अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में चीन का हस्तक्षेप – राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का गंभीर आरोप

अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में चीन का हस्तक्षेप – राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का गंभीर आरोप

वॉशिंग्टन  – ‘आगामी नवम्बर महीने में अमेरिका में होनेवाले मध्यावधि चुनावों में चीन हस्तक्षेप करके मेरे प्रशासन के विरोध में वातावरण बनाने की कोशिश कर रहा है।’ ऐसा खलबलीजनक आरोप अमेरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लगाया। व्यापार के मुद्दे पर चुनौती देने के कारण चीन मुझे अमेरिका के राष्ट्रपति पद पर नहीं चाहता इसीलिए वह ऐसी हरकतें कर रहा है, यह भी ट्रम्प ने अपने आरोप में कहा है। जब ट्रम्प सुरक्षा परिषद में चीन के हस्तक्षेप का मुद्दा प्रस्तुत कर रहे थे तभी अमेरिका के गुप्तचर प्रमुख ‘डैन कोट्‌स’ ने भी आगाह किया कि, अमेरिका की सायबरसुरक्षा पर चीन का धोखा बढ़ गया है।

मध्यावधी निवडणुक, हस्तक्षेप, UNSC meeting, चीन, जाहिरातबाजी, US, आशिया-पॅसिफिकअमेरिका में सन २०१६ में हुए राष्ट्रपति पद के चुनावों में रशिया द्वारा हस्तक्षेप किए जाने का आरोप ट्रम्प के विरोधकों ने लगाया था। इस मामले में ट्रम्प के निकटवर्तियों की पूछताँछ जारी है और अमेरिकी प्रणाली ने प्राथमिक अहवालों में रशिया का हाथ होने के दावे किए हैं। इसके मद्देनजर राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा मध्यावधि चुनावों में चीन के हस्तक्षेप के आरोप ध्यान आकर्षित करनेवाले साबित होते हैं। अपने आरोपों के समर्थन में अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीनद्वारा सरेआम दी गई धमकियों एवं अमेरिकी दैनिकों में छपनेवाले लेखों का प्रमाण दिया।

‘चीन द्वारा देस मॉईन्स रजिस्टर एवं अन्य दैनिकों में समाचार स्वरूप जोरदार विज्ञापनों एवं जानकारियों की बौछार जारी है’, ऐसा आरोप ट्रम्प ने लगाया। सुरक्षा परिषद की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन पर निशाना साधा। चीन नहीं चाहता कि, ‘मैं या मेरे नेतृत्त्व में सरकार को विजय प्राप्त हो।’ मैं चीन को व्यापार में चुनौति देनेवाला पहला राष्ट्रपति हूं इसलिए चीन मुझे नहीं चाहता है। अमेरिका व्यापार में जीत रहा है। प्रत्येक स्तर पर अमेरिका को सफलता प्राप्त हो रही है’, इन शब्दों में ट्रम्प ने चीन द्वारा जारी हस्तक्षेप की बात स्पष्ट।

पिछले सप्ताह भी राष्ट्रपति ट्रम्प ने मध्यावधि चुनावों के मुद्दों पर चीन को निशाना बनाया था। इसमें चीन द्वारा, अपना साथ देनेवाले अमेरिकी किसानों एवं श्रमिकों को निशाना बनाया जाने का आरोप लगाया था। इसी माध्यम से चीन को मध्यावधि चुनावों के नतीजे बदलने हैं इसलिए उन्होंने खुल्लमखुल्ला धमकी देने की बात कहकर ट्रम्प ने आगाह किया था। अमेरिका से व्यापार युद्ध में चीन द्वारा अमेरिकी उप्तादनों को निशाना बनाते हुए ट्रम्प का साथ देनेवाले राज्यों के उद्योगों को सर्वाधिक नुकसान होगा, ऐसी कार्यवाही किए जाने की बात का पता चली थी।

इसी दौरान जब राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प चीन को सुरक्षा परिषद में निशाना बना रहे थे तब, अमेरिका की गुप्तचर प्रणाली के प्रमुख ‘डैन कोट्‌स’ ने, चीन अमेरिका की सायबरसुरक्षा को सबसे बड़ा धोखा होने का संकेत दिया है। चीन जानबूझकर और प्रणालीबद्ध तरीके से अमेरिका के सायबरक्षेत्र में कार्यवाईयां कर रहा है यह दावा ‘डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजन्स’ कोट्‌स ने किया है। दो दिन पूर्व ही अमेरिका की गुप्तचर प्रणाली ‘सीआयए’ की प्रमुख जिना सैस्पेल ने चीन ‘एशिया-पैसिफिक’ एवं अन्य क्षेत्रों में उनके उद्देश्य पूरे करने के लिए अमेरिका का प्रभाव कम करने की कोशिश कर रहा है, ऐसा आरोप लगाया था।

English  मराठी

इस समाचार के प्रति अपने विचार एवं अभिप्राय व्यक्त करने के लिए नीचे क्लिक करें:

https://twitter.com/WW3Info
https://www.facebook.com/WW3Info