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यूरोप के समर्थन से ग्रीस दूसरा इस्रायल बना – तुर्की विश्‍लेषक का दावा

अथेन्स/इस्तंबूल – भूमध्य समुद्री क्षेत्र के मौजूदा तनाव की पृष्ठभूमि पर ग्रीस के नेतृत्व ने अपनाई नीति इस्रायली नेताओं की तरह है। यूरोपिय महासंघ से ग्रीस को हमेशा और बिना शर्त समर्थन प्राप्त हो रहा है और यह समर्थन इस्रायल को अमरीका से प्राप्त हो रहे समर्थन से समानता दर्शाता है। भूमध्य समुद्री क्षेत्र में ग्रीस भी इस्रायल की तरह ही आतंकी दावे कर रहा है, इन शब्दों में तुर्की के विश्‍लेषक तल्हा कोस ने ग्रीस अब दूसरा इस्रायल बन रहा है, यह आरोप किया है। भूमध्य समुद्री क्षेत्र के अधिकारों के मुद्दे पर ग्रीस और तुर्की के बीच बड़ा तनाव निर्माण हुआ हैं। इस तनाव के पृष्ठभूमि पर ग्रीस ने अपनी रक्षा तैयारी बढ़ाने के लिए आक्रामक कदम उठाए हैं और इसका दाखिला देकर तुर्की के विश्‍लेषक ने ग्रीस की तुलना इस्रायल के साथ की हैं।

ग्रीस की ‘पेंटापोसस्टैग्मा जीआर’ नामक न्यूज वेबसाईट ने यह वृत्त जारी किया है। ग्रीस और फ्रान्स के बीच बढ़ रहा सहयोग दोनों देशों के लिए बुरी ख़बर लानेवाला साबित हो सकता है। इस क्षेत्र के अन्य किसी भी देश से अधिक तुर्की लष्करी नज़रिए से अधिक ताकतवर देश है। ग्रीस दूसरे इस्रायल की तरह गतिविधियां कर रहा है, लेकिन, तुर्की पैलेस्टाईन नहीं है। तुर्की की लष्करी क्षमताओं का अहसास ग्रीस को होना चाहिए, यह इशारा भी तुर्की विश्‍लेषक कोस ने दिया। तुर्की की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितसंबंधों को हानी पहुँचाई तो तुर्की के सामर्थ्य के विरोध में कोई भी देश ग्रीस का बचाव नहीं कर पाएगा, यह इशारा भी उन्होंने दिया।

तुर्की से प्राप्त हुए इस इशारे के पीछे फ्रान्स और ग्रीस के बीच बढ़ रहा रक्षा सहयोग, यूरोप और अमरीका ने कड़े शब्दों में तुर्की को दी हुई समझ और ग्रीस ने किए नए नौसेना अड्डे का संदर्भ है। फ्रान्स ने ग्रीस को १८ लड़ाकू रफायल विमान देने की तैयारी की है। साथ ही ग्रीस के कानूनी संप्रभुता के अधिकारों के लिए यूरोप ड़टकर खड़ा रहेगा, ऐसा सख्त इशारा यूरोपिय महासंघ ने दिया है। अमरिकी विदेशमंत्री माईक पोम्पिओ ने हाल ही में ग्रीस की यात्रा करके तुर्की के विरोध में जारी विवाद में अमरीका ग्रीस के पीछे खड़ी है, यह संकेत दिए हैं। अमरीका अपनी ‘यूएसएस हर्शेल वुडी विल्यम्स’ नामक ‘एक्सपीडीशनरी सी बेस’ वर्ग की युद्धपोत ग्रीस के नौसेना अड्डे पर तैनात करेगी, यह ऐलान भी अमरिकी विदेशमंत्री ने किया।

अमरीका और यूरोप से पुख्ता समर्थन प्राप्त होते हुए ग्रीस ने क्रेटे द्विप पर नौसेना का नया अड्डा स्थापित करने का ऐलान किया है। ग्रीस के रक्षामंत्री निकोल पैनागिओटोपलस ने संसद में यह जानकारी साझा की। भूमध्य समुद्री क्षेत्र में ग्रीस की रक्षा क्षमता अधिक मज़बूत करने के लिए यह निर्णय किया गया है, यह बयान ग्रीक रक्षामंत्री ने किया। मौजूदा स्थिति में क्रेटे द्विप के सौदा बे क्षेत्र में ग्रीस की नौसेना का अड्डा कार्यरत है और इसी क्षेत्र में अमरीका और नाटो का अड्डा भी सक्रिय है।

अगस्त महीने में तुर्की ने अपना ‘ओरूक रेईस’ नामक ‘रिसर्च शिप’ दो जहाज़ों के साथ भूमध्य समुद्री क्षेत्र में, ग्रीस के कैस्टेलोरीज़ो द्विप के करीब अनुसंधान के कार्य के लिए पहुँचने का एकतरफा ऐलान किया था। तुर्की के इस ऐलान पर ग्रीस समेत यूरोपिय देश और नाटो ने तीव्र प्रतिक्रिया दर्ज़ की थी। ग्रीस ने अपने रक्षाबलों को हायअलर्ट पर रखकर तुर्की की गतिविधियों पर गश्‍त करना शुरू किया था। इसके साथ ही ग्रीस ने भूमध्य समुद्री क्षेत्र में फ्रान्स के साथ युद्धाभ्यास भी किया था। इसी बीच अपनी मुहिम का समर्थन करने के लिए तुर्की ने इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में रक्षा तैनाती  करके एक के पीछे एक लगातार युद्धाभ्यास किए थे। तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने इतिहास के दाखिले देकर यूरोपिय देशों को भी धमकाया था। इस पृष्ठभूमि पर ग्रीस की बढ़ती लष्करी तैयारी और तुर्की ने इस्रायल का ज़िक्र करके दिया इशारा ध्यान आकर्षित कर रहा है।

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