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चीन और रशिया ने अंतरिक्ष क्षेत्र को युद्धभूमि में रूपांतरित किया – अमरिकी रक्षामंत्री मार्क एस्पर

वॉशिंग्टन – चीन और रशिया ने एक समय पर शांति से भरे क्षेत्र के तौर पर जाने जा रहे अंतरिक्ष क्षेत्र को युद्धभूमि में रूपांतरित किया है। किलर सैटेलाईटस्‌, डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स और अधिक से अधिक घातक हथियारों से यह दोनों देश अंतरिक्ष में मौ्जूद अमरीका की यंत्रणा नाकाम करने की कोशिश कर रहे हैं। अंतरिक्ष की सज्जता के माध्यम से चीन और रशिया रक्षा क्षेत्र में अमरीका के वर्चस्व को चुनौती दे रहे हैं, ऐसा आरोप अमरिकी रक्षामंत्री मार्क एस्पर ने किया। कुछ दिन पहले ही अमरिकी रक्षा विभाग ने जारी किए रपट में अंतरिक्ष क्षेत्र में चीन ने अपनाई महत्वाकांक्षा की ओर ध्यान आकर्षित किया था।

मार्क एस्पर

अमरीका में हुई ‘एअरफोर्स असोसिएशन’ की वर्च्युअल बैठक में रक्षामंत्री एस्पर ने चीन और रशिया की अंतरिक्ष में जारी हरकतों का एहसास कराया। अगले कुछ वर्षों में चीन और रशिया इन दोनों देशों ने अंतरिक्ष क्षेत्र पर वर्चस्व स्थापित करने के लिए आक्रामक कदम उठाए हैं। मई में चीन ने अपने ‘स्पेस स्टेशन’ के लिए ‘लौंग मार्च ५ बी’ नामक रॉकेट अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया था। इससे पहले चीन ने ‘ऐंटी सैटेलाईट मिसाइल्स’ विकसित करने की जानकारी सामने आयी थी। चांद पर एवं मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यात्री भेजने की मुहिम भी तेज़ की गई है और अंतरिक्ष में अपना स्थान निर्माण करने के लिए भी चीन गतिविधियां कर रहा है।

चीन की अंतरिक्ष में जारी गतिविधियों को रशिया का सहयोग प्राप्त होने की बात स्पष्ट हुई है। चीन की जारी कई मुहिमों में रशियन कंपनियां एवं विशेषज्ञ शामिल हैं। दोनों देशों में अतंरिक्ष क्षेत्र से संबंधित हुए समझौते भी इसी की पुष्टी करते हैं। जुलाई में रशिया ने गुप्त रूप से उपग्रह विरोधी मिसाइल का परीक्षण करके सनसनी मचाई थी। इन सभी गतिविधियों पर अमरीका ने गंभीरता से संज्ञान लिया है, यह बात रक्षामंत्री के इशारे से दिख रही है। चीन और रशिया की अंतरिक्ष में जारी गतिविधियों के खिलाफ़ अमरीका ने कदम उठाना शुरू किया है, यह बात भी एस्पर ने स्पष्ट कही।

मार्क एस्पर

अमरीका का रक्षा विभाग अंतरिक्ष में वर्चस्व स्थापित करने के लिए आवश्‍यक प्रगत तकनीक के लिए बड़ा निवेश कर रहा है। रक्षा विभाग के इतिहास में अंतरिक्ष क्षेत्र की तैयारी के लिए सबसे बड़ा प्रावधान किया गया है। इसमें हायपरसोनिक वेपन्स, डायरेक्टेड एनर्जी सिस्टिम और स्वयंचलित तकनीक का समावेश है, यह बात भी अमरिकी रक्षामंत्री ने कही। अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने बीते दो वर्षों में अंतरिक्ष में अमरीका की तैयारी बढ़ाने के लिए पहल की है। अमरिकी रक्षा बल के छठे कमांड़ के तौर पर ‘स्पेस फोर्स’ का गठन किया और इसके लिए ७० अरब डॉलर्स से अधिक प्रावधान करने का निर्णय करना इसी की गवाही दे रहा है।

अमरीका के साथ ब्रिटेन ने भी रशिया और चीन की अंतरिक्ष में जारी गतिविधियों का संज्ञान लिया है। दो महीने पहले ब्रिटेन ने इससे संबंधित चेतावनी भी जारी की थी। अंतरिक्ष क्षेत्र का शांति के साथ इस्तेमाल करने को रशिया और चीन से खतरा बढ़ रहा है। इस पृष्ठभूमि पर ब्रिटेन अपनी अंतरिक्ष संबंधित नीति में बड़े बदलाव करेगा और इसके आगे रशिया एवं चीन की अंतरिक्ष में जारी हरकतों पर ब्रिटेन ज़वाब देगा, यह इशारा भी ब्रिटेन के रक्षामंत्री बेन वॉलेस ने किया था।

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