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चीन की तरह ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक’ का इस्तेमाल ‘सर्व्हिलन्स स्टेट’ तैयार करने के लिए ना हो – यूरोपिय महासंघ के अवहाल में दर्ज चेतावनी

ब्रुसेल्स – ‘आर्टिफिशल इंटेलिजन्स’ (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) तकनीक का इस्तेमाल चीन तरह अपने ही नागरिकों की जासूसी करनेवाले ‘सर्व्हिलन्स स्टेट’ की तरह ना हो, यह कडी चेतावनी यूरोपिय महासंघ के नए अहवाल में दर्ज की गई है| दो महीने पहले एक अमरिकी समाचार पत्र ने यह समाचार दिया है की, चीन अपने ही देश में अल्पसंख्यांक उघुरवंशी इस्लामधर्मियों पर जासूसी करने के लिए ‘आर्टिफिशल इंटेलिजन्स’ तकनीक पर आधारीत ‘फेशिअल रेकग्निशन’ का इस्तेमाल कर रहा है| इस पृष्ठभूमि पर यूरोपियन कमिशन ने ‘एथिकल गाईडलाईन्स फॉर ट्रस्टवर्दी एआई’ नाम का अहवाल प्रसिद्ध किया है और इसमें नीजि जीवन, पारदर्शिता और भेदभाव के मुद्दे पर ध्यान दिया गया है|

यूरोपिय कमिशन के ‘डिजिटल इकॉनॉमी ऍण्ड सोसायटी’ विभाग की आयुक्त मरिया गॅब्रिएल ने ‘आर्टिफिशल इंटेलिजन्स’ के बारे में अहवाल प्रसिद्ध किया| ‘आर्टिफिशल इंटेलिजन्स’ तकनीक विश्‍वासार्ह हो, यह कहकर यूरोपियन विशेषज्ञों ने रखी सिफारिश इसी के पक्ष में है, यह बात आयुक्त मारिया गॅब्रिएल ने स्पष्ट की| ‘आर्टिफिशल इंटेलिजन्स’ तकनीक से नीजि जीवन का आदर हो, पारदर्शित बरकरार रहे और भेदभाव से दूर रहें, इन शब्दों में यूरोपिय महासंघ की भूमिका रखी|

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अहवाल में दो अहम स्तर है| इसमें से पहले स्तर पर विश्‍वासार्ह ‘आर्टिफिशल इंटेलिजन्स’ तकनीक के लिए नैतिक मार्गदर्शक तत्वों की रचना का विचार किया गया है| वही, दुसरे स्तर पर यूरोप में विश्‍वासर्ह ‘आर्टिफिशल इंटेलिजन्स’ तकनीक के लिए नीति और निवेश की सिफारिश करने पर ध्यान दिया गया है| दुसरे स्तर में ११ मुद्दों का समावेश है| इनमें यूरोपियन जनता को ‘आर्टिफिशल इंटेलिजन्स’ तकनीक की क्षमता, मर्यादा और खतरों का एहसास कराने का जिक्र है| साथ ही इस तकनीक से बनते खतरों से नागरिकों की रक्षा करने के मुद्दे को अहमियत देने को यूरोपियन युनियन की इस अहवाल में कहा गया है|

दो महीने पहले अमरिकी समाचार पत्र ने प्रसिद्ध किए वृत्त में, चीन की हुकूमत ने ‘आर्टिफिशल इंटेलिजन्स’ तकनीक की सहायता से करीबन एक करोड से अधिक उघुरवंशी नागरिकों की जानकारी इकठ्ठा करने का दावा किया गया था| देश के किसी भी कोने में सुरक्षा यंत्रणा तकनीक के बल पर इन नागरिकों पर नजर रखना सरकार को मुमकिन होगा, यह चौकानेवाली बात इस दौरान सामने आयी थी| इस प्रावधान के लिए चीन ने लगातार आतंकविरोधी मुहिम और सुरक्षा का कारण आगे किया है|

यह जानकारी प्राप्त करते समय चीनने अपने नागरिकों के लिए ‘सोशल क्रेडिट सिस्टीम’ कार्यरत की है| इसका इस्तेमाल चीन हुकूमत के लिए खतरा समझे गए लोगों पर सार्वजनिक जगहों के साथ अन्य अहम जगहों पर प्रवेश देने से इन्कार करने के लिए होने की बात स्पष्ट हुई है|

कुछ महीनें पहले माहिती एवं तकनीक क्षेत्र में दुनिया की शीर्ष कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ने ‘फेशिअल रेकग्निशन’ तकनीक का इस्तेमाल करके काफी बडे दायरे में सामुहिक गश्त करना शुरू हो सकता है, यह इशारा भी दिया था| इस पृष्ठभूमि पर यूरोपिय कमिशन का अहवाल और इसमें चीन का किया गया जिक्र ध्यान आकर्षित करता है|

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