रशिया के यूक्रेन की राजधानी किव पर हुए जोरदार ड्रोन हमले

मास्को – यूक्रेन की राजधानी किव पर रशिया ने अब युद्ध शुरू होने के बाद सबसे बड़ी तीव्रता के ड्रोन हमले किए हैं। रशिया की भूमि पर यूक्रेन ने किए हमलों के प्रत्युत्तर में रशिया यह ड्रोन हमले करते दिख रही हैं। ईरान ने रशिया को प्रदान किए शाहेद ड्रोन्स का इन हमलों में इस्तेमाल किया गया, ऐसा यूक्रेन ने कहा है। इन हमलों में ५४ ड्रोन्स का इस्तेमाल हुआ और इनमें से ४० ड्रोन्स राजधानी किव को लक्ष्य करने के लिए भेजे गए थे, ऐसा दावा किया जा रहा हैं। ऐसे में इन ५४ में से ५२ ड्रोन्स यूक्रेन की हवाई सुरक्षा यंत्रणा ने नष्ट करने के दावे भी यूक्रेनी सेना अधिकारी ने किए हैं।

जबरदस्त ड्रोन हल्ले

रशियन सेना ने यूक्रेन के बाखमत और अन्य इलाकों में बढ़त बनाई है। बाखमत की हार के बाद यूक्रेन ने जवाबी हमलों की जोरदार तैयारी करने की खबरें प्राप्त हो रही हैं। जल्द ही यूक्रेन के जवाबी हमलों का सत्र शुरू होगा और रशिया को कब्ज़ा किए क्षेत्र को छोड़कर वापस जाना होगा, ऐसे संकेत पश्चिमी देश दे रहे हैं। इसी बीच यह भी दावे किए गए है कि, यूक्रेन इन हमलों के अभी भी तैयार नहीं हैं। इस वजह से यूक्रेनी सेना के जवाबी हमले अमरीका और नाटो के सैन्य सहयोग और योगदान पर निर्भर रहेंगे, ऐसे संकेत प्राप्त हो रहे हैं।

रशिया को भी इसका अहसास हुआ है। इसी वजह से रशिया ने यूक्रेन को परिणामों का अहसास कराने के लिए राजधानी किव को लक्ष्य करने की बात दिख रही है। किव पर हुए यह ड्रोन हमले यानी रशिया ने यूक्रेनी जवाबी हमलों से पहले शुरू की हुई गतिविधियां हैं। सैन्य स्तर पर शुरू इन गतिविधियों के बीच रशिया के राजनीतिक अधिकारी पश्चिमी देशों को यूक्रेन के युद्ध में शामिल होने को लेकर कड़ी चेतावनी दे रहे हैं। नाटो देश, इसमें भी ब्रिटेन से यूक्रेन को प्रदान हो रही सैन्य सहायता इस युद्ध की तीव्रता बढ़ाएगी, ऐसी चेतावनी ब्रिटेन में रशियन राजदूत आंद्रेई केलिन ने दी है।

जबरदस्त ड्रोन हल्ले

यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद एक वर्ष से भी अधिक समय बीत चुका है, फिर भी रशिया ने अभी भी अपने विशाल संसाधनों का पुरी तरह से इस्तेमाल शुरू भी नहीं किया है, इन शब्दों में राजदूत आंद्रेई केलिन ने यूक्रेन युद्ध की तीव्रता रशिया प्रचंड़ मात्रा में बढ़ा सकेगी, ऐसा कहकर आगाह किया है। इसके साथ ही इसके परिणाम ब्रिटेन को भी भुगतने होंगे, यह संदेश अपने सूचक बयानों के माध्यम से राजदूत केलिन ने दिया। पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को अधिक से अधिक हथियार प्रदान किए तो यह युद्ध व्यापक होगा और इसके परिणाम काफी खतरनाक होंगे, इसपर भी रशियन राजदूत ने ध्यान आकर्षित किया।

जबरदस्त ड्रोन हल्ले

इसी बीच रशिया के विदेश मंत्री सर्जेई लैव्हरोव्ह ने अमरीका को धमकाया है। यूक्रेन को ‘एफ-१६’ लड़ाकू विमान प्रदान करने का ऐलान अमरीका ने किया था। इसके परिणामक काफी भयकर होंगे, इसका अहसास रखनेवाले कुछ समझदार लोग भी हैं। लेकिन, सब कुछ वॉशिंग्टन, लंदन और अमरीका के यूरोपिय महासंघ में मौजूद हस्तकों के ज़रिये किया जा रहा है। यह पुरी रशिया को अपनी ‘कॉलनी’ बनाने की साज़िश का हिस्सा हैं। लेकिन, ऐसा करने के विचार से पश्चिमी देश अंगार से खेल रहे हैं, ऐसी चेतावनी रशियन विदेश मंत्री ने दी।

इसी बीच, कुछ दिन पहले ही रशिया ने अपने परमाणु अस्त्र बेलारूस में तैनात करने के लिए समझौता किया था। यह अस्त्र बेलारूस में तैनात हो रहे हैं, इसकी जानकारी इस देश के राष्ट्राध्यक्ष लुकाशिन्को ने प्रदान की थी। इसपर अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष की तीव्र प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। लेकिन, रशिया ने इसकी हमें परवाह ना होने का ऐलान किया है। इस वजह से वाकई यूक्रेन युद्ध भयंकर संहार की ओर अधिक तेज़ी से बढ़ता दिखने लगा है।

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