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‘डूम्स डे’ ड्रोन वाहक रशियन पनडुब्बी तैनाती के लिए तैयार – रशियन वृत्तसंस्था की जानकारी

मास्को/वॉशिंग्टन – लगभग तीन सौ फीट ऊँची त्सुनामी निर्माण करके पूरा शहर डुबाने की क्षमता वाला ‘डूम्स डे’ ड्रोन तैनाती के लिए तैयार है। वर्णित ‘डूम्स डे’ यानी ‘पोसायडन’ ड्रोन वाहक रशिया की बेल्गोरॉड नामक विशाल पनडुब्बी जल्द ही पैसिफिक महासागर क्षेत्र में तैनात होगी, ऐसी जानकारी रशियन वृत्तसंस्था ने प्रदान की। इसके साथ ही आर्क्टिक क्षेत्र में भी रशिया की लष्करी गतिविधियों में बढ़ोतरी होने का दावा नॉर्वे के लष्करी विश्‍लेषक ने किया है। इस वजह से रशिया आर्क्टिक में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने की तैयार में होने का दावा पश्‍चिमी माध्यम करने लगे हैं।

फिलहाल रशिया के बेड़े की टायफून वर्ग की पनडुब्बी विश्‍व में सबसे बड़े आकार की पनडुब्बी मानी जाती है। लेकिन, करीबन १८४ मीटर लंबी बोल्गोरोड विश्‍व की ‘सुपरसाईज’ पनडुब्बी है। ३० से ३२ समुद्री मील गति से सफर करने की क्षमता वाली यह पनडुब्बी ५०० मीटर गहराई तक जा सकती है और इसमें १०० नाविकों की तैनाती हो सकती है। इसके अलावा इस पनडुब्बी पर एक साथ छह पोसायडन ‘डूम्स डे’ ड्रोन की तैनाती संभव होने का ऐलान रशिया ने पहले ही किया था।

लगभग एक हज़ार किलोमीटर दूरी तक हमला करने की क्षमता वाले डूम्स डे ड्रोन मेगाटन भार के परमाणु विस्फोटकों के साथ उड़ान भर सकते हैं। इस वजह से एक ही क्षण में युद्ध का रुख घुमाने की क्षमता यह ‘डूम्स डे ड्रोन’ रखते हैं। यह स्वयंचलित ड्रोन उत्तर अटलांटिक क्षेत्र आसानी से पार कर सकते हैं, यह दावा किया जा रहा है। सबसे अधिक विध्वंसक यह ‘ड्रोन’ शत्रु के हाथ ना लगें या सायबर आतंकी इसका गलत इस्तेमाल ना कर सकें, इस उद्देश्‍य से इन्हें ‘हैक-फ्री’ किया गया है, ऐसा दावा रशियन यंत्रणाओं ने पहले ही किया था। बीते वर्ष इसका परीक्षण भी किया गया था।

इस ‘डूम्स डे ड्रोन’ की वाहक बोल्गोरॉड पनडुब्बी पैसिफिक में तैनाती के लिए तैयार होने की जानकारी रशियन रक्षा मंत्रालय से संबंधित सूत्रों के दाखिले से रशियन वृत्तसंस्था ने जारी की। मई महीने के परीक्षण के बाद यह तैनाती मुमकिन होने की बात रशियन वृत्तसंस्था ने कही है। रशिया ऐसी तीन और पनडुब्बीयों का निर्माण कर ही है। लेकिन, इस खबर की वजह से पश्‍चिमी माध्यमों में सनसनी मची है। रशिया की पनडुब्बी और यह डूम्स डे ड्रोन अपने पूर्वीय तट के विनाश के लिए बने होने का आरोप अमरीका ने इससे पहले लगाया था।

रशिया आर्क्टिक की सीमा से इस डूम्स डे ड्रोन को छोड़कर अमरीका के पूर्वीय तट पर हाहाकार मचा सकती है, ऐसा आरोप अमरीका के लष्करी विश्‍लेषकों ने पहले लगाया था। इसका दाखिला देकर पश्‍चिमी माध्यम रशियन पनडुब्बी की इस तैनाती पर चिंता जता रहे हैं। तभी नॉर्वे की ‘इन्स्टिट्युट फॉर डिफेन्स स्टडिज’ के विश्‍लेषक कैटारज़िना ज़िस्क ने आर्क्टिक क्षेत्र में रशिया ने काफी बड़ी लष्करी तैनाती करने की बात कही है।

आर्क्टिक में रशिया ने बड़ी संख्या में पनडुब्बियों की तैनाती की है। इन पनडुब्बियों की सहायता से रशिया इस क्षेत्र पर कब्जा कर सकती है, ऐसा ज़िस्क का कहना है।

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