लोटिंग मार्कर्स’ (बायोज्‌) तैनात किए थे। इसके बाद वियतनाम के साथ हुई बैठक में ‘साउथ चाइना सी’ के ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ के लिए आवश्यक गतिविधियां गतिमान करने का निर्णय दोनों देशों ने किया हैं। इसी बीच ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री के दौरे में गश्ती ड्रोन और अन्य प्रौद्योगिकी खरीदने के साथ अन्य संयुक्त गश्त अभियान के मुद्दे पर सहमति होने की बात सामने आयी है। इसी पृष्ठभूमि पर फिलीपीन्स के सेनाप्रमुख ने ‘स्प्रैटले’ द्वीपों के करीबी बालाबाक हवाई अड्डे का दौरा किया।

‘साउथ चाइना सी’

पिछले कुछ सालों से चीन साउथ चाइना सी में वर्चस्ववादी गतिविधियां काफी मात्रा में बढ़ा रहा हैं। इस क्षेत्र के द्वीप समूहों का सैन्यीकरण करके वहां पर भारी मात्रा में रक्षा तैनाती की है। साथ ही नौसेना, तटरक्षक बल एवं चीन ने विकसित किए ‘मिलिशिया’ के माध्यम से अन्य देशों की समुद्री सीमा में लगातार घुसपैठ करना जारी रखा है। चीन की घुसपैठ रोक रहे देशों को खुलेआम धमकाया जा रहा है और इन देशों की मांग ठुकराई जा रही हैं। चीन की इस दबंगाई और दबावनीति के विरोध में आग्नेय एशियाई देशों ने आक्रामक भूमिका अपनाई है।

‘साउथ चाइना सी’

फ़रवरी महीने में फिलीपीन्स के राष्ट्राध्यक्ष ने जापान का दौरा किया था। इस दौरे में दो देशों का सामरिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति हुई थी। साथ ही ताइवान के मुद्दे पर भी चर्चा हुई थी। इसके बाद फिलीपीन्स अन्य किसी भी देश को अपने एक इंच क्षेत्र पर भी कब्ज़ा करने नहीं देगा, ऐसी चेतावनी फिलीपीन्स के राष्ट्राध्यक्ष मार्कोस ज्युनिअर ने दी थी। मार्च महीने में फिलीपीन्स ने अमरीका के साथ समझौते करके अपने चार रक्षा अड्डे अमरीका को इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय किया था। अप्रैल महीने में चीन के तटरक्षक बल के जहाज़ की घुसपैठ करने की कोशिश फिलीपीन्स ने नाकाम की थी।

इसके बाद अब चीन दावा कर रहे ‘स्प्रैटले’ द्वीप समूह के मुद्दे पर फिलीपीन्स ने तेज़ कदम उठाना शुरू किया है। कुछ दिन पहले इस क्षेत्र में तैनात किए ‘बायोज्‌’ और इसके बाद सेनाप्रमुख ने करीबी द्वीपों का दौरा करना इसी का हिस्सा दिख रहे हैं। दूसरी ओर आग्नेय एशिया के अन्य देशों को साथ लेकर चीन को रोकने के लिए भी फिलीपीन्स सक्रिय हुआ है। वियतनाम से हुई दो दिनों की बैठक और इसके विभिन्न मुद्दों पर हुई सहमति इसकी पुष्टि करते हैं।

दूसरी ओर अमरीका और जापान के साथ ऑस्ट्रेलिया के साथ सहयोग बढ़ाकर चीन को प्रत्युत्तर देने के लिए भी फिलीपीन्स की कोशिश शुरू है। इसके लिए ऑस्ट्रेलिया से गश्ती ड्रोन और अन्य रक्षा प्रौद्योगिकी खरीदने का निर्णय विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग के दौरे में किया गया। ऑस्ट्रेलिया के साथ साउथ चाइना सी के क्षेत्र में संयुक्त गश्त लगाने के मुद्दे पर भी फिलीपीन्स ने सकारात्मक भूमिका अपनाने की बात सूत्रों ने कही है।

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