विश्‍वभर में कोरोना के मृतकों की संख्या ५० लाख पर

वॉशिंग्टन – विश्‍वभर में कोरोना की महामारी से मृत हुए लोगों की संख्या बढ़कर ५० लाख हुई है। अमरीका की ‘जॉन हॉपकिन्स युनिवर्सिटी’ ने यह जानकारी सार्वजनिक की। सबसे अधिक, तकरीबन साडे सात लाख कोरोना संक्रमित अमरीका में मृत हुए है। इसके बाद ब्राज़िल और भारत में अधिकतम कोरोना संक्रमित मृत हुए हैं। कुछ दिन पहले ही कोरोना का नया ‘वेरियंट’ सामने आया है और यूरोप में मृतकों की संख्या बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। साथ ही चीन में भी कोरोना की महामारी का नया विस्फोट हुआ है और इसे काबू करने में स्थानीय यंत्रणाओं को अब तक सफलता प्राप्त नहीं हुई है।

५० लाखांवर, ५० लाख

अमरीका की ‘जॉन हॉपकिन्स युनिवर्सिटी’ ने साझा की हुई जानकारी के अनुसार विश्‍वभर में कोरोना से मृत हुए लोगों की संख्या ५० लाख १ हज़ार ९३२ तक जा पहुँची है। इनमें से सबसे अधिक ७ लाख ४५ हज़ार ८३७ संक्रमित अमरीका में मृत हुए हैं। इसके बाद ब्राज़िल में ६ लाख ७ हज़ार ८२४ संक्रमितों की मौत हुई हैं। इसके अलावा भारत, मेक्सिको और पेरू में अधिकतम संक्रमितों की मौत हुई। विश्‍व के कुल १३ देशों में १ लाख से अधिक संक्रमितों की मौत होने की जानकारी सामने आयी है। तो, विश्‍व में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या २४ करोड़ ६८ लाख तक जा पहुँची है।

कोरोना की महामारी का फैलाव शुरू होने के दो वर्ष पूरे होने से पहले ही कोरोना के मृतकों की संख्या ५० लाख तक जा पहुँचना चिंताजनक बात होने का बयान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने किया है। विश्‍व में सबसे अधिक लोगों को शिकार करनेवाली बिमारियों की सूचि में कोरोना तीसरे स्थान पर होने की जानकारी विशेषज्ञों ने प्रदान की। महामारी शुरू होने के बाद इसके ‘हॉटस्पॉट’ लगातार बदल रहे हैं और फिलहाल रशिया, युक्रैन समेत पूर्व यूरोप के देशों में कोरोना मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। रशिया में बीते कुछ दिनों से लगातार कोरोना के मृतकों की संख्या के नए रिकार्ड दर्ज़ हो रहे हैं, यह जानकारी भी सामने आयी है।

वर्ष २०१९ के अन्त में चीन से फैलने वाली कोरोना की महामारी ने विश्‍वभर में मचाया हुआ हाहाकार अब भी कायम है। विश्‍व के कई प्रमुख देशों में इस महामारी की तीसरी लहर टकराई है। कोरोना की महामारी शुरू होने के बाद पहले १० लाख संक्रमितों की मृत्यु के लिए लगभग ९.५ महीनों का समय लगा था। लेकिन, अब उपलब्ध जानकारी के अनुसार बीते साडे तीन महीनों में ही लगभग १० लाख संक्रमितों की मौत दर्ज़ हुई है।

पूर्व यूरोप के अलावा अफ्रीका और लैटीन अमरीका में कोरोना मृतकों की संख्या मात्र चिंताजनक होने की बात कही जा रही है। कुछ दिन पहले ‘डेल्टा वेरियंट’ का नया उप-प्रकार सामने आया है और इसका फैलाव भी तेज़ होता जा रहा है। कोरोना के नए हॉटस्पॉट के पीछे अपर्याप्त टीकाकरण एवं प्रतिबंध शिथिल करने के प्रमुख कारण होने का दावा विशेषज्ञों ने किया है। कोरोना के उद्गम स्थान वाले चीन में भी इस महामारी का नया विस्फोट हुआ है। राजधानी बीजिंग के साथ प्रमुख प्रांतों में नए संक्रमित सामने आने के कारण चीनी प्रशासन की परेशानियाँ बढ़ी हैं। इसके साथ ही चीन अपने देश में फैली कोरोना की महामारी की जानकारी छुपा रहा है, यह भी स्पष्ट हो रहा है। चीन की ऐसी जानकारी छुपाने की हरकतों की वजह से, सार्वजनिक किए जाने से कई गुना अधिक मात्रा में चीन में कोरोना का विस्फोट हुआ होगा, यह चिंता जताई जा रही है।

कोरोना का निर्माण चीन ने ही किया – नई किताब का दावा 

५० लाखांवर, ५० लाख

लंदन – कोरोना वायरस का निर्माण चीन ने ही किया और इस महामारी का फैलाव लैब से विषाणु ‘लीक’ होने से ही हुआ, यह दावा नई किताब में किया गया है। ब्रिटीश पत्रकार मैट रिडले और कनाड़ा की वैज्ञानिक अलिना चैन की लिखी ‘वायरलः द सर्च फॉर द ओरिजिन ऑफ कोविड – १९’ में चीन पर आरोप लगाया गया है।

इस किताब के लिए ‘ड्रैस्टिक’ नामक गुट द्वारा प्राप्त जानकारी और ‘ओपन सोर्स इंटेलिजन्स’ का इस्तेमाल किया गया है, यह जानकारी भी साझा की गई है। कोरोना का उद्गम चीन में ही हुआ, यह खुलासा करनेवाली यह दूसरी किताब है। कुछ दिन पहले ऑस्ट्रेलियन पत्रकार शैरी मार्क्सन ने भी अपनी किताब में यह जानकारी दर्ज़ की थी कि, कोरोना का उद्गम चीन के वूहान लैब से ही हुआ।

 

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