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चीन की वृत्तसंस्थाओं पर अमरिका ने कडी कार्रवाई – अमरिका में चीन की कम्युनिस्ट हुकूमत के अजेंडे पर काम करने का रखा आरोप

वॉशिंग्टन/बीजिंग – अमरिकी विदेश मंत्रालय ने चीन की शीर्ष पांच वृत्तसंस्था कम्युनिस्ट हुकूमत के एजंट होने का आरोप रखा है| अमरिका में भी मौजूद होनेवाली इन पांचो वृत्तसंस्थाओं की रजिस्ट्रि ‘विदेशी जासूस’ के तौर पर की जाएगी| साथ ही इन वृत्तसंस्थाओं ने अमरिका में उनके कर्मचारियों की नीजि जानकारी ट्रम्प प्रशासन के सामने पेश करें, यह सूचना अमरिकी विदेश मंत्रालय ने की है|

चीन की शीर्ष ‘शिनहुआ’, ‘चायना ग्लोबल टेलिव्हिजन नेटवर्क’ (सीजीटीएन समाचार चैनल), ‘चायना रेडिओ इंटरनैशनल’, ‘चायना डेली डिस्ट्रिब्युशन कॉर्पोरेशन’ और ‘हाय तियान डेव्हलपमेंट’ इन पांच वृत्तसंस्थाओं को अमरिकी विदेश मंत्रालय ने नोटीस बजाई है| चीन अपनी इन वृत्तसंस्थाओं के जरिए अमरिका में अपना अजेंडा चला रहा है, चीन के प्रचार तंत्र के लिए यह गतिविधियां जारी होने का आरोप अमरिका ने किया है|

‘अमरिका को किसी भी प्रकार के प्रचारयुद्ध में फंसना नही है| पर, चीन के माध्यमों ने अमरिका के विरोध में यह युद्ध शुरू किया है| आज अमरिका में कार्यरत चीन की हर एक वृत्तसंस्था १०० प्रतिशत चीन की कम्युनिस्ट हुकूमत के लिए काम कर रही है’, यह आरोप अमरिकी विदेश मंत्रालय ने रखा है| इस नई कार्रवाई के कारण जल्द ही चीन की वृत्तसंस्थाओं को अमरिका के कानून मंत्रालय के सामने बतौर ‘फॉरिन मिशन’ रजिस्ट्रेशन करना होगा| ऐसा हुआ तो इन चीनी वृत्तसंस्था और उनके पत्रकारों की हर एक गतिविधि पर अमरिका की नजर रहेगी, ऐसा कहा जा रहा है|

राष्ट्राध्यक्ष शी जिनपिंग ने चीन के सभी सूत्र अपने हाथ में लिए है| राष्ट्राध्यक्ष पद के साथ ही सेना का नेतृत्व और कम्युनिस्ट हुकूमत पर भी जिनपिंग पर उन्हीं का प्रभाव है| जिनपिंग के अलावा चीन में अन्य विकल्प ना होने का दावा चीन के माध्यम अपनी ही जनता और सेना के सामने लगातार कर रहे है| इन गतिविधियों की पृष्ठभूमि पर अमरिका को चीन के माध्यमों पर कार्रवाई करने का निर्णय करना पडा, यह बात अमरिकी विदेश मंत्रालय ने कही है|

अमरिका के इस निर्णय पर चीन ने जवाबी प्रतिक्रिया दर्ज की है| अपने माध्यमों के विरोध में अमरिका ने की यह कार्रवाई पुरी तरह से मंजूर नही है, यह बयान चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने किया है| अमरिका अभी भी शीतयुद्ध की मानसिकता में फंसी होने की बात इस निर्णय से स्पष्ट होती है, यह आरोप शुआंग ने किया| इससे पहले शीतयुद्ध के दौरान अमरिका ने सोवियत रशिया के ‘प्रावदा’ इस सरकारी वृत्तसंस्था के विरोध में भी इसी तरह की कार्रवाई की थी|

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