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ईरान, उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रमुख की चेतावनी

वियना – अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने ईरान और उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तीव्र चिंता जताई है। परमाणु समझौते के नियमों का उल्लंघन कर रहे ईरान पर भरोसा करना कठिन है। साथ ही उत्तर कोरिया परमाणु अस्त्र के निर्माण के लिए आवश्‍यक प्लुटोनियम पर काम कर रहा है, यह इशारा ग्रॉसी ने दिया। अगले कुछ हफ्तों में ईरान के साथ परमाणु समझौता होगा, यह उम्मीद अमरीका का बायडेन प्रशासन व्यक्त कर रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रमुख ने उत्तर कोरिया समेत ईरान को लेकर दी हुई यह चेतावनी राजनीतिक नज़रिये से ध्यान आकर्षित कर रही है।

ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में स्थित अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग के मुख्यलय में सोमवार के दिन ३५ सदस्य देशों के ‘बोर्ड ऑफ गवर्नर्स’ की त्रैमासिक बैठक हुई। इस बैठक में आयोग के अध्यक्ष ग्रॉसी ने ईरान और उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियाँ चिंताजनक होने का इशारा दिया। बीते कुछ महीनों में ईरान के साथ काम करना काफी कठिन हुआ है। परमाणु प्रकल्पों के परीक्षण पर ईरान ने लगाए मर्यादाओं का दाखिला देकर ग्रॉसी ने यह दावा किया। ईरान ने आयोग के निरीक्षकों को तीन महिनों की सहुलियत प्रदान की है, लेकिन परमाणु प्रकल्प में जाकर प्रत्यक्ष निरीक्षण करने पर पाबंदी लगाई है, इस बात का ज़िक्र ग्रॉसी ने किया।

‘आयोग के निरीक्षकों के साथ पूरी तरह से सहयोग किया जाएगा और तीन जगहों पर बरामद हुए ‘न्यूक्लिअर मटेरियल पार्टिकल्स’ के मुद्दे पर आवश्‍यक खुलासा किया जाएगा, यह बात ईरान ने मार्च में स्वीकारी थी। साथ ही जून तक इस मसले का हल निकलेगा, यह वादा ईरान ने किया था। लेकिन, ईरान ने परमाणु ऊर्जा आयोग को प्रदान की हुई अस्थायी सहुलियत २४ जून के दिन खत्म हो रही है। अभी भी ईरान ने आयोग के सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं दिए हैं। साथ ही अपना परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण होने की बात भी साबित नहीं की है। इस वजह से ईरान पर भरोसा करना कठिन है’, यह इशारा ग्रॉसी ने दिया।

इसी बीच ग्रॉसी ने उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियों को लेकर भी विश्‍व को सावधान किया है। वर्ष २००९ में उत्तर कोरिया ने परमाणु ऊर्जा आयोग के निरीक्षकों को देश से बाहर निकाला था। तभी से उत्तर कोरिया के परमाणु प्रकल्पों का निरीक्षण करना मुमकिन नहीं हुआ है। लेकिन, उत्तर कोरिया के परमाणु प्रकल्प के करीब जारी गतिविधियाँ एवं निर्माण कार्य को देखें तो यह देश प्लुटोनियम पर काम कर रहा है, यह आशंका ग्रॉसी ने व्यक्त की। उत्तर कोरिया ने दो वर्ष पहले योंगब्यॉन परमाणु प्रकल्प बंद किया है, फिर भी राजधानी प्योंगयांग के करीबी कैंग्सन में जारी परमाणु गतिविधियाँ काफी खतरनाक होने की बात पर ग्रॉसी ने ध्यान आकर्षित किया।

इसी बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रमुख ग्रॉसी ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर किए बयान पूर्वग्रह से दूषित एवं अवास्तविक होने का आरोप आयोग में मौजूद ईरान के विषेश दूत कज़ेम घरीबाबादी ने लगाया है।

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