परमाणु देशों के बीच अविश्वास और मतभेद होना सर्वनाश को आमंत्रित करेगा

- संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव की चेतावनी

न्यूयॉर्क – ‘दुनियाभर के परमाणु अस्त्र धारी देशों के बेड़े में कुल मिलाकर १३,००० से भी अधिक परमाणु अस्त्र हैं। यह सभी देश अपने परमाणु अस्त्रों की सटिकता और विध्वंस करने क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। लेकिन, साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन परमाणु देशों के बीच एक-दूसरे के प्रति अविश्वास और मतभेद बढ़ रहे हैं। बढ़ रहा यह अविश्वास और अपने परमाणु अस्त्रों की क्षमता बढ़ाने की हो रही कोशिश विश्व के सर्वनाश को आमंत्रित करे’, ऐसा गंभीर इशारा संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने दी है। साथ ही परमाणु कार्यक्रम चला रहे देश शीघ्रता से परमाणु परिक्षण पर रोक लगाए, ऐसा आवाहन गुतेरस ने किया।

अविश्वास और मतभेद

संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा में मंगलवार को ‘इंटरनैशनल डे अगेन्स्ट न्युक्लियर टेस्टस्‌’ दिन मनाया गया। इस सभा में बोलते हुए राष्ट्र संघ के प्रमुख गुतेरस ने ‘कॉम्प्रिहेन्सिव न्यूक्लियर टेस्ट बैन ट्रिटी’ मंजूर करने के मुद्दे पर संबंधित देशों को आवाहन किया। किसी भी तरह की शर्त रखे बिना यह देश वर्णित समझौते पर हस्ताक्षर करके अपनी मंजूरी प्रदान करें, ऐसा गुतेरस ने इस दौरान कहा। इसके लिए गुतेरस ने बीते साल की गंभीर गतिविधियों पर ध्यान आकर्षित किया।

अविश्वास और मतभेद

‘वर्ष १९४५ से अब तक विश्व भर में २,००० से भी अधिक परमाणु परीक्षण किए गए। इसके स्थानीय जनता पर काफी गंभीर परिणाम हुए हैं। ज़हरिले गैस की वजह से उन्हें सांस लेने में भी तकलिफ हो रही हैं’, ऐसी जानकारी गुतेरस ने प्रदान की। इसी बीच इस वर्ष विभिन्न कारणों से परमाणु अस्त्र धारी देशों के बीच अविश्वास और मतभेद बढ़ने के मुद्दे पर गुतेरस ने चिंता जताई।

यह देश अपने बेड़े में कुल १३ हज़ार से भी अधिक परमाणु अस्त्र रखे हैं। लेकिन, इसके बावजूद इन देशों ने अपने परमाणु अस्त्रों की सटिकता और विनाश करने की क्षमता बढ़ाने की कोशिश जारी रखी होने के मुद्दे पर गुतेरस ने ध्यान आकर्षित किया। परमाणु परीक्षण रोकने के लिए और विश्व को परमाणु अस्त्र से मुक्त करने के लिए बड़े कदम उठाने की ज़रूरत गुतेरस ने बयान की। परमाणु परीक्षण पर स्थायी रोक लगने के बाद ही यह सबकुछ मुमकिन होगा, ऐसा दावा गुतेरस ने किया।

अविश्वास और मतभेद

संयुक्त राष्ट्र संघ के १९६ में से १८६ देशों ने ‘कॉम्प्रिहेन्सिव न्यूक्लियर टेस्ट बैन ट्रिटी’ पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं, १७८ देशों ने इस समझौते को मंजूरी प्रदान की हैं। अन्य आठ देशों ने इस समझौते को मंजूरी नहीं दी हैं, इसपर भी राष्ट्र संघ आलोचना कर रहा हैं। इन देशों में, अमरीका, चीन, इजिप्ट, ईरान, इस्रायल, उत्तर कोरिया, पाकिस्तान और भारत का समावेश हैं। इनमें से ईरान और इजिप्ट परमाणु कार्यक्रम चला रहे हैं। ईरान परमाणु बम बनाने के काफी करीब होने का दावा किया जा रहा है।

इसी बीच, पिछले कुछ दिनों से उत्तर कोरिया परमाणु हमला करने की धमकी अमरीका और मित्र देशों को लगातार दे रहा हैं। अपनी गश्ती पोतों पर परमाणु अस्त्र तैनात करने का ऐलान भी कर रहा हैं। इसके अलावा उत्तर कोरिया अब सातवां परमाणु परीक्षण करने की तैयारी में होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। इस वजह से कोरियन क्षेत्र में तनाव निर्माण हुआ हैं और इस स्थिति में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने किया आवाहन ध्यान आकर्षित कर रहा हैं।

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