रशिया-बेलारूस और पोलैण्ड के बीच युद्ध छिड़ने के आसार – रशिया के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव

रशिया-बेलारूस और पोलैण्ड के बीच युद्ध छिड़ने के आसार – रशिया के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव
मास्को/वार्सा, दि. ३ (वृत्तसंस्था) – पोलैण्ड ने सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए शुरू की हुई गतिविधियां और यूक्रेन में पोलैण्ड की सेना की हुई खुफिया तैनाती के कारण रशिया-बेलारूस और पोलैण्ड के बीच युद्ध की चिंगारी भड़क सकती हैं, ऐसी चेतावनी रशिया के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने दी। पोलैण्ड की हुकूमत द्वारा व्यक्त की जा रही महत्वाकांक्षी योजनाओं का रशिया को ज्ञान हैं। इसे वास्तव में उतारने की कोशिश हुई तो इसे रशिया-बेलारूस एकजूट के साथ भारी प्रत्युत्तर देंगे, यह इशारा भी उन्होंने दिया है।
पोलैण्ड ‘रोसियस्काया गैझेटा’ नामक अखबार में लिखे लेख में पूर्व राष्ट्राध्यक्ष मेदवेदेव ने रशिया और पोलैण्ड के संबंधों पर बयान किया है। ‘पोलैण्ड की लापरवाह गतिविधियों का समर्थन करने की कोशिश यदि नाटो ने की तो इसके पुरी दुनिया पर लंबे परिणाम होंगे। पोलैण्ड यूरोप में लोमड़ी की भूमिका निभाएगा और तीसरें विश्व युद्ध की शुरूआत करेगा’, ऐसा दावा मेदवेदेव ने किया।
पोलैण्ड इस रशिया के लिए पिढ़ीयों से शत्रू देश हैं, यह कहकर समझदारी की कोशिश नाकाम हुई तो पोलैण्ड यह देश नहीं बचेगा, इन शब्दों में मेदवेदेव ने धमकाया है। इतिहास ने पहले भी पोलैण्ड को अविचारी महत्वाकांक्षा से प्राप्त होने वाली नाकामयाबी के पाठ दिए हैं, इस पर भी रशिया के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष ने ध्यान आकर्षित किया।
रशिया-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन को समर्थन प्रदान करके सहायता मुहैया करने वाले देशों में पोलैण्ड सबसे आगे था। पोलैण्ड ने यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करने के साथ ही लाखों यूक्रेनी शरणार्थियों को अपने देश में आश्रय दिया है। साथ ही पश्चिमी देशों से यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करने में पोलैण्ड ने केंद्रिय भूमिका निभायी है।
यूक्रेन के हजारों सैनिकों को प्रशिक्षण देने वाले पोलैण्ड ने यूक्रेन में शांति सेना भेजने की योजना भी पेश की थी। साथ ही रशिया-यूक्रेन युद्ध को वजह बनाकर पोलैण्ड यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से के कुछ क्षेत्र पर कब्ज़ा करेगा, ऐसे दावे भी किए गए हैं। रशिया की बढ़ती आक्रामकता की वजह से आगे करके पोलैण्ड ने अपनी रक्षा क्षमता  बढ़ना शुरू किया है और अमेरिका के साथ अरबों डॉलर के रक्षा समझौते किए हैं। अमेरिका के रक्षा अड्डे के लिए भी पोलैण्ड ने पहल की है और कम से कम १० हजार सैनिकों की तैनाती करने की मांग भी अमेरिका के सामने रखी हैं।
पोलैण्ड की इन बढ़ती गतिविधियों के कारण रशिया अब बेलारूस के माध्यम से उसे लक्ष्य कर सकता हैं, ऐसी चेतावनी विश्लेषकों ने दी है।

Click below to express your thoughts and views on this news:

https://twitter.com/WW3Info
https://www.facebook.com/WW3Info