Breaking News

रशिया का ‘डूम्स डे मिसाइल’ कभी भी, कहीं भी यकायक हमला कर सकता है – ब्रिटीश गुप्तचर प्रमुख का इशारा

लंदन/मॉस्को – रशिया ने सबसोनिक वर्ग का परमाणु क्रूज़ मिसाइल विकसित करना शुरू किया है। यह मिसाइल विश्‍व में कभी भी, कहीं भी यकायक हमलां कर सकता है, ऐसा इशारा ब्रिटेन के डिफेन्स इंटेलिजन्स के प्रमुख लेफ्टनंट जनरल जिम हॉकेनहल ने दिया। रशिया से सारे विश्‍व के लिए खतरा निर्माण होगा, ऐसे विध्वंसक हथियारों का निर्माण हो रहा है और विज्ञान की मर्यादा पार करने की कोशिश भी की जा रही है, ऐसा इसारा ब्रिटीश गुप्तचर प्रमुख ने दिया। रशिया की यह नई मिसाइल कई वर्ष तक आकाश में रह सकती है, ऐसा दावा भी लेफ्टनंट जनरल जिम हॉकेनहल ने किया है।

वर्ष २०१८ में रशियन राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन ने विश्‍वभर के माध्यमों के सामने रशिया के सामर्थ्य का प्रदर्शन किया था। भविष्य में विश्‍वयुद्ध  हुआ तो रशिया की तैयारी क्या होगी, इसकी झलक राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने विश्‍व को दिखाई थी। इसके बाद बीते दो वर्षों में रशिया ने लगातार प्रगत परमाणु हथियार एवं मिसाइलों की प्रगत आवृत्ति का परीक्षण करना जारी रखा है। इसमें त्सुनामी निर्माण करके पूरा शहर तबाह करने की क्षमता रखनेवाले ‘पोसायडन’ नामक ‘डूम्स डे’ ड्रोन, ‘ऐवैनगार्ड’ हायपरसोनिक मिसाइल और ‘डूम्स डे’ मिसाइल जैसे हथियार शामिल हैं।

ब्रिटीश गुप्तचर प्रमुख ने दिया इशारा ‘ब्युरवेस्टनिक मिसाइल’ के नाम से जाने जा रहे मिसाइल से संबंधित होने की बात समझी जा रही है। अमरीका और नाटो ने इस मिसाइल को ‘स्कायफॉल’ नाम दिया है। बीते वर्ष रशिया के ‘सेवेर्दोविंच’ शहर में हुआ रहस्य से भरा विस्फोट इसी मिसाइल के परीक्षण से संबंधित था, ऐसा कहा जा रहा है। विस्फोट के समय मिसाइल में इस्तेमाल होनेवाले न्युक्लियर रिएक्टर की क्षमता की जाँच हो रही थी, यह दावा भी किया गया।

ब्रिटीश माध्यमों ने साझा की हुई जानकारी के अनुसार विश्‍व के प्रमुख देशों के समावेश वाले ‘फाईव आईज्‌’ गुट की बैठक में रशिया के मिसाइल का मुद्दा उपस्थित किया गया था। इस गुट में अमरीका के साथ ब्रिटेन, कनाड़ा, ऑस्ट्रेलिया और न्युज़ीलैण्ड का समावेश है और यह गुट दूसरे विश्‍वयुद्ध के समय स्थापित किया गया था। इन पांच देशों की गुप्तचर यंत्रणाओं की बैठक में रशियन ‘डूम्स डे मिसाइल’ का मुद्दा उपस्थित होना और इसके बाद ब्रिटीश गुप्तचर प्रमुख ने इसको लेकर इशारा देना ध्यान आकर्षित करता है।

बीते महीने में ही रशिया ने अपनी परमाणु नीति में बड़े बदलाव करने का ऐलान किया था। इसमें रशिया या रशिया के मित्रदेशों पर बैलेस्टिक मिसाइल छोड़े गए तो उसे रशिया पर हुआ परमाणु हमला माना जाएगा और इस पर रशिया से परमाणु हमले से प्रत्युत्तर प्राप्त होगा, ऐसा इशारा दिया गया था।

मराठी

इस समाचार के प्रति अपने विचार एवं अभिप्राय व्यक्त करने के लिए नीचे क्लिक करें:

https://twitter.com/WW3Info
https://www.facebook.com/WW3Info