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‘एआय’ मानवी समझ में बुनियादी बदलाव करने की क्षमता रखती है – अमरिका के वरिष्ठ कुटनीतिज्ञ हेन्री किसिंजर की चेतावनी

वॉशिंगटन – रशिया और चीन की तुलना में अमरिका आर्टिफिशल इंटेलिजन्स (एआय) क्षेत्र में काफी पीछे रह चुकी है, यह इशारा अमरिका के ‘नैशनल सिक्युरिटी कमिशन’ ने दिया है| रशिया और चीन  यह देश ‘एआय’ तकनीक का सेना के लिए इस्तेमाल कर रहे है और इस क्षेत्र में अमरिका को पीछे छोडने की बडी तैयारी इन देशों ने की है, ऐसा इशारा ‘नैशनल सिक्युरिटी कमिशन’ ने दिया है| साथ ही ‘एआय’ तकनीक में मानवी समझ में बुनियादी बदलाव करने की क्षमता होने की चेतावनी अमरिका के वरिष्ठ कुटनीतिज्ञ हेन्री किसिंजर ने दी है|

‘एआय’ के लष्करी इस्तेमाल पर दुनियाभर के विशेषज्ञ चिंता व्यक्त कर रहे है| पर, लगभग सभी प्रगत देश ‘एआय’ के लष्करी इस्तेमाल के लिए अनुसंधान कर रहे है, यह बात समय समय पर सामने आती रही है| पिछले सप्ताह में वॉशिंगटन में ‘स्ट्रेंथ थ्रू इनोव्हेशन कॉन्फरन्स’ इस परिषद का आयोजन किया गया था| इस दौरान बोलते समय अमरिका की विदेश निती के शिल्पकार समझे जा रहे वरिष्ठ कुटनीतिज्ञ हेन्री किसिंजर ने ‘एआय’ के विरोध में चेतावनी दी है| इस तकनीक का हम मात्र तकनीक के नजरिए से विचार नही करतें, यह बात किसिंजर ने इस दौरान स्पष्ट की| वही, ‘एआय’ तकनीक का ऐतिहासिक, वैचारिक और नीति के नजरिए से विचार करते है, यह भी किसिंजर ने कहा|

यह तकनीक मानवी समझ में बुनियादी बदलाव कर सकती है, यह हमें भरौसा हुआ है, यह कहकर किसिंजर ने इस तकनीक का प्रभाव रेखांकित किया| यह कहते समय उन्हों ने अपना एआय तकनीक को विरोध नही है, बल्कि यह तकनीक भविष्य में हमें बचा सकती है, यह दावा भी किसिंजर ने किया| पर, इस तकनीक से होनेवाले लाभ के साथ इसके घातक असर भी सामने आ सकते है, इस ओर किसिंजर ने ध्यान आकर्षित किया| मनुष्य पूरी तरह से ऑटोमेटिक यंत्रणा से घिर जाएगा और इसके पीछे होनेवाला कारण भी ठिक से समझ नही सकेगा, ऐसी स्थिति में क्या होगा, इसी पर हमें विचार करना होगा, यह बयान किसिंजर ने किया|

‘एआय’ तकनीक धारणात्मक निर्णय और युद्धतंत्र में मौलिक बदलाव कर रही है| पर, यह तकनीक विकसित करनेवालों को अभी भी इसके परिणामों का पुरा एहसास नही हुआ है, यह बात काफी घातक साबित हो सकती है, यह कहकर किसिंजर ने अगले समय में इस तकनीक के गंभीर परिणाम सामने आने की बात रखी है| पर, परमाणु हथियार औड़ अन्य परंपरागत हथियारों की तरह ‘एआय’ से बनते खतरों का आम तरीके से अंदाजा करना मुमकिन नही| बल्कि खतरा कहा से बन रहा है, यह बात भी ध्यान में नही आ सकेगी, इस तरह से ‘एआय’ से बनते संभावित खतरों का विचार करना होगा, ऐसा किसिंजर ने कहा है| इसी वजह से इस तकनीक पर जरूरी प्रतिबंध लगाने की और?इसके विरास पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता किसिंजर ने व्यक्त की|

इससे पहले भी किसिंजर ने आर्टिफिशल इंटेलिजन्स तकनीक का बडी गति से हो रहा विस्तार खतरनाक है, यह चेतावनी दी थी|

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