Breaking News

पूरी दुनिया के लिए खतरा बने चीन के दस या उससे अधिक टुकडे हो – बागी लेखक लिओ यिवु

बर्लिन/बीजिंग – ‘वर्तमान में चीन जैसा है इस स्थिति में वह दुनिया के लिए काफी खतरनाक है और ऐसे चीन के दस या उससे भी अधिक टुकडे हो, यह अपना सपना है’, ऐसा खलबली मचानेवाला वक्तव्य चीन के बागी लेखक लिओ यिवु इन्होंने किया है| चीन की सत्तारूढ कम्युनिस्ट हुकूमत के कडे आलोचक के तौर पर जाने जा रहे लिओ वर्तमान में जर्मनी में रह रहे है| उन्होंने चीन में तिआनमेन हत्याकांड का वास्तव जतानेवाली नई किताब लिखी है और इस पृष्ठभूमि पर उन्होंने दी हुई मुलाकात में उन्होंने जताई इच्छा पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रही है|

एक समय पर चीन के सत्तारूढ कम्युनिस्ट हुकूमत के लिए प्रचार लेखक के तौर पर लिओ यिवु इन्होंने काम किया था| लेकिन, उसके बाद उन्होंने लिखी १० से भी ज्यादा किताबों पर एवं कविताओं पर चीन में प्रतिबंध लगाए गए है| फिर भी सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कुछ हिस्सा प्रसिद्ध हो रहा है, यह कहा जा रहा है| तिआनमेन हत्याकांड पर लिखी ‘मैसाकर’ इस कविता की वजह से लिओ इन्हें पहली बार जेल जाना पडा था| उसके बाद चीन की आम जनता का दुःख जता रही उन्होंने लिखी किताबें चर्चा का केंद्र साबित हुई थी| वर्ष २००८ में चीन की सत्तारूढ हुकूमत का निषेध करने के लिए बनाए गए ‘चार्टर ०८’ इस घोषणापत्र में भी लिओं का समावेश था|

यूरोपियन वृत्तसंस्था को दी मुलाकात में लिओ यिवु ने चीन की वर्तमान की हुकूमत, राष्ट्राध्यक्ष शी जिनपिंग एवं चीन की हुकूमत का साथ दे रहे पश्‍चिमी देशों के नेतृत्वपर कडी आलोचना की है| ‘राष्ट्राध्यक्ष शी जिनपिंग इनकी तानाशाही हुकूमत में चीन का भविष्य काफी निराशा से भरा है, यह अपनी भावना है| ३० वर्ष पहले हमें एहसास हुआ था की, यदि चीन में जनतंत्र विकसित होने की दिशा में सफर शुरू होगा| लेकिन, अब सिर्फ धन प्राप्त करने के उद्योग शुरू है’, इन शब्दों में उन्होंने चीन की हुकूमत संभाल रहे नेताओं को लक्ष्य किया|

‘चीन के जो नागरिक नीति से जीवन जी रहे है, उन्हें गौण साबित किया गया है और जो सत्तारूढ पार्टी पर आलोचना किए बिना पैसा कमा रहे है, उन्हें वह चाहे वैसा जीवन जीने का अधिकार प्राप्त हो रहा है| राष्ट्राध्यक्ष जिनपिंग और कम्युनिस्ट पार्टी के अन्य नेताओं के बच्चे अमरिका में हार्वर्ड और अन्य बडे विद्यापीठों में शिक्षा प्राप्त कर रहे है| नेताओं की प्रेमिकाओं को भी अमरिकी विद्यापीठों में शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनुदान दिया जाता है’, ऐसे कडे शब्दों में उन्होंने सत्तारूढ हुकूमत के भ्रष्ट नेताओं पर आलोचना की है|

चीन की हुकूमत पर आलोचना से प्रहार करते समय इस हुकूमत का साथ दे रहे पश्‍चिमी देशों पर भी उन्होंने कडी आलोचना की| ‘तिआनमेन में हुए हत्याकांड के बाद सभी पश्‍चिमी देशों ने चीन पर आलोचना की थी| लेकिन, अब यही देश हत्याकांड के हत्यारे के साथ व्यापार करने के लिए एक दुसरे से झगड रहे है| साथ ही हत्याकांड का हत्यारा निष्पाप लोगों को पकडकर उनकी हत्या करने का उद्योग शुरू रखकर है’, इन कडे शब्दों में लिओ इन्होंने पश्‍चिमी देशों का दोगलापन उजागर किया| यह दोगलापन उजागर करने के साथ ही तिआनमेन का हत्याकांड चीन की इतिहास में निर्णायक मोड है, इसका एहसास भी इस चिनी लेखक ने दिलाया है|

पिछले आंठ वर्षों से बर्लिन में रहनेवाले लिओ इन्होंने, दुबारा चीन लौंटना अपने लिए खास चिंता की बात नही है, यह स्पष्ट किया| ‘मै, असल में सिचुआन से हू और वहा जाना मुझे पसंत होगा| सिचुआन जब भी आजाद होगा, तब मैं बडे आनंद से लौंटूंगा’, ऐसे सूचक वक्तव्य लिओ इन्होंने किया है|

English मराठी

इस समाचार के प्रति अपने विचार एवं अभिप्राय व्यक्त करने के लिए नीचे क्लिक करें:

https://twitter.com/WW3Info
https://www.facebook.com/WW3Info