पश्चिमी देश और रशिया के बीच युद्ध भड़कने का खतरा – ब्रिटेन के लष्करी अधिकारी की चेतावनी

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पाश्‍चात्य देश व रशियामध्ये युद्ध, पश्चिमी देश

लंडन/वॉशिंग्टन/मॉस्को – शीत युद्ध के बाद पहली बार पश्चिमी देश और रशिया के बीच युद्ध भड़कने का खतरा सर्वोच्च स्तर पर पहुँचा है, ऐसी चेतावनी ब्रिटेन के रक्षाबलप्रमुख सर जनरल निक कार्टर ने दी। इससे पहले पश्चिमी देश और रशिया के बीच उपलब्ध होनेवाले पारंपारिक राजनीतिक विकल्प फिलहाल सक्रिय नहीं है, इस पर भी उन्होंने गौर फरमाया। पूर्वी युरोप में फिलहाल दोनों तरफ से जारी तैनाती और लष्करी गतिविधियाँ, इस पृष्ठभूमि पर ब्रिटेन के अधिकारी ने दी चेतावनी अहम साबित होती है। कुछ ही दिन पहले अमरीका के विदेश मंत्री अँथनी ब्लिंकन ने, युरोपीय देशों को रशिया-युक्रेन युद्ध के बारे में चेताया था।

पाश्‍चात्य देश व रशियामध्ये युद्ध, पश्चिमी देश

रशिया और पश्चिमी देशों के संबंध फिलहाल बहुत ही बिगड़े हुए हैं। चीन के साथ बढ़ती नजदीकियाँ, साइबर हमले, अ‍ॅलेक्सी नॅव्हॅल्नी पर कार्रवाई, इंधन सप्लाई इन जैसे मुद्दों पर यह तनाव निर्माण हुआ है। उसी में फिलहाल युक्रेन तथा बेलारूस में भी उक़साऊ घटनाएँ घटित हो रही हैं। युक्रेन पर लष्करी दबाव बढ़ाने के लिए और तनाव निर्माण करने के लिए रशिया ने युक्रेन की सीमा के पास ९० हज़ार जवान तैनात किए होने का आरोप युक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने पिछले हफ्ते में किया था। उसके बाद बेलारूस और युरोप में बने तनाव की पृष्ठभूमि पर रशिया ने बेलारूस में भी तैनाती बढ़ाई थी।

पाश्‍चात्य देश व रशियामध्ये युद्ध, पश्चिमी देश

रशिया की इन गतिविधियों को प्रत्युत्तर देने के लिए अमरीका समेत नाटो सदस्य देश सक्रिय हुए हैं। युक्रेन समेत युरोपियन सदस्य देशों ने रक्षासिद्धता बढ़ाई होकर, लड़ाकू विमान तथा युद्धपोतों के गश्त में बढ़ोतरी हुई है। इससे तनाव अधिक ही चरम सीमा तक पहुँचा होने का दावा विश्लेषकों द्वारा किया जा रहा है। ऐसे समय ब्रिटेन के रक्षाबलप्रमुख ने दी यह चेतावनी गौरतलब साबित हो रही है। नया दौर यह ‘मल्टिपोलर वर्ल्ड’ यानी एक से अधिक महासत्ताओं का समावेश होनेवाली दुनिया का होकर, उससे तनाव बिगड़ने के खतरे अधिक ही बड़े हैं, ऐसा जनरल कार्टर ने जताया।

‘अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति के कुछ विवादास्पद मुद्दों का रूपांतरण संघर्ष भड़कने की स्थिति में ना हों इसके लिए एहतियात बरतने चाहिए। यदि ऐसा ना हुआ, तो गलतफ़हमी और अपघात से विवाद का रूपांतरण युद्ध में हो सकता है’, ऐसी चेतावनी ब्रिटेन के रक्षाबलप्रमुख ने दी। एकाधिकारशाही होनेवालीं हुकूमतें, शरणार्थियों से लेकर साइबर हमलों तक किसी भी घटक का इस्तेमाल उनके इरादे पूरे करने के लिए कर सकते हैं, इसका एहसास भी उन्होंने करा दिया। हाल का युद्धतंत्र बदला है, ऐसा जनरल कार्टर ने कहा। वहीं, इससे पहले शीतयुद्ध के दौर में उपलब्ध राजनीतिक विकल्पों की तरह अन्य मार्ग फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं, ऐसा दावा भी ब्रिटेन के इस लष्करी अधिकारी ने इस समय किया। ये मार्ग उपलब्ध ना होने के कारण युद्ध भड़कने की संभावना अधिक ही तीव्र होती है, ऐसी चिंता भी उन्होंने इस समय ज़ाहिर की।

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