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अगले कुछ दशकों तक कोरोना की महामारी का खामीयाजा भुगतना पड़ेगा – संयुक्त राष्ट्रसंघ के प्रमुख का इशारा

न्यूयॉर्क – कोरोना की महामारी ने अब तक जो कुछ नुकसान पहुँचाया है इसका हर्ज़ाना अगले कुछ वर्षों तक, बल्कि दशकों तक पूरा नहीं होगा, ऐसी चेतावनी संयुक्त राष्ट्रसंघ के प्रमुख एंटोनिओ गुतेरस ने दी है। सूखा, दरिद्रता एवं मंदी जैसे संकटों की तीव्रता कोरोना की वजह से अधिक बढ़े हैं, इस ओर भी उन्होंने ध्यान आकर्षित किया है। महामारी के दौर में कुछ देशों ने जागतिक यंत्रणाओं की सूचना नजरअंदाज़ करके और इसके विपरित परिणाम आगे दिखाई दिए हैं, इस बात का अहसास भी उन्होंने कराया। विश्‍वभर में कोरोना से संक्रमित हुए लोगों की संख्या साड़ेछह करोड़ तक जा पहुँची है और मृतकों की संख्या १५ लाख हुई है।

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विश्‍व के कई देशों में कोरोना की दूसरी लहर देखी जा रही है। अमरीका, यूरोप, एशिया और अफ्रिकी महाद्विप के अधिकांश देशों में कोरोना की दूसरी लहर उठ रही है और संक्रमितों की संख्या में तेज़ बढ़ोतरी होती दिखाई दे रही है। बीते सप्ताह में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या छह करोड़ तक जा पहुँचने की जानकारी साझा की गई थी। इसके बाद मात्र सात दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या में ५० लाख से बढ़ी हुई दिख रही है। इस पृष्ठभूमि पर संयुक्त राष्ट्रसंघ के प्रमुख ने जारी किया इशारा ध्यान आकर्षित करनेवाला बन रहा है।

‘हम स्वयं को मुर्ख बनाकर नहीं रह सकते। कोरोना का टीका उपलब्ध हुआ हो तब भी इस महामारी ने अब तक पहुँचाए नुकसान का हर्ज़ाना नहीं हो सकता। इस दौरान हुआ नुकसान विश्‍व को आगे कई वर्षों तक बल्कि कई दशकों तक भुगतना पड़ेगा। दरिद्रता का दायरा बढ़ रहा है और कई देशों में सूखे की स्थिति गंभीर होने के संकेत प्राप्त हुए हैं। विश्‍व बीते आठ दशकों की सबसे बड़ी आर्थिक मंदी का मुकाबला कर रहा है। असमानता एवं मौसम के बदलावों जैसी चुनौतियों की तीव्रता एवं दायरा भी बढ़ता हुआ दिख रहा है’, इन शब्दों में संयुक्त राष्ट्रसंघ के प्रमुख एंटोनिओ गुतेरस ने कोरोना की महामारी के होनेवाले असर को लेकर चेतावनी दी है।

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कम एवं मध्यम आय के सभी देशों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हुआ है, यह बात बयान करके कर्ज का भुगतान करना है या बुनियादी सुविधाओं का काम आगे बढ़ाना है, ऐसी दुविधा में यह देश फंसे हैं, इस स्थिति का भी गुतेरस ने अहसास कराया। इन देशों को तुरंत आर्थिक सहायता की आवश्‍यकता है, यह बयान भी उन्होंने इस दौरान किया। साथ ही विश्‍वभर में सभी नागरिकों को कोरोना का टीका उपलब्ध करने के लिए शुरू किए गए उपक्रम में १८० से अधिक देश शामिल होने पर गुतेरस ने संतोष व्यक्त किया।

इसी बीच, विश्‍वभर में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या ६,५१,६९,१०४ तक जा पहुँचने की जानकारी जॉन हॉपकिन्स युनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन ने साझा की है। इसके साथ ही कोरोना के मृतकों की संख्या अब तक १५,०५,५२७ होने की बात कही गई है। अमरीका, यूरोप और लैटिन अमरिकी देशों में कोरोना का संक्रमण तेज़ होने की बात सामने आयी है। तभी यूरोप के अधिकांश देशों में दुबारा ‘लॉकडाउन’ शुरू किया गया है और अमरीका में भी बड़े प्रांतों ने प्रतिबंध अधिक सख्त करने का ऐलान किया है।

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