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खाड़ी क्षेत्र में हुई अमरिकी ‘बॉम्बर्स’ की नई तैनाती

वॉशिंग्टन – अमरीका के दो नए परमाणु वाहक ‘बी-५२एच’ बॉम्बर विमान खाड़ी क्षेत्र में दाखिल हुए हैं। इस क्षेत्र के अरब मित्रदेशों की सुरक्षा के लिए अमरीका कटीबद्ध है, यही दिखाने के लिए इन विमानों की तैनाती होने का बयान अमरीका के ‘सेंटकॉम’ ने किया है। बीते ४५ दिनों में अमरीका ने इस क्षेत्र में ‘बॉम्बर’ विमानों की तैनाती करने की यह तीसरी घटना होने की ओर अमरिकी माध्यम ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। अमरीका की परमाणु पनडुब्बी ‘यूएसएस जॉर्जिया’ कुछ दिन पहले ही इस समुद्री क्षेत्र में दाखिल हुई थी।

अमरीका स्थित ‘नॉर्थ डाकोटा’ के हवाई अड्डे से उड़ान भरकर ‘बी-५२एच बॉम्बर’ विमान ३० घंटे का सफर करके बुधवार के दिन पर्शियन खाड़ी में दाखिल हुए। खाड़ी क्षेत्र के लिए अमरीका ने स्थापित की हुई अमरिकी सेना के ‘सेंट्रल कमांड’ यानी ‘सेंटकॉम’ ने इन बॉम्बर विमानों की तैनाती की जानकारी साझा की। इस क्षेत्र में मौजूद आक्रामक और खतरनाक शत्रुओं से अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा करने के लिए अमरीका कटीबद्ध है, यह आश्वासन देने के लिए इन विमानों की तैनाती होने का बयान ‘सेंटकॉम’ के प्रमुख जनरल फ्रैंक मैकेन्ज़ी ने किया है।

इन विमानों ने खाड़ी क्षेत्र के देशों की हवाई सीमा में प्रवेश करने के साथ ही पर्शियन खाड़ी में गश्‍त लगाई। परमाणु बम से सज्जित इन ‘स्ट्रैटोफोर्टेस’ यानी ‘बी-५२एच’ बॉम्बर विमानों का गश्‍त लगाना यानी ईरान के लिए इशारा होने का बयान अमरीका के वरिष्ठ सेना अधिकारी ने किया है। इराक के साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमरीका के हितसंबंधों को लक्ष्य करने की धमकी ईरान के नेता और लष्करी अधिकारी लगातार दे रहे हैं। इस पृष्ठभूमि पर इन विमानों की तैनाती हुई है, ऐसा अमरिकी अफसरों का कहना है।

लगभग एक वर्ष पहले अमरीका के हवाई हमले में ईरान की कुदस्‌ फोर्सेस के प्रमुख मेजर जनरल कासेम सुलेमानी मारे गए थे। इस घटना को आनेवाले रविवार के दिन एक वर्ष पूरा हो रहा है। सुलेमानी की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए ईरान और ईरान से जुड़े आतंकी गुट अवसर की प्रतिक्षा में होने का दावा किया जा रहा है। ईरान के वरिष्ठ लष्करी अधिकारी धमका रहे हैं कि, सुलेमानी की हत्या का प्रतिशोध काफी भीषण होगा। इराक में मौजूद ईरान से जुड़े आतंकी संगठनों ने कुछ दिन पहले बगदाद में स्थित अमरिकी दूतावास पर रॉकेट हमले किए थे।

ऐसी स्थिति में ईरान के हमले होने की संभावना बढ़ने से ही अमरीका ने इन ‘बॉम्बर्स’ की तैनाती करके ईरान को इशारा दिया है। अमरीका के इन बॉम्बर विमानों की तैनाती के बाद ईरान ने तीव्र प्रतिक्रिया दर्ज़ की है। ईरान पर हमला करने के लिए अमरीका अवसर की तलाश में है। अमरीका झूठे हमले का कारण बताकर ईरान पर कार्रवाई करेगी, ऐसी संभावना भी ईरान के विदेशमंत्री जावेद ज़रिफ ने जताई है।

“बी-५२ बॉम्बर्स’ और युद्धपोतों का बेड़ा इस क्षेत्र में रवाना करके राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प अमरीका के अरबों डॉलर्स बरबाद कर रहे हैं। इराक में मौजूद गुप्तचरों ने प्रदान की हुई जानकारी के अनुसार ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के लिए अमरीका अवसर की तलाश में है। ईरान को युद्ध नहीं करना है, लेकिन अपनी जनता की सुरक्षा के लिए ईरान अधिक आक्रामकता से युद्ध में शामिल होगा’, ऐसी धमकी भी ईरान के विदेशमंत्री ज़रिफ ने दी है।

इसी बीच, पर्शियन खाड़ी में परमाणु हथियारों से सज्जित बॉम्बर्स और परमाणु पनडुब्बी की तैनाती करने के साथ ही अमरीका ने इस क्षेत्र में तैनात विमान वाहक ‘यूएसएस निमित्ज़’ युद्धपोत को पीछे हटाया है, ऐसी खबरें भी प्रसिद्ध हुई हैं।

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