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कोरोना की वजह से निर्माण हुई अनिश्‍चितता से तृतीय विश्‍वयुद्ध भड़केगा – ब्रिटेन के रक्षाबलप्रमुख की चेतावनी

लंदन – कोरोना की महामारी से बनें अनिश्‍चितता और बेचैनी के दौर में, विश्‍वभर में फिलहाल जारी क्षेत्रीय संघर्ष तृतीय विश्‍वयुद्ध में तब्दील होने का खतरा है, ऐसी गंभीर चेतावनी ब्रिटेन के रक्षाबलप्रमुख ने दी है। प्रादेशिक स्तर पर बने तनावों का आसानी से विस्फोट होकर, कई देश युद्ध में खींचे जाते हैं, यह बात इतिहास की गतिविधियों ने इससे पहले दिखायी है, इस ओर भी रक्षाबलप्रमुख जनरल सर निक कार्टर ने ध्यान आकर्षित किया। आर्थिक संकट, जागतिक सत्ता की होड़ और क्षेत्रीय संघर्ष के ज़रिये बड़े लष्करी संघर्ष की चिंगारी कभी भी पड़ सकती है, यह ध्यान मे रखकर इस खतरे के लिए ब्रिटेन हमेशा तैयार रहें, यह भी जनरल कार्टर ने जताया।

जनरल कार्टर ने एक ब्रिटीश समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान, तीसरें विश्‍वयुद्ध को लेकर चेतावनी दी। इस समय उन्होंने, युद्ध की भयावहता क्या होती इस बात का यदि अहसास नहीं रखा गया, तो आनेवाले समय में लोगों के मन में ‘युद्ध करना उचित ही है’ यह भावना बढ़ेगी, ऐसा ड़र भी उन्होंने व्यक्त किया। कोरोना की महामारी की वजह से विश्‍व में फिलहाल काफी अनिश्‍चितता निर्माण हुई है। विश्‍व बहुत बेचैन हुआ है। जागतिक सत्ता की होड़ और बदलते समीकरण अपने जीवन का हिस्सा बने हैं। ऐसे में विश्‍व के अलग अलग हिस्सों में हो रहें क्षेत्रिय संघर्ष, यह सबसे बड़ा खतरा बनता है। कोई भी गलत कदम इस संघर्ष को बड़े युद्ध में तब्दील कर सकता है। इससे विश्‍वयुद्ध की शुरुआत होने का खतरा है और सभियों को इस खतरे को लेकर सावधानी बरतनी होगी, इन शब्दों में ब्रिटीश रक्षाबलप्रमुख ने तीसरें विश्‍वयुद्ध को लेकर चेतावनी दी।

युद्ध शुरू करनेवालों को उसके परिणामों का एहसास नहीं होता, यह दावा भी उन्होंने किया। कोई क्षेत्रीय विवाद या तनाव यकायक भड़कता है। उसमें शामिल होनेवालों की संख्या बढ़ती रहती है। बड़ी मात्रा में हथियारों का इस्तेमाल शुरू होता है और उसपर नियंत्रण प्राप्त करने से पहले ही सभी ओर से सर्वंकष युद्ध की शुरूआत होती है, यह चेतावनी कार्टर ने दी है।

इस समय कार्टर ने, पिछले शतक में हुए दो विश्‍वयुद्धों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। इतिहास शायद ज्यों का त्यों दोहराया नहीं जाएगा। लेकिन, उससे आगे की घटनाओं का अनुमान लगाया जा सकता है। बीते शतक में हुए दो विश्‍वयुद्धों का विचार करते हैं, तो उनके लिए ज़िम्मेदार साबित हुईं घटनाएँ बड़े युद्ध को भड़काने का कारण बन सकती हैं, यह दावा किसी ने भी नहीं किया होता। लेकिन, गलती हुई और हम कल्पना भी नहीं कर सकेंगे इतनी प्रचंड व्याप्ति होनेवाले युद्धों की शुरूआत हुई, इस बात का एहसास कार्टर ने कराया है।

ब्रिटीश रक्षाबलप्रमुख ने किसी भी विशिष्ट देश का या तनाव का ज़िक्र नहीं किया है। लेकिन, फिलहाल साउथ चायना सी में बना तनाव, खाड़ी एवं अफ्रीकी क्षेत्र में जारी संघर्ष, ग्रीस-तुर्की का बना विवाद और आर्मेनिया-अज़रबैजान युद्ध, ये घटनाएँ भी विश्‍वयुद्ध के लिए कारण बन सकती हैं, ऐसे दावे विश्‍लेषकों ने इससे पहले ही किये हैं।

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